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पश्चिम बंगाल: कोर्ट में सुनवाई के दौरान बेहोश हुए मंत्री ज्योतिप्रिय मलिक, अस्पताल में कराए गए भर्ती

By अंजली चौहान | Updated: October 28, 2023 09:19 IST

बंगाल में राशन वितरण में कथित भ्रष्टाचार के मामले में बंगाल के वन मंत्री ज्योतिप्रिय मल्लिक को 6 नवंबर तक ईडी की हिरासत में भेज दिया गया है।

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कोलकाता: पश्चिम बंगाल में ममता सरकार के मंत्री ज्योतिप्रिय मलिक कोर्ट में पेशी के दौरान बेहोश हो गए जिसके बाद आनन-फानन में मंत्री को अस्पताल में भर्ती कराया गया है। बताया जा रहा है कि मलिक की हालत स्थिर है।

दरअसल, बीते शुक्रवार को ज्योतिप्रिय मलिक को ईडी द्वारा राशन घोटाला मामले में गिरफ्तार किया गया था जिसके बाद आज कोर्ट में उनकी पेशी होनी थी लेकिन उनकी तबीयत खराब होने के कारण कोर्ट की कार्रवाई रोकनी पड़ी। 

ज्योतिप्रिय मलिक को चक्कर, उल्टी और कमजोरी की शिकायत बताई जा रही है और फिलहाल अस्पताल में उनका इलाज जारी है। इस बीच, अस्पताल का कहना है कि मलिक को हाइपरग्लाइकेमिया, गुर्दे की हानि, डिसइलेक्ट्रोलाइटिमिया और टी2डीएम की पृष्ठभूमि के साथ प्री-सिंकोप और उच्च रक्तचाप के प्रारंभिक निदान के साथ भर्ती कराया गया है। डॉक्टरों ने कहा कि मलिक का सीटी स्कैन, एमआरआई और रक्त परीक्षण किया गया।

ईडी की कार्रवाई में अबतक क्या-क्या आया सामने?

इस बीच, खबर है कि प्रवर्तन निदेशालय ने कथित राशन घोटाला मामले में गिरफ्तार पश्चिम बंगाल के मंत्री और टीएमसी नेता ज्योतिप्रिय मल्लिक के बैंक खाते फ्रीज कर दिए। ईडी मंत्री से जुड़ी संपत्तियों को भी कुर्क करने की तैयारी में है। 

बंगाल के वन मंत्री को मुख्य मेट्रोपॉलिटन मजिस्ट्रेट तनुमोय करमाकर ने 10 दिनों के लिए प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) की हिरासत में भेज दिया। ईडी ने कहा कि मलिक को आरोपी बकीबुर रहमान के साथ उसके कथित संबंधों का पता लगाने के लिए हिरासत में पूछताछ करनी होगी, जिसे मामले के सिलसिले में पहले गिरफ्तार किया गया था। हालांकि, मलिक ने कहा कि उन्हें भाजपा और विपक्ष के नेता सुवेंदु अधिकारी द्वारा फंसाया जा रहा है।

मंत्री की जमानत याचिका को खारिज करते हुए, बैंकशाल अदालत ने उन्हें 6 नवंबर को पेश होने का आदेश दिया। मीडिया रिपोर्ट के अनुसार, ममता बनर्जी कैबिनेट मंत्री के अस्पताल में भर्ती होने की अवधि को ईडी की हिरासत अवधि से बाहर रखा जाएगा।

ईडी ने मलिक और उनके परिवार के बैंक खाते भी फ्रीज कर दिए, उनके मोबाइल फोन जब्त कर लिए और उन्हें फोरेंसिक जांच के लिए भेज दिया। केंद्रीय एजेंसियों द्वारा भ्रष्टाचार के मामलों में टीएमसी कैबिनेट मंत्री को गिरफ्तार किए जाने की यह दूसरी घटना है। पिछले साल पूर्व मंत्री पार्थ चटर्जी को स्कूल नौकरी घोटाले में गिरफ्तार किया गया था।

वन मंत्री की गिरफ्तारी के बाद भाजपा और तृणमूल कांग्रेस के बीच राजनीतिक जुबानी जंग छिड़ गई है। जबकि भाजपा ने आरोप लगाया कि मलिक कोविड-19 के प्रकोप के बाद से राशन घोटाले में शामिल थे, वहीं टीएमसी ने भगवा पार्टी पर राजनीतिक प्रतिशोध लेने का आरोप लगाया।

टॅग्स :प्रवर्तन निदेशालयटीएमसीपश्चिम बंगालMamta Banerjee
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