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13 माह निष्कासन के बाद भाजपा में लौटे विधायक कुंवर प्रणव सिंह चैंपियन, कहा- खेद है, अनुशासन का पालन करूंगा

By भाषा | Updated: August 24, 2020 16:14 IST

प्रदेश भाजपा अध्यक्ष बंशीधर भगत ने यहां यह घोषणा की। चैंपियन का पार्टी में स्वागत करते हुए भगत ने कहा, ‘‘अपने आचरण के लिए क्षमा मांगने के बाद चैंपियन का निष्कासन रद्द कर दिया गया है।’’

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ठळक मुद्दे13 माह के निष्कासन के दौरान उनके अच्छे आचरण के आधार पर पार्टी ने सामूहिक रूप से कोर कमेटी की बैठक में लिया। पार्टी में वापसी से खुश चैंपियन ने कहा कि भाजपा से बाहर रहते हुए भी वह पार्टी के लिए ही काम करते रहे।गौरतलब है कि उनके खिलाफ लगे कई आरोपों में से एक मीडिया के साथ अभद्र व्यवहार भी था।

देहरादूनः भाजपा ने सोमवार को हरिद्वार जिले के खानपुर से विधायक कुंवर प्रणव सिंह चैंपियन का निष्कासन रद्द करते हुए उन्हें वापस पार्टी में शामिल कर लिया।

प्रदेश भाजपा अध्यक्ष बंशीधर भगत ने यहां यह घोषणा की। चैंपियन का पार्टी में स्वागत करते हुए भगत ने कहा, ‘‘अपने आचरण के लिए क्षमा मांगने के बाद चैंपियन का निष्कासन रद्द कर दिया गया है।’’ उन्होंने बताया कि चैंपियन को पार्टी में वापस लेने का निर्णय 13 माह के निष्कासन के दौरान उनके अच्छे आचरण के आधार पर पार्टी ने सामूहिक रूप से कोर कमेटी की बैठक में लिया।

पार्टी में वापसी से खुश चैंपियन ने कहा कि भाजपा से बाहर रहते हुए भी वह पार्टी के लिए ही काम करते रहे। चैंपियन में अपने खराब बर्ताव के लिए मीडिया के सामने भी माफी मांगी। गौरतलब है कि उनके खिलाफ लगे कई आरोपों में से एक मीडिया के साथ अभद्र व्यवहार भी था।

उन्होंने कहा, ‘‘मुझे तब भी अफसोस था और आज मैं फिर अपने किए पर हाथ जोड़कर माफी मांगता हूं। लेकिन निष्कासन की अवधि में भी मैं पार्टी के कार्यक्रमों और नीतियों के लिए काम करता रहा हूं।’’ बार—बार विवादों में घिरे रहने वाले विधायक चैंपियन का एक विवादास्पद वीडियो सामने आने के बाद उन्हें पिछले साल 17 जुलाई को भाजपा ने पार्टी से छह साल के लिये निष्कासित कर दिया था।

वायरल वीडियो में विधायक अपने समर्थकों के साथ शराब पीते और हाथ में बंदूक उठाये नृत्य करते दिखायी दिए थे। इससे पहले, जून 2019 में अनुशासनहीनता तथा नयी दिल्ली में उत्तराखंड निवास में एक पत्रकार को धमकी देने के आरोपों की जांच के बाद चैंपियन को तीन माह के लिए निलंबित किया गया था और पार्टी गतिविधियों में शामिल होने पर रोक लगा दी गयी थी।

वर्ष 2016 में कांग्रेस की हरीश रावत सरकार के खिलाफ बगावत करने वाले नौ विधायकों में चैंपियन भी शामिल थे। बाद में उन्होंने अन्य कांग्रेसी विधायकों की तरह भाजपा का दामन थाम लिया था।

टॅग्स :भारतीय जनता पार्टी (बीजेपी)उत्तराखण्डत्रिवेंद्र सिंह रावत
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