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बिहार विधानसभा चुनावः राजद को एक और झटका, सात विधायकों ने छोड़ा साथ, MLA वीरेंद्र कुमार जदयू में

By एस पी सिन्हा | Updated: September 1, 2020 15:36 IST

राजद को आज एक और बड़ा झटका लगा है. बेगूसराय जिले के तेघड़ा से राजद विधायक वीरेंद्र कुमार ने जदयू की सदस्यता ग्रहण कर लिया. मुंगेर के सांसद और लोकसभा में पार्टी संसदीय दल के नेता राजीव रंजन उर्फ ललन सिंह ने उन्हें सदस्यता दिलाई.

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ठळक मुद्देवीरेंद्र कुमार ने कहा कि वे नीतीश कुमार के विकास कार्यों से प्रभावित होकर जदयू में शामिल हुए हैं. राजद में अनुशासन खत्म है, वहां बडे़ नेताओं की भी कद्र नहीं की जाती है. एक परिवार की पार्टी बनकर राजद रह गया है.सांसद ललन सिंह ने दावा किया कि राजद के कई और विधायक पार्टी में शामिल होंगे.

पटनाः बिहार विधानसभा चुनाव की सुगबुगाहट के साथ ही टिकट पाने की होड़ में दल बदल का दौर शुरू हो चुका है. कई लोगों ने पाला बदल लिया है और कई लोग मौके की तलाश में छटपटा रहे हैं.

इस बीच राजद को आज एक और बड़ा झटका लगा है. बेगूसराय जिले के तेघड़ा से राजद विधायक वीरेंद्र कुमार ने जदयू की सदस्यता ग्रहण कर लिया. मुंगेर के सांसद और लोकसभा में पार्टी संसदीय दल के नेता राजीव रंजन उर्फ ललन सिंह ने उन्हें सदस्यता दिलाई.

इस अवसर पर वीरेंद्र कुमार ने कहा कि वे नीतीश कुमार के विकास कार्यों से प्रभावित होकर जदयू में शामिल हुए हैं. उधर, सांसद ललन सिंह ने दावा किया कि राजद के कई और विधायक पार्टी में शामिल होंगे. उन्होंने कहा कि राजद में अनुशासन खत्म है, वहां बडे़ नेताओं की भी कद्र नहीं की जाती है. एक परिवार की पार्टी बनकर राजद रह गया है.

नीतीश कुमार हमारे बडे़ भाई की तरह

उन्होंने कहा कि हमने शुरू से ही नीतीश कुमार के साथ हैं. नीतीश कुमार हमारे बडे़ भाई की तरह हैं. विकास का काम जितना जदयू ने किया, उतना किसी ने नहीं किया. उन्होंने आगे कहा कि राजद में कोई कहीं से भी आता है और टिकट ले लेता है. मुंबई और कोलकाता से आता है, टिकट पा जाता है. जनता मौका आने पर जवाब दे देती है.

अब तक राजद के 7 विधायक पार्टी छोड़कर जदयू में शामिल हो चुके हैं. जबकि कई अन्य विधायक बहुत जल्द राजद छोड़कर जदयू में शामिल होने वाले हैं. राजद में लोकतंत्र और अनुशासन खत्म हो चुका है. वीरेंद्र कुमार ने कहा कि एनडीए सरकार का काम पूरे बिहार में दिख रहा है.

इसलिए सभी लोग एनडीए में आना चाह रहे हैं. जिनपर किसी प्रकार का आपाधिक मुकदमा नहीं है या जो किसी प्रकार के दागी नहीं है, उन्हें ही पार्टी में शामिल होने की अनुमति राष्ट्रीय अध्यक्ष की ओर से मिल रही है. वैसे कतार तो बड़ी लंबी है, लेकिन सभी को पार्टी में शामिल भी नहीं कराया जा सकता है. आनेवाले समय में कुछ और विधायकों को पार्टी में शामिल कराया जाएगा.

लालू-तेजस्वी पर हमला करते हुए कहा कि राजद में अब कोई दम नहीं है

वहीं, जदयू सांसद ललन सिंह ने लालू-तेजस्वी पर हमला करते हुए कहा कि राजद में अब कोई दम नहीं है. राजद नेताओं को अब इसकी जानकारी हो गई है. चुनाव में वे कहां पर रहेंगे, उनको ये जानकारी हो गई है. 2010 में जो स्थिति थी, उससे भी खराब स्थिति राजद की रहेगी.

2015 में नीतीश कुमार के चेहरे की वजह से स्थिति बदली थी. बजार में सबसे कम बिकने वाला प्रोडक्ट राजद है. राजद विज्ञापन कर रही है ताकि टिकट में नगद-नारायण लेकर कुछ धन बन जाये. परिणाम के बारे में तो राजद के नेता भी जानते हैं. लालू प्रसाद यादव के खिलाफ झारखंड हाईकोर्ट में पीआईएल दायर किए जाने पर सांसद ललन सिंह ने कहा कि उन्हें इसकी जानकारी नहीं.

1998 की बात है, जब लालू जेल गए थे, तब गेस्ट हाउस को जेल बना दिया गया था. सुप्रीम कोर्ट ने तब टिप्पणी की थी, जब जेल में सुरक्षा नहीं, तो गेस्ट हाउस में कैसे सुरक्षा होगी? लालू की पुरानी आदत है, भ्रष्टाचार करने में उनको शर्म नहीं आती, जेल में रहना शर्मनाक लगता है. लालू प्रसाद आदतन भ्रष्टाचारी हैं, मौका मिला, तो भ्रष्टाचार किया.

मंत्री बीमा भारती के पति ने राजद से चुनाव लड़ने का ऐलान कर दिया

इसबीच खबर आ रही है कि नीतीश सरकार की मंत्री बीमा भारती के पति ने राजद से चुनाव लड़ने का ऐलान कर दिया है, तो वहीं चर्चा गरम है कि लालू के कई दरबारी विधायक पार्टी छोड सकते हैं तो दूसरी तरफ रामा सिंह को एंट्री नहीं मिलने के बाद अब उनकी पत्नी राजद का झंडा उठाएंगी.

उल्लेखनीय है कि रघुवंश प्रसाद सिंह बनाम रामा सिंह के टकराव में लालू यादव ने रामा सिंह की एंट्री पर बैन लगा दिया है. ऐसी स्थिति में रामा सिंह की पत्नी के लालटेन थामने की खबर जोरों पर है. वही पूर्व केन्द्रीय मंत्री स्वर्गीय दिग्विजय सिंह की बेटी नेशनल शूटर श्रेयसी सिंह राजद से उम्मीदवार बनने की तैयारी में लग गई हैं.

बताया जा रहा है कि रामा सिंह की पत्नी को वीणा देवी को महनार से उम्मीदवार बनाया जा सकता है. रामा सिंह की पत्नी सरकारी कर्मचारी हैं. फिलहाल यह कयास लगाए जा रहे हैं कि लालू परिवार के करीबी और दरबारी विधायक शक्ति सिंह यादव और विजय कुमार विजय जल्द ही राजद छोड़कर जदयू का दामन थाम लेंगे.

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