लाइव न्यूज़ :

कोरोना संकट के बीच इन सरकारी कर्मचारियों को झटका, बढ़े हुए महंगाई भत्ते पर अगले आदेश तक लगी रोक

By भाषा | Updated: April 4, 2020 08:14 IST

तत्कालीन कमलनाथ के नेतृत्व वाली मध्य प्रदेश की कांग्रेस सरकार ने अपनी सरकार के गिरने से ठीक चार दिन पहले 16 मार्च को आदेश जारी कर स्थायी कर्मियों को महंगाई भत्ते में एक जुलाई 2019 से सातवें वेतनमान में 5 प्रतिशत की वृद्धि कर 17 प्रतिशत करने का आदेश दिया था।

Open in App
ठळक मुद्देसरकारी कर्मचारियों के महंगाई भत्ते में की गई बढ़ोतरी को अगले आदेश तक रोक दिया है। कांग्रेस नीत सरकार ने महंगाई भत्ते में सरकार गिरने के चार दिन पहले वृद्धि की थी।

भोपाल: कोरोना वायरस को फैलने से रोकने के लिए जारी लड़ाई के बीच मध्यप्रदेश में शिवराज सिंह चौहान के नेतृत्व वाली भाजपा नीत सरकार ने सरकारी कर्मचारियों के महंगाई भत्ते में की गई बढ़ोतरी को अगले आदेश तक रोक दिया है। कांग्रेस नीत सरकार ने शासकीय सेवकों के महंगाई भत्ते में सरकार गिरने के चार दिन पहले वृद्धि की थी।

मालूम हो कि तत्कालीन कमलनाथ के नेतृत्व वाली मध्य प्रदेश की कांग्रेस सरकार ने अपनी सरकार के गिरने से ठीक चार दिन पहले 16 मार्च को आदेश जारी कर शासकीय सेवकों एवं स्थायी कर्मियों को महंगाई भत्ते में एक जुलाई 2019 से सातवें वेतनमान में 5 प्रतिशत की वृद्धि कर 17 प्रतिशत करने का आदेश दिया था तथा छठवें वेतनमान में 10 प्रतिशत की वृद्धि कर 164 प्रतिशत करने का आदेश दिया था।

इस महंगाई भत्ता का नगद भुगतान मार्च 2020 के वेतन में किये जाने के निर्देश दिए थे। मध्य प्रदेश के वित्त विभाग के उप सचिव अजय चौबे ने एक अप्रैल को नया आदेश जारी कर उपर्युक्त आदेश का क्रियान्वयन आगामी आदेश तक स्थगित कर दिया है। मध्य प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष एवं प्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री कमलनाथ ने शिवराज सरकार के इस निर्णय को कर्मचारी विरोधी बताया है।

कमलनाथ ने ट्विटर पर लिखा, ''हमारी सरकार ने प्रदेश के लाखों कर्मचारियों की माँग को पूरा करते हुए उनके हित में एक ऐतिहासिक फ़ैसला लिया था। इस निर्णय का प्रदेश के लाखों कर्मचारियों ने स्वागत किया था।'' उन्होंने आगे लिखा, ''लेकिन शिवराज सरकार ने आते ही इस आदेश के क्रियान्वयन पर रोक लगाकर अपनी कर्मचारी विरोधी सोच को उजागर कर दिया है। मैं शिवराज सरकार से माँग करता हूँ कि वो तत्काल इस रोक को हटाएं अन्यथा कांग्रेस इस तानाशाही पूर्ण निर्णय का पुरज़ोर विरोध करेगी।''

वहीं, मध्य प्रदेश भाजपा के प्रवक्ता रजनीश अग्रवाल ने बताया, ''भाजपा के 15 साल का पूर्व शासन काल बताता है कि हमारी पार्टी कर्मचारी हितैषी है। कोरोना वायरस की महामारी के समय हमारी सरकार ने यह सही निर्णय लिया है, क्योंकि इस वक्त हमारी प्राथमिकता कोरोना वायरस के फैलाव को रोकना है।'' 

टॅग्स :कोरोना वायरसमध्य प्रदेश में कोरोनाशिवराज सिंह चौहान
Open in App

संबंधित खबरें

कारोबारसफल हुए सीएम डॉ. मोहन यादव के प्रयास, केंद्र सरकार ने कई योजनाओं के लिए दी मंजूरी

भारतस्वामी अविमुक्तेश्वरानंद सरस्वती और यूपी सीएम योगी आदित्यनाथ के बीच विवाद पर भाजपा की चुप्पी!

भारतविधानसभा चुनाव 2026ः प्रियंका गांधी वाड्रा के लिए असम की राह आसान नहीं

कारोबार15.18 करोड़ टन उत्पादन के साथ चीन को पछाड़कर दुनिया का सबसे बड़ा चावल उत्पादक भारत?, कृषि मंत्री शिवराज सिंह चौहान ने 25 फसलों की 184 नई किस्में जारी की

भारतलोकसभा में पास हुआ 'जी राम जी' बिल, शिवराज चौहाने बोले- "कांग्रेस ने बापू के आदर्शों को खत्म कर दिया"

पर्सनल फाइनेंस अधिक खबरें

पर्सनल फाइनेंसLIC New Schemes: LIC ने शुरू की 2 नई योजनाएं, पूरे परिवार के लिए मिलेगी ये सुविधा, यहां करें चेक

पर्सनल फाइनेंसPPO Number: रिटायर पेंशनभोगियों के लिए जरूर है PPO नंबर, जानें क्या है ये और ऑनलाइन कैसे करें पता

पर्सनल फाइनेंसLIC Amrit Bal Policy: बच्चों के भविष्य के लिए जरूर कराए LIC की ये पॉलिसी, जानें पूरी पॉलिसी डिटेल्स

पर्सनल फाइनेंसस्टार्टअप कंपनीज को आईपीओ बनाने की मुहिम में जुटे मोटिवेशनल स्पीकर डॉ विवेक बिंद्रा

पर्सनल फाइनेंसRBI ने Mastercard पर लगाया बैन,22 जुलाई से बैंक नहीं जारी कर पाएंगे नए मास्टर डेबिट और क्रेडिट कार्ड