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बिहार: बीजेपी के मंडल अध्यक्षों ने की 30 विधायकों के टिकट काटने की अपील, जानें लिस्ट में कौन हैं शामिल

By अनुराग आनंद | Updated: September 29, 2020 21:07 IST

मंडल इकाई अध्यक्षों ने साफ शब्दों में पिछले चुनाव में 25 हजार से अधिक वोट से हारने वाले नेताओं को टिकट नहीं देने की सलाह पार्टी के बड़े नेताओं को दी है।

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ठळक मुद्देपार्टी को भेजे गए सलाह में 25 हजार या इससे अधिक वोट से हारने वाले कई नेताओं को टिकट नहीं देने की बात कही गई है। इनमें मुख्य तौर पर वर्ष 2015 के चुनाव में पिपरा से विश्वमोहन कुमार- 36369 मतों से चुनाव हार गए थे।लखीसराय से विधायक व मंत्री विजय सिन्हा के खिलाफ कार्यकर्ताओं ने पटना कार्यालय में प्रदर्शन किया था।

नई दिल्ली:बिहार विधानसभा चुनाव 2020 के नजदीक आते ही उम्मीदवारों को लेकर हर राजनीतिक दल में अंतर्कलह शुरू हो गया है। बिहार से खबर है कि भारतीय जनता पार्टी के मंडल अध्यक्षों ने ही अपनी पार्टी के 30 विधायकों के फिर से उम्मीदवार बनाए जाने पर जीत को लेकर आशंका जताई है। 

हिन्दुस्तान अखबार की मानें तो प्रदेश के 30 विधायकों को लेकर बीजेपी के मंडल अध्यक्षों ने साफ कहा है कि इन लोगों को उम्मीदवार बनाए जाने से जीत मुश्किल होगी। मंडल इकाई अध्यक्षों ने साफ शब्दों में ऐसे लोगों को भी टिकट नहीं देने की सलाह पार्टी के बड़े नेताओं को दी है, जो 25 हाजर या इससे अधिक वोटों से चुनाव हारे थे। 

इस लिस्ट में पिछले चुनाव में हारने वाले भाजपा के ये नेता हैं शामिल-

रिपोर्ट की मानें तो मंडल अध्यक्षों द्वारा पार्टी को भेजे गए सलाह में 25 हजार या इससे अधिक वोट से हारने वाले कई नेताओं को टिकट नहीं देने की बात कही गई है। इनमें मुख्य तौर पर वर्ष 2015 के चुनाव में पिपरा से विश्वमोहन कुमार- 36369 मतों से चुनाव हार गए थे। इसी तरह सुपौल से किशोर कुमार-37397, अमौर से सबा जफर-51997, बिहारीगंज से रवीन्द्र चरण यादव-29253, मधेपुरा से विजय कुमार विमल- 37642, सहरसा से आलोक रंजन-39206, गरखा से ज्ञानचंद मांझी-39883, सोनपुर से विनय कुमार सिंह-36396 मतों से हार गए थे। जबकि समस्तीपुर से रेणु कुमारी-31080, सराय रंजन से रंजीत निर्गुनी-34044, रोसड़ा से मंजू हजारी-34361, बखरी से रामानंद राय-40256, परबत्ता से रामानुज चौधरी-28924, सूर्यगढ़ा से प्रेमरंजन पटेल-30030, बिक्रम से अनिल कुमार-44311, राजपुर से विश्वनाथ राम-32788 व बोधगया से श्यामदेव पासवान-30473 मतों से हार गए थे। 

पार्टी के 53 में से 30 विधायकों के टिकट काटने की सलाह-

बता दें कि पार्टी सूत्रों के अनुसार भाजपा के मौजूदा 53 में से 30 से अधिक विधायकों के खिलाफ मंडल अध्यक्षों ने अपनी राय दी है। दो टूक कहा है कि अगर दल को पक्की जीत सुनिश्चित करनी है तो चेहरा बदला जाना जरूरी है।  हालांकि मंडल अध्यक्षों ने यह भी कहा है कि मतदाताओं में दल के प्रति निष्ठा बरकरार है। 

बता दें कि लखीसराय से विधायक व मंत्री विजय सिन्हा के खिलाफ कार्यकर्ताओं ने पटना कार्यालय में प्रदर्शन किया था। इसके अलावा, दानापुर, बांकीपुर व बोचहा विधानसभा पर भी लोगों ने उम्मीदवार बदलने के लिए पार्टी कार्यालय पर प्रदर्शन किया है। इसके अलाव कई नाम हैं जो सामने नहीं आए हैं।

टॅग्स :बिहारभारतीय जनता पार्टी (बीजेपी)बिहार विधान सभा चुनाव २०२०
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