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स्पेशल रिपोर्ट: महाराष्ट्र में शिवसेना से अलग होकर BJP अकेले चुनाव लड़ने को तैयार, 10 दिनों में तीन करोड़ वोटरों से मिलेंगे बीजेपी नेता

By संतोष ठाकुर | Updated: September 26, 2019 07:27 IST

भाजपा का आकलन है कि बालाकोट, धारा 370 पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और भाजपा अध्यक्ष अमित शाह के कठोर और निर्णायक कदम के बाद उसे महाराष्ट्र में अपने दम पर भी सत्ता मिल सकती है.

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ठळक मुद्देलोकसभा चुनाव में भाजपा को महाराष्ट्र में एक करोड़ 49 लाख से अधिक मत हासिल हुए थे. एक वरिष्ठ भाजपा नेता ने कहा कि शिवसेना को लोकसभा चुनाव में करीब सवा करोड़ से अधिक वोट मिले थे.

महाराष्ट्र में शिवसेना के साथ अपनी शर्तो पर गठबंधन की तैयारी में जुटी भाजपा ने साझेदारी नहीं होने की स्थिति को लेकर भी व्यूह रचना शुरू कर दी है. इसके तहत राज्य में भाजपा के नेता और कार्यकर्ता अगले दस दिन में लगभग तीन करोड़ से अधिक मतदाताओं से मिलेंगे. यह संख्या पिछले लोकसभा चुनाव में भाजपा और शिवसेना को मिले संयुक्त वोटों से भी अधिक है. भाजपा का आकलन है कि बालाकोट, धारा 370 पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और भाजपा अध्यक्ष अमित शाह के कठोर और निर्णायक कदम के बाद उसे महाराष्ट्र में अपने दम पर भी सत्ता मिल सकती है. ऐसे में उसे अपनी स्वयं की सरकार को लेकर तैयारी शुरू कर देनी चाहिए. अगर गठबंधन होता है तो बेहतर होगा. अगर साझेदारी नहीं होती है तो इसे पार्टी और बेहतर मान रही है.

लोकसभा चुनाव में भाजपा को महाराष्ट्र में एक करोड़ 49 लाख से अधिक मत हासिल हुए थे. जबकि उसके कार्यकर्ताओं की संख्या यहां पर इससे एक लाख कम है. भाजपा के एक नेता ने कहा कि अलग कारणों से किसी भी दल के कार्यकर्ता शत—प्रतिशत वोट नहीं करते हैं. लेकिन भाजपा ने यह देखा कि उसे उसके कुल कार्यकर्ताओं की संख्या से भी अधिक वोट लोकसभा चुनाव में हासिल हुए. इसका मतलब साफ है कि न केवल भाजपा कार्यकर्ता बल्कि अन्य दलों के कार्यकर्ताओं या उनकी विचारधारा के लोगों ने भी भाजपा को वोट दिए. इसका साफ संकेत यह है कि महाराष्ट्र में आम लोग प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और भाजपा अध्यक्ष अमित शाह के नाम पर वोट कर रहे हैं. 

ऐसे में यह शिवसेना को तय करना है कि वह भाजपा के साथ रहना चाहती या अलग राह चलना चाहती है. एक वरिष्ठ भाजपा नेता ने कहा कि शिवसेना को लोकसभा चुनाव में करीब सवा करोड़ से अधिक वोट मिले थे. अगर भाजपा और शिवसेना के वोटों को जोड़ लिया जाए तो यह करीब पौने तीन करोड़ मत होते हैं. जबकि हम राज्य में अगले दस दिन में ही औपचारिक और अनौपचारिक रूप से तीन करोड़ से अधिक मतदाता से संपर्क करने वाले हैं. इसमें भाजपा अध्यक्ष के दो प्रवास महाराष्ट्र के पहले ही संपन्न हो गए हैं. आने वाले दिनों में इस तरह के कार्यक्रम की संख्या में इजाफा किया जाएगा जिससे अधिक लोगों तक भाजपा की नीतियों को पहुंचाया जा सके. हमें उम्मीद है कि हम महाराष्ट्र में अपने दम पर भी चुनाव जीत सकते हैं.

प्रमुख भूमिका में कौन आंकड़े कह रहेभाजपा के नेता ने कहा कि लोकसभा चुनाव में हमें करीब 27 प्रतिशत से अधिक मत मिले थे. वहीं शिवसेना को 23 प्रतिशत, राकांपा को 15 और कांग्रेस को 16 प्रतिशत से अधिक मत हासिल हुए थे. इससे साफ हो जाता है कि राज्य में प्रमुख भूमिका में किस दल को आना चाहिए.

टॅग्स :महाराष्ट्र विधानसभा चुनाव 2019असेंबली इलेक्शन २०१९शिव सेनाभारतीय जनता पार्टी (बीजेपी)
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