Guru Purnima 2021: कब है गुरु पूर्णिमा, जानें शुभ मुहूर्त और इसका महत्व

Published: July 22, 2021 09:46 PM2021-07-22T21:46:40+5:302021-07-22T21:46:40+5:30

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हिंदू पंचांग के अनुसार हर आषाढ़ मास की पूर्णिमा तिथि पर इसे मनाया जाता है।

आषाढ़ मास की गुरु पूर्णिमा 24 जुलाई यानी कल है।

आषाढ़ मास की पूर्णिमा को गुरु पूर्णिमा या व्यास पूर्णिमा कहा जाता है। इस दिन गुरु का पूजन किया जाता है।

भारत में गुरु पूर्णिमा बड़ी श्रद्वा भक्ति से मनाई जाती है।

सभी शिष्य अपने-अपने गुरु का पूजन करते हैं। चारों वेद ऋग्वेद, यजुर्वेद, सामवेद, अर्थवेद के प्रथम प्रख्याता व पराशर ऋषि के पुत्र कृष्ण द्वैपायन का पूजन विशेष रूप से किया जाता है।

वेदों का ज्ञान हमें व्यासजी से प्राप्त हुआ है, इसलिए वही आदिगुरु है।

व्यासजी की स्मृति बनाए रखने के लिए हमें अपने अपने गुरु को व्यास जी का अंश मानकर श्रद्वा भक्ति से उनका पूजन करना चाहिए।

पूर्णिमा के दिन सुबह जल्दी उठकर स्नान करें और बाद में स्वच्छ वस्‍त्र धारण करें।

गुरु पूर्णिमा के दिन गुरु आरती करने का विशेष महत्व है। गुरु आरती में आपके हृदय में उठ रहे भाव निखर कर सामने आते हैं।

आइये आपको बताते हैं गुरु पूर्णिमा के दिन गुरु की आरती... सद्‍गुरु की आरती

ॐ ये देवासो दिव्येकादशस्थ पृथिव्या मध्येकादश स्थ।

अप्सुक्षितो महिनैकादश स्थ ते देवासो यज्ञमिमं जुषध्वम्‌॥

ॐ अग्निर्देवता व्वातो देवता सूर्य्यो देवता चंद्रमा देवता।

व्वसवो देवता रुद्द्रा देवता ऽऽदित्या देवता मरुतो देवता।व्विश्वेदेवा देवता बृहस्पति द्देवतेन्द्रो देवता व्वरुणो देवता।कर्पूर गौरं करुणावतारं संसार सारं भुजगेन्द्रहारम्‌।

सदावसन्तं हृदयारविन्दे भवं भवानी सहितं नमामि॥