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बिहार: चुनाव आयोग ने लगाई पाबंदी, जाप अध्यक्ष पप्पू यादव ने किया विरोध, कहा- कोर्ट में दाखिल करेंगे पीआईएल

By एस पी सिन्हा | Updated: September 26, 2020 18:29 IST

जाप अध्यक्ष पप्पू यादव ने कहा कि जिस पार्टी के पास पैसे नहीं वह कैसे यह सब कर पाएगी?

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ठळक मुद्देपप्पू यादव ने कहा कि जनता और उनकी पार्टी ‘जाप’ दोनों चुनाव के लिए तैयार है।पप्पू यादव दलील दी कि 80 फीसदी लोगों के पास इंटरनेट की सुविधा नहीं, गरीबों के पास लैपटॉप नहीं है।

पटना: चुनाव की घोषणा होते ही बिना अनुमति के राजनैतिक सभा, जुलूस, धरना या प्रदर्शन पर रोक लगा दी गई है. इसके लिए थाना के एनओसी पर एसडीओ द्वारा अनुमति प्रदान की जायेगी.

ऐसे में जन अधिकार पार्टी (जाप) के राष्ट्रीय अध्यक्ष पप्पू यादव ने चुनाव आयोग द्वारा सिर्फ वर्चुअल और डिजिटल रैली की अनुमति दिये जाने के खिलाफ सोमवार को पीआईएल दाखिल करने का ऐलान किया है.

पप्पू यादव दलील दी कि 80 फीसदी लोगों के पास इंटरनेट की सुविधा नहीं, गरीबों के पास लैपटॉप नहीं और बाढ़ के कारण बिजली नहीं मिल रही है. ऐसे में वर्चुअल रैली से कैसे जनता से संपर्क होगा?

उन्होंने इसे चोर दरवाजे से सरकार बनाने की साजिश करार दिया है. जाप अध्यक्ष ने पूछा कि जिस पार्टी के पास पैसे नहीं वह कैसे यह सब कर पाएगी? उन्होंने कहा कि जनता और उनकी पार्टी ‘जाप’ दोनों चुनाव के लिए तैयार है, लेकिन जब जनता से हम मिलेंगे ही नहीं तो अपनी बात कैसे रखेंगे?

पप्पू यादव ने कहा कि चुनाव आयोगबिहार की हकीकत से अवगत नहीं है-

उन्होंने मांग की कि नॉमिनेशन के तरीके को भी बदलना चाहिए. पप्पू यादव ने कहा कि चुनाव आयोग बिहार की हकीकत से अवगत नहीं है. तीन हिस्सा बिहार नदियों में डूबा है. छपरा-सीवान का हिस्सा डूबा है.

महानन्दा-कोसी उफान पर है. पूरा बिहार कोरोना वायरस से डरा हुआ है. उन्होंने सवाल किया कि जब हालात अच्छे नहीं तो चुनाव क्यों? पप्पू यादव ने कहा कि जो सरकार किसान के साथ नहीं, उसे रहने का अधिकार नहीं. 

यहां बता दें कि चुनाव आयोग ने जो दिशा-निर्देश जारी किया है उसके अनुसार जिला प्रशासन द्वारा तय किये गये स्थल व भवन में ही प्रदर्शन, सभा किया जा सकता है. सभा स्थल पर प्रवेश व निकासी का जगह स्पष्ट होना चाहिए.

सभा स्थल पर प्रवेश व निकासी का जगह स्पष्ट होना चाहिए-

चुनावी रैली, रोड शो भी अनुमति के उपरांत ही किया जा सकता है. इसके लिए संबंधित विधानसभा के निर्वाची पदाधिकारी या सिंगल विंडो सिस्टम या एप के माध्यम से अभ्यर्थियों व राजनैतिक दल को अनुमति प्रदान करायी जायेगी. इसके अलावे सभा में ध्वनि विस्तारक यंत्र के लिए अनुमति लेनी होगी.

चुनाव को लेकर आवश्यक दिशा-निर्देश जारी कर दिये गये हैं. इसके साथ ही ध्वनि विस्तारक यंत्र का उपयोग रात दस बजे से सुबह छह बजे तक नहीं किया जा सकता है. आदेश के अनुसार, कोई भी व्यक्ति, राजनैतिक दल, संगठन किसी धार्मिक स्थल का उपयोग राजनैतिक प्रचार आदि के लिए नहीं कर सकते हैं और, सांप्रदायिक भावना को भडकाने का कार्य नहीं कर सकते हैं. 

इसके साथ ही कोई भी व्यक्ति आग्नेयास्त्र, तीर-धनुष, लाठी, भाला, गड़ासा व मानव शरीर के लिए घातक किसी भी हथियार का प्रदर्शन सार्वजनिक रूप से नहीं कर सकते हैं. हालांकि यह आदेश परंपरागत ढंग से शस्त्र धारण करने वाले समुदाय, विधि-व्यवस्था व निर्वाचन के काम में लगे दंडाधिकारी, निर्वाचन कर्मी, पुलिस आदि पर लागू नहीं होगा.

कोविड गाइडलाइन के शर्तों के अनुसार अभ्यर्थी समेत कुल पांच व्यक्ति ही कर सकेंगे प्रचार

वहीं, कोविड गाइडलाइन के शर्तों के अनुसार अभ्यर्थी समेत कुल पांच व्यक्ति व उनके अंगरक्षक ही घर-घर जा कर चुनाव प्रचार कार्य कर सकते हैं. इससे अधिक लोगों की उपस्थिति पर रोक लगाई गई है. इसके साथ ही रोड शो में गाडियों के काफिले में अधिकतम दस वाहनों की बजाये पांच के अलग हो कर जाने पर भी रोक है.

गाड़ियों के काफिले के दो समूहों के के बीच 100 मीटर की दूरी के बजाये आधे घंटे का अंतराल रखना होगा. जबकि सरकारी भूमि पर अतिक्रमण कर चुनाव कार्यालय बनाने पर रोक लगाई गई है. इसके साथ ही शैक्षणिक संस्थानों, अस्पताल से 200 मीटर की दूरी पर होना चाहिए. मतदान केंद्र के 200 मीटर की परिधि में लाउडस्पीकर बजाने की अनुमति नहीं होगी.

सरकारी उपक्रम, भवनों व संपत्ति पर बैनर, पोस्टर व होर्डिंग लगाने पर रोक लगा दी गई-

आयोग के दिशा-निर्देश के अनुसार सरकारी, सरकारी उपक्रम, भवनों व संपत्ति पर बैनर, पोस्टर व होर्डिंग लगाने पर रोक लगा दी गई है. निजी आवास, स्थान पर बैनर, पोस्टर आदि लगाने के लिए संबंधित भूस्वामी की अनुमति आवश्यक होगी. इसके साथ ही तीन दिनों के अंदर निर्वाची पदाधिकारी को इस संबंध में जानकारी भी देनी होगी.

निर्वाची व सहायक निर्वाची पदाधिकारी के कक्ष के पास नामांकन के समय सौ मीटर के अंदर केवल दो वाहनों के ही प्रवेश की अनुमति दी जायेगी. इसके साथ ही वाहनों के काफिले में अधिकतम पांच वाहन ही हो सकते हैं और दो वाहनों वाहनों के काफिले के बीच न्यूनतम आधे घंटे की दूरी रखनी अनिवार्य है. रिक्शा, बाइक को भी वाहन के रूप में गणना की जायेगी.

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