नई दिल्लीः लोकसभा ने स्पीकर ओम बिरला के खिलाफ विपक्ष के अविश्वास प्रस्ताव को नारेबाजी के बीच ध्वनि मत से खारिज कर दिया। सदन दिन भर के लिए स्थगित कर दिया गया। कांग्रेस सांसद प्रियंका गांधी वाड्रा ने केंद्रीय मंत्री अमित शाह के भाषण पर कहा कि अविश्वास प्रस्ताव राहुल गांधी पर नहीं स्पीकर पर था उन्हें उस विषय पर बोलना चाहिए था। वे अपशब्द इस्तेमाल करते हैं और स्पीकर उन्हें रोकते भी नहीं हैं। आज उन्होंने सदन में अपशब्द इस्तेमाल किया है। केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने कहा कि शीतकालीन सत्र 2025 में वह(राहुल गांधी) जर्मनी, बजट सत्र 2025 में वे वियतनाम की यात्रा पर थे।
बजट सत्र 2023 में इंग्लैंड की यात्रा पर थे। बजट सत्र 2018 में सिंगापुर और मलेशिया की यात्रा पर थे, मॉनसून सत्र 2020 में विदेश यात्रा पर थे, बजट सत्र 2015 में वे विदेश यात्रा पर रहे। इसमें एक भयंकर संयोग है कि जब भी बजट सत्र या कोई विशेष सत्र आता है तो वे विदेश यात्रा पर होते हैं और फिर कहते हैं कि हमें बोलने नहीं देते। विदेश से आप सदन में कैसे बोलेंगे?
जो व्यक्ति जर्मनी, इंग्लैंड, सिंगापुर में है वह यहां कैसे बोलेगा? यहां वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग का प्रावधान नहीं है। "सुनो, अब सुनना पड़ेगा," केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने गुस्से में कहा, जब विपक्षी सांसदों ने विरोध किया जिस दौरान वे 15वीं से 17वीं लोकसभा तक लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी की अटेंडेंस शीट पढ़ रहे थे।
अमित शाह ने कहा, "17वीं लोकसभा में उनकी(राहुल गांधी) उपस्थिति 51% थी। राष्ट्रीय औसत 66% था। 16वीं लोकसभा में उनकी उपस्थिति 52% थी। राष्ट्रीय औसत 80% था। 15वीं लोकसभा में उनकी उपस्थिति 43% थी। राष्ट्रीय औसत 76% था।" शाह ने कहा, "...उन्हें(राहुल गांधी) अचानक एक आइडिया आया - अपनी ही प्रेस कॉन्फ्रेंस पर बहस कर लो। यह कोई मार्केट नहीं है।
यह लोकसभा है... आपके परनाना से लेकर आपकी दादी और आपके पिता तक, भारत में बड़े-बड़े नेता हुए हैं। लोकसभा में किसी की प्रेस कॉन्फ्रेंस पर बहस नहीं हुई। अगर उन्हें उम्मीद है कि उनकी "महान प्रेस कॉन्फ्रेंस", जो झूठ पर आधारित थी, पर सदन में बहस होगी, तो ओम बिरला ने सदन की मर्यादा गिरने न देकर सदन पर उपकार किया है।"