नई दिल्लीः राज्यसभा में पीएम नरेंद्र मोदी ने कहा, "विकसित भारत की यात्रा में पिछले साल देश के तेज़ी से विकास के साल रहे हैं। यह जीवन के हर क्षेत्र में, समाज के हर वर्ग में बदलाव का दौर रहा है। देश सही दिशा में तेज़ी से आगे बढ़ रहा है।" राज्यसभा में विपक्षी सांसदों के हंगामे के बीच बोलते हुए, प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे पर कटाक्ष करते हुए कहा कि अपनी उम्र को देखते हुए वे बैठकर नारे लगा सकते हैं। विकसित भारत की यात्रा में बीते वर्ष देश के तेज प्रगति के विकास के वर्ष रहे हैं। "सभापति जी, कृपया खड़गे जी को बैठे-बैठे ही नारे लगाने की इजाजत दें... पीएम मोदी ने वरिष्ठता और स्वास्थ्य का सम्मान करते हुए सदन में संवेदनशीलता और मानवीयता की अनूठी मिसाल पेश की।
कांग्रेस ने विश्वासघात करने के विषय में भी हमारे देश के अन्नदाता को भी नहीं छोड़ा। इस देश में 10 करोड़ किसान ऐसे हैं, जिनके पास 2 हेक्टेयर से भी कम जमीन है। छोटे किसानों की तरफ कभी देखा नहीं गया। लेकिन हमारे दिल में छोटे किसानों के प्रति एक दर्द था, जमीनी हकीकतों से परिचित थे और उसी के कारण हम पीएम किसान सम्मान निधि योजना लेकर के आए।
और अब इतने कम समय में हमारे छोटे किसानों के खाते में 4 लाख करोड़ रुपए हमने दिया है। तुम कितना दुनिया को धोखा दोगे, आईना देख लिया तो अपनी सच्चाई कहां छुपाओगे। कांग्रेस हो, टीएमसी हो, डीएमके हो, लेफ्ट हो... ये दशकों से केंद्र में सत्ता में रहे हैं, सत्ता के भागीदार रहे हैं।
राज्यों में भी उन्हें सरकारें चलाने का अवसर मिला है। लेकिन उनकी पहचान क्या बनी- उन्होंने सिर्फ अपनी जेब भरने का काम किया, नागरिकों के जीवन में बदलाव लाना, उनकी प्राथमिकता नहीं थी। आज डील की चर्चा होती है तो गर्व से कहते हैं और तब डील की चर्चा होती थी तो बोफोर्स डील आ जाता था... ये डील होते थे।
जीवन के हर क्षेत्र में, समाज के हर वर्ग को उनके जीवन में परिवर्तन का ये कालखंड रहा है। एक सही दिशा में तेज गति से देश आगे बढ़ रहा है। आदरणीय राष्ट्रपति जी ने बहुत ही बढ़िया तरीके से पूरी संवेदनशीलता के साथ इस विषय को हम सबके सामने प्रस्तुत किया है।
राष्ट्रपति जी ने इस देश के मध्यम वर्ग, निम्न मध्यम वर्ग, गरीब, गांव, किसान, महिलाएं, विज्ञान, प्रौद्योगिकी, कृषि... सभी विषयों को विस्तार से रखते हुए भारत की प्रगति का एक स्वर संसद में गूंजाया है। नौजवान भारत के सामर्थ्य को कैसे आगे बढ़ा रहे हैं, इसकी भी विस्तार से चर्चा की है। हर वर्ग के सामर्थ्य को उन्होंने शब्दांकित किया है। उज्ज्वल भविष्य के प्रति एक विश्वास व्यक्त किया है। ये हम सभी के लिए प्रेरक है।
21वीं सदी का पहला क्वार्टर पूरा हो चुका है, लेकिन यह दूसरा क्वार्टर भी उतना ही निर्णायक है, जैसे पिछली शताब्दी में भारत की आजादी की जंग में दूसरा क्वार्टर निर्णायक रहा था। मैं साफ साफ देख रहा हूं कि विकसित भारत के निर्माण की दिशा में ये दूसरा क्वार्टर भी उतना ही सामर्थ्यवान होने वाला है, उतनी ही तेज गति से आगे बढ़ने वाला है।
आज राष्ट्र का हर व्यक्ति ये महसूस कर रहा है कि हम एक अहम पड़ाव पर पहुंच चुके हैं। अब हमें न रुकना है, न पीछे मुड़कर देखना है। हमें तेज गति से चलना है और लक्ष्य प्राप्त करके ही आगे बढ़ना है। उसी दिशा में हम आगे बढ़ रहे हैं। सबसे बड़ी बात विश्व के समृद्ध से समृद्ध देश भी बुजुर्ग होते जा रहे हैं। वहां की आबादी उम्र के उस पर पड़ाव पर पहुंची है, हम जिन्हें बुजुर्ग के रूप में जानते हैं।
हमारा देश ऐसा है जो विकास की नई ऊंचाइयां छू रहा है, उसी समय दिनोंदिन हमारा देश युवा होता जा रहा है। युवा आबादी वाला देश है। जिस तरह भारत के प्रति विश्व का आकर्षण बढ़ा है, उसमें भी विश्व, भारत के टैलेंट का माहत्म्य समझ रहा है।
आज हमारे पास दुनिया का बहुत ही महत्वपूर्ण युवा टैलेंट पुल है, जिसके पास सपने भी हैं, संकल्प भी है और सामर्थ्य भी है। शक्ति का आशीर्वाद हमारे साथ है। भारत आज विश्व में जो चुनौतियां पैदा हो रही हैं, उन चुनौतियों का समाधान देने वाला देश बना हुआ है।