1 / 12वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने रविवार को कहा कि आयकर अधिनियम 2025 को एक अप्रैल से लागू किया जाएगा और इसके नियम तथा ‘टैक्स रिटर्न’ फॉर्म जल्द ही अधिसूचित किए जाएंगे। 2 / 12एक अप्रैल से आयकर अधिनियम 2025 लागू हो जाएगा, जो छह दशक पुराने कर कानून का स्थान लेगा। 3 / 12बजट 2026-27 में कर कानूनों में किए गए बदलावों को इस नए कानून में शामिल किया जाएगा। 4 / 12सीतारमण ने रविवार को लोकसभा में अपने बजट भाषण में कहा, ‘‘इसे (प्रत्यक्ष कर संहिता) रिकॉर्ड समय में पूरा किया गया और आयकर अधिनियम, 2025 पहली अप्रैल, 2026 से प्रभावी होगा। 5 / 12सरलीकृत आयकर नियमों और फॉर्म को जल्द ही अधिसूचित किया जाएगा, जिससे करदाताओं को इसकी आवश्यकताओं से परिचित होने के लिए पर्याप्त समय मिल सके।’’ 6 / 12उन्होंने आगे कहा कि फॉर्म को इस तरह से तैयार किया गया है कि सामान्य नागरिक बिना किसी कठिनाई के इनका पालन कर सकें। 7 / 12वर्ष 2025 का आयकर कानून राजस्व तटस्थ है और इसमें कर दरों में कोई बदलाव नहीं किया गया है। 8 / 12इसने केवल प्रत्यक्ष कर कानूनों को समझने में सरल बनाया है। 9 / 12अस्पष्टताओं को दूर किया है, जिससे मुकदमों की गुंजाइश कम हुई है।10 / 12केंद्रीय वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने रविवार को उन अनिवासियों के लिए न्यूनतम वैकल्पिक कर (मैट) से छूट देने का प्रस्ताव रखा, जो अनुमानित आधार पर कर का भुगतान करते हैं। अपने बजट भाषण में उन्होंने कहा कि आईटी सेवाओं के लिए सुरक्षित स्थल का लाभ उठाने की सीमा 300 करोड़ रुपये से बढ़ाकर 2,000 करोड़ रुपये की जा रही है। 11 / 12वित्त मंत्री ने कहा कि शराब, स्क्रैप (कबाड़) और खनिज पर स्रोत पर कर संग्रह की दर को तर्कसंगत बनाकर दो प्रतिशत कर दिया गया है। 12 / 12सीतारमण ने स्वदेशी लेखा कंपनियों को बढ़ावा देने के लिए सुरक्षित आश्रय नियमों के तहत लेखाकारों की परिभाषा को युक्तिसंगत बनाने की भी घोषणा की। उन्होंने कहा कि सरकार नई कर व्यवस्था के तहत अंतर-सहकारी समितियों के लाभांश आय को कटौती के रूप में स्वीकार करेगी।