कोलकाता: चुनावी राज्य पश्चिम बंगाल में शुक्रवार को टीएमसी प्रमुख और राज्य की मुखिया ममता बनर्जी ने अपनी पार्टी का घोषणा पत्र जारी किया है। इस दौरान चुनाव से पहले राज्य के कई बड़े अफसरों के फेरबदल को लेकर ममता बनर्जी ने इलेक्शन कमीशन और बीजेपी को आड़े हाथों लिया है। शुक्रवार को एक प्रेस कॉन्फ्रेंस में ममता बनर्जी ने कहा, "अगर राज्य में कोई अप्रिय घटना होती है, तो इसके लिए चुनाव आयोग और बीजेपी ज़िम्मेदार होंगे।"
ममता ने पूछा क्या पीएम मोदी बंगाल की जनता से इतना डरते हैं?
टीएमसी का घोषणापत्र जारी करते हुए सीएम ममता बनर्जी ने कहा, “बंगाल में एक तरह का अघोषित राष्ट्रपति शासन लागू कर दिया गया है, क्योंकि बीजेपी जानती है कि आगामी विधानसभा चुनावों में उसकी हार तय है। क्या पीएम मोदी बंगाल की जनता से इतना डरते हैं?”
टीएमसी के अलावा कोई पार्टी बंगाल को नहीं बचा सकती
पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री और अखिल भारतीय तृणमूल कांग्रेस की अध्यक्ष ममता बनर्जी कहती हैं, "...तृणमूल कांग्रेस के अलावा कोई और पार्टी बंगाल को बचा नहीं सकती, उसे ज़िंदा नहीं रख सकती... मोदी जी का भाषण मत सुनिए। 'सबका विकास' के बजाय, उन्होंने 'सबका विनाश' किया है। और 'बेटी बचाओ, बेटी पढ़ाओ' के नाम पर, वे 'बेटी, महिला, किसान हटाओ और बीजेपी गुंडा बचाओ' कर रहे हैं..."
टीएमसी के चुनावी घोषणा पत्र में ममता बनर्जी की 10 प्रतिज्ञाएं
पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने कहा, "मैं बंगाल के लिए अपनी 10 ‘प्रतिज्ञाएँ’ विनम्रतापूर्वक प्रस्तुत करती हूँ, ताकि मेरी सरकार के चौथे कार्यकाल में विकास का पहिया निरंतर आगे बढ़ता रहे।
‘लक्ष्मी भंडार’ योजना के तहत, ₹500 की वृद्धि के साथ, महिलाओं को मासिक वित्तीय सहायता मिलती रहेगी—सामान्य श्रेणी के लाभार्थियों के लिए ₹1,500 (सालाना ₹18,000) और SC/ST लाभार्थियों के लिए ₹1,700 (सालाना ₹20,400)।
मैं ‘बांग्लार युवा-साथी’ योजना को जारी रखूँगी, जिसके तहत बेरोज़गार युवाओं को प्रति माह ₹1,500 (सालाना ₹18,000) की वित्तीय सहायता प्रदान की जाएगी।
मैं ₹30,000 करोड़ का ‘कृषि-बजट’ (Agri-Budget) स्थापित करने का भी संकल्प लेती हूँ, ताकि किसान परिवारों को निरंतर सहायता सुनिश्चित की जा सके, भूमिहीन किसानों को संबल प्रदान किया जा सके, और कृषि क्षेत्र का समग्र उन्नयन संभव हो सके।
मैं वादा करती हूँ कि बंगाल के प्रत्येक परिवार के पास एक पक्का मकान होगा, और हर घर तक पाइप के माध्यम से पीने का पानी उपलब्ध होगा।
इसके अतिरिक्त, मेरी सरकार स्वास्थ्य सेवाओं की प्रभावी ‘द्वार-तक पहुँच’ (doorstep delivery) सुनिश्चित करने हेतु प्रत्येक ब्लॉक और शहर में वार्षिक ‘द्वारे चिकित्सा’ शिविरों का आयोजन करेगी।
मैं ‘बांग्लार शिक्षायतन’ पहल के अंतर्गत सभी सरकारी विद्यालयों के समग्र ढाँचागत उन्नयन को सुनिश्चित करूँगी।
मैं बंगाल को पूर्वी भारत के व्यापार का प्रवेश-द्वार बनाने की दिशा में कार्य करूँगी—जिसमें विश्व-स्तरीय लॉजिस्टिक्स, बंदरगाह, व्यापारिक ढाँचा और एक अत्याधुनिक ‘वैश्विक व्यापार केंद्र’ (Global Trade Centre) शामिल होंगे।
मैं सभी मौजूदा लाभार्थियों को वृद्धावस्था पेंशन का निर्बाध लाभ सुनिश्चित करने का प्रयास करूँगी, और साथ ही, इस सुरक्षा-कवच का विस्तार करते हुए इसे चरणबद्ध तरीके से सभी पात्र वरिष्ठ नागरिकों तक पहुँचाऊँगी।
मैं एक व्यापक भौगोलिक पुनर्गठन के माध्यम से सात नए ज़िलों की स्थापना करने और ‘शहरी स्थानीय निकायों’ (Urban Local Bodies) की संख्या में वृद्धि करने का भी वादा करती हूँ।
ये 10 ‘प्रतिज्ञाएँ’ मेरे शासन की नींव बनेंगी और आगामी पाँच वर्षों के लिए एक ‘रोडमैप’ (कार्ययोजना) का कार्य करेंगी।