लखनऊ: फिल्म अभिनेत्री जयाप्रदा फिर चर्चा में हैं. इस बार उनकी चर्चा भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के प्रदेश अध्यक्ष पंकज चौधरी और महिला आयोग की उपाध्यक्ष अपर्णा यादव से बीते दिनों हुई मुलाकात को लेकर हो रही हैं. पंकज चौधरी से उनकी मुलाकात गत 22 मार्च को पार्टी मुख्यालय में हुई जबकि अपर्णा यादव से मिलने वह उनके घर गई थी. भाजपा नेताओं का कहना है कि आजकल तमाम चर्चित लोग आगामी विधानसभा चुनावों को लेकर पार्टी के सीनियर नेताओं से मिल रहे हैं. इस मुलाकात को भी उसी श्रेणी में रखा जा सकता है. फिलहाल जयाप्रदा को पार्टी विधानसभा के चुनावों में उतरेगी या नहीं अभी इस बारे में कोई फैसला नहीं हुआ है, अगले साल ही इस मामले में निर्णय लिया जाएगा.
जयाप्रदा को पार्टी रामपुर की किसी विधानसभा सीट पर चुनाव लड़ा भी सकती है. रामपुर से वह दो बार सांसद रह चुकी हैं. भाजपा प्रवक्ता राकेश त्रिपाठी के अनुसार, यह सही है कि फिल्म अभिनेत्री जयाप्रदा जी बीते दिनों पार्टी के प्रदेश अध्यक्ष पंकज चौधरी से मिली थी. पार्टी के प्रदेश अध्यक्ष से उनकी मुलाकात एक शिष्टाचार मुलाक़ात थी और पंकज चौधरी जी अपने हर कार्यकर्ता को उसकी क्षमता के अनुरूप भूमिका देते हैं.
भविष्य में वह जयाप्रदा जी को क्या दायित्व देंगे? इसका अभी कोई खुलासा नहीं किया गया है. हां यह जरूर है कि जयाप्रदा जी को पार्टी ने वर्ष 2019 में रामपुर संसदीय सीट से चुनाव लड़ाया था. इसके बाद वह 22 मार्च को लखनऊ में पंकज चौधरी जी से मिलने पार्टी दफ्तर आयी थी. ऐसे में उन्हे लेकर अभी कोई दावा करना उचित नहीं होगा. फिलहाल 22 मार्च को पंकज चौधरी और अपर्णा यादव से जयाप्रदा की हुई के सियासी मायने निकाले जा रहे हैं.
कहा जा रहा हैं कि बीते दिनों अखिलेश यादव ने जिस तरह से महिलाओं को 40 हजार रुपए पेंशन देने का ऐलान किया था, उसे देखते हुए अखिलेश यादव की घेराबंदी करने के लिए भाजपा के प्रदेश अध्यक्ष अपर्णा यादव और जयाप्रदा का इस्तेमाल करने की रणनीति तैयार कर सकते हैं. वैसे भी जयाप्रदा एक सफल अभिनेत्री हैं, सेलिब्रिटी हैं. रामपुर में वह किसी एक विधानसभा सीट पर वह चुनाव लड़ सकती हैं. अभी रामपुर की पांच विधानसभा सीटों में से दो पर भाजपा और उसके सहयोगी दल अपना दल (एस) का कब्जा है. तीन पर सपा के विधायक हैं.
आजम खान के जेल जाने के बाद से रामपुर की सियासत में कई उतार चढ़ाव आए हैं. जिसे देखते हुए भाजपा को एक ऐसे चेहरे की तलाश है जो रामपुर में भीड़ खीचकर विपक्ष के उम्मीदवार को चुनौती दे सके. इस मामले में जयाप्रदा भाजपा के लिए लाभप्रद साबित हो सकती हैं, इसलिए उन्हे मौके पर इस्तेमाल करने की रणनीति भाजपा ने तैयार की है. जिसके चलते चुनावों के ठीक पहले उन्हे रामपुर की किसी सीट से पार्टी का उम्मीदवार बनाए जाने का ऐलान किया जा सकता है. भाजपा के तमाम सीनियर नेताओं का यह मानना है.