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प्राइवेट नौकरी वालों को टेक होम सैलरी बढ़ाने के लिए वित्त मंत्री ने उठाया यह कदम, EPFO को लेकर बदला नियम

By सुमित राय | Updated: May 13, 2020 18:09 IST

वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने बुधवार को प्राइवेट नौकरी करने वालों की टेक होम सैलरी बढ़ाने के लिए भी कदम उठाया।

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ठळक मुद्देवित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने बुधवार को पीएम मोदी द्वारा घोषित 20 लाख करोड़ रुपये के पैकेज को लेकर जानकारी दी।वित्त मंत्री ने अगले 3 महीने तक पीएफ को 12 प्रतिशत से कम कर 10 प्रतिशत करने का ऐलान किया।इससे नियोक्ताओं के पास 6,750 करोड़ रुपये की अतिरिक्त नकदी उपलब्ध होगी।

वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने बुधवार को पीएम मोदी द्वारा घोषित 20 लाख करोड़ रुपये के पैकेज को लेकर जानकारी दी। इस दौरान उन्होंने संगठित क्षेत्र के कर्मचारियों के ईपीएफ को लेकर दो बड़ी घोषणाएं की। वित्त मंत्री ने ईपीएफ के लिए दी जा रही सहायता तीन महीनों के लिए बढ़ाने का ऐलान करने के साथ ही प्राइवेट नौकरी करने वालों की टेक होम सैलरी बढ़ाने के लिए भी कदम उठाया।

वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने कर्मचारियों को टेक होम सैलरी बढ़ाने के लिए अगले तीन महीने तक पीएफ को 12 प्रतिशत से कम कर 10 प्रतिशत करने का ऐलान किया। उन्होंने कहा, "जिन कर्मचारियों का 24 प्रतिशत ईपीएफ अंशदान सरकार नहीं भर रही है, यानी जिनकी सैलरी 15 हजार से ज्यादा है, उनके मामले में नियोक्ता और कर्मचारी दोनों के लिए पीएफ में योगदान का प्रतिशत घटाकर 12 से 10 प्रतिशत किया गया है। इससे नियोक्ताओं के पास 6,750 करोड़ रुपये की अतिरिक्त नकदी उपलब्ध होगी।" उन्होंने कहा कि जो हमारे सरकारी संस्थान, PSU's और PSE's हैं उनमें पीएफ कॉन्ट्रीब्यूशन 12 प्रतिशत ही रहेगा।

इसके अलावा निर्मला सीतारमण ने ऐलान किया कि 15 हजार से कम सैलरी वालों का ईपीएफ अगले तीन महीने के लिए सरकार जमा करेगी। पहले तीन महीनों के लिए किया गया था, जिसे बढ़ाकर अगले तीन महीने जून, जुलाई और अगस्त तक कर दिया गया है। इसका फायदा 3.67 लाख कंपनियों और 72.22 लाख कर्मचारियों को मिलेगा।

बता दें कि मार्च में वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने तीन महीने के लिए ईपीएफ भुगतान करने का ऐलान किया था। उन्होंने कहा था, "ईपीएफ की 24 प्रतिशत (12 प्रतिशत कर्मचारी और 12 प्रतिशत नियोक्ता) रकम अगले 3 महीने तक सरकार देगी। ये उन कंपनियों के लिए लागू होगा, जिनके कर्मचारियों की संख्या 100 तक है और जिसमें 90 प्रतिशत कर्मचारियों की औसत आमदनी 15000 प्रतिमाह है।"

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