लाइव न्यूज़ :

ममता बनर्जी सरकार भीड़ हत्या के खिलाफ विधेयक करेगी पेश, तीन साल से लेकर आजीवन कारावास तक का है प्रावधान

By भाषा | Updated: August 28, 2019 06:19 IST

तृणमूल कांग्रेस के एक वरिष्ठ मंत्री ने मंगलवार को कहा कि इस विधेयक का उद्देश्य कमजोर लोगों के संवैधानिक अधिकारों की रक्षा करना और भीड़ द्वारा हत्या की घटनाओं को रोकना है। इसमें अपराध में शामिल लोगों के खिलाफ कार्रवाई का भी प्रस्ताव किया गया है

Open in App
ठळक मुद्देपश्चिम बंगाल की ममता बनर्जी सरकार भीड़ द्वारा हिंसा और हत्या जैसी घटनाओं पर काबू के लिए विधानसभा में एक विधेयक लाने की योजना बना रही है।पीड़ित पर हमला कर घायल करने के लिए विधेयक में तीन साल से आजीवन कारावास तक की जेल की सजा का प्रावधान होगा।

पश्चिम बंगाल की ममता बनर्जी सरकार भीड़ द्वारा हिंसा और हत्या जैसी घटनाओं पर काबू के लिए विधानसभा में एक विधेयक लाने की योजना बना रही है। सूत्रों ने यह जानकारी दी। उन्होंने बताया कि पश्चिम बंगाल (भीड़ द्वारा हत्या पर रोकथाम) विधेयक, 2019 को 30 अगस्त को सदन में पेश किए जाने की संभावना है।

तृणमूल कांग्रेस के एक वरिष्ठ मंत्री ने मंगलवार को कहा कि इस विधेयक का उद्देश्य कमजोर लोगों के संवैधानिक अधिकारों की रक्षा करना और भीड़ द्वारा हत्या की घटनाओं को रोकना है। इसमें अपराध में शामिल लोगों के खिलाफ कार्रवाई का भी प्रस्ताव किया गया है।

पीड़ित पर हमला कर घायल करने के लिए विधेयक में तीन साल से आजीवन कारावास तक की जेल की सजा का प्रावधान होगा। उन्होंने कहा कि मौत के मामले में घटना के लिए जिम्मेदार लोगों को कठोर आजीवन कारावास और पांच लाख रुपये तक का जुर्माना होगा।

मंत्री ने कहा कि विधेयक के अनुसार राज्य के पुलिस महानिदेशक एक समन्वयक नियुक्त करेंगे जो नोडल अधिकारी के रूप में कार्य करेगा। विपक्षी कांग्रेस ने कदम का स्वागत किया लेकिन इसके दुरूपयोग को लेकर सरकार को आगाह किया।

कांग्रेस के मुख्य सचेतक मनोज चक्रवर्ती ने कहा कि वास्तव में यह स्वागतयोग्य कदम है। लेकिन राज्य सरकार को यह सुनिश्चित करना चाहिए कि इसका दुरुपयोग न हो। हालांकि, भाजपा ने कहा कि यह तृणमूल कांग्रेस सरकार की चाल है ताकि वह भाजपा कार्यकर्ताओं और नेताओं से हिसाब चुकता कर सके।

प्रदेश भाजपा अध्यक्ष दिलीप घोष ने कहा कि ऐसा लगता है कि भीड़ हत्या की घटनाओं को लेकर वे बहुत परेशान हैं। लेकिन तृणमूल गुंडों के हाथों भाजपा नेताओं और कार्यकर्ताओं की राजनीतिक हत्याओं के बारे में क्या विचार है। वे इस तरह की राजनीतिक हत्याओं को रोकने के लिए कोई कानून क्यों नहीं ला रहे हैं।

टॅग्स :ममता बनर्जीपश्चिम बंगाल
Open in App

संबंधित खबरें

भारतMohan Yadav Bankura Visit: ममता अब दीदी नहीं, 'अप्पी' हो गई हैं?, पश्चिम बंगाल में जमकर गरजे सीएम मोहन

भारत7 न्यायिक अधिकारी और 9 घंटे तक बंधक?, मतदाता सूची से नाम हटाने पर बवाल, सीजीआई सूर्यकांत ने कहा-रात 2 बजे से निगरानी कर रहा?

भारतएक शांत दिखने वाली विदाई से हुई भारी क्षति!

क्राइम अलर्टकिशनगंज, पूर्णिया, अररिया, पटना और सिलीगुड़ी में दबिश?, एसडीपीओ गौतम कुमार और डीआरडीए डायरेक्टर वैभव कुमार के ठिकानों पर छापेमारी, महिला मित्र शगूफ्ता खातून के नाम पर जमीन

भारत18 जिलों में 83 ब्लॉक विकास अधिकारी के बाद 173 थानों के प्रभारी और प्रभारी निरीक्षकों का तबादला?, पश्चिम बंगाल को लेकर अलर्ट निर्वाचन आयोग

भारत अधिक खबरें

भारतवाराणसी का रोम-रोम हुआ रोमांचित, दर्शकों ने देखा कैसा था सम्राट विक्रमादित्य का सुशासन, देखें Photos

भारतराष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टीः उत्तरार्द्ध में उत्तराधिकार के लिए संघर्ष

भारतदिल्ली और उत्तरी भारत के कुछ हिस्सों में महसूस हुए भूकंप के झटके, अफगानिस्तान में आया भूकंप

भारतकेंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान ने ग्रीनविच मीन टाईम को महाकाल स्टेंडर्ड टाईम में बदलने पर दिया जोर

भारतदलित समुदाय के 22 फीसदी वोट पर जमीन अखिलेश की निगाह , 14 अप्रैल पर अंबेडकर जयंती पर गांव-गांव में करेगी कार्यक्रम