नई दिल्लीः दिल्ली के पूर्व मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल और पूर्व उपमुख्यमंत्री मनीष सिसोदिया को बड़ी राहत देते हुए यहां की एक अदालत ने दोनों नेताओं और 21 अन्य को कथित शराब नीति घोटाला मामले में शुक्रवार को बरी कर दिया और उनके खिलाफ केंद्रीय अन्वेषण ब्यूरो (सीबीआई) के आरोपपत्र पर संज्ञान लेने से इनकार कर दिया। शराब नीति मामले में एक अदालत द्वारा बरी किए जाने के बाद भावुक हुए दिल्ली के पूर्व मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल ने शुक्रवार को कहा कि उनके खिलाफ भ्रष्टाचार का मामला स्वतंत्र भारत के इतिहास में ‘‘सबसे बड़ी राजनीतिक साजिश’’ थी।
सोशल मीडिया पर असली हलचल तो उसके कुछ ही सेकंड बाद मच गई। जैसे ही केजरीवाल ने अपने आंसू पोंछे, एक पत्रकार अपने वीडियोग्राफर से घबराकर चिल्लाते हुए सुनाई दिया, “केजरीवाल रो रहा है यार, तू कहां रह गया,” क्योंकि उसे एहसास हो गया था कि चैनल उस पल को कैद करना भूल गया था जो पल भर में दिन का सबसे चर्चित क्षण बन गया। ऑडियो और प्रतिक्रियाएं तुरंत ऑनलाइन फैल गईं, जिससे अदालत में मिली राहत एक वायरल मीडिया सनसनी में बदल गई।
शराब नीति मामले में दिल्ली के पूर्व मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल और पूर्व उपमुख्यमंत्री मनीष सिसोदिया को बरी किए जाने के फैसले को सीबीआई दिल्ली उच्च न्यायालय में ‘‘तत्काल’’ चुनौती देगी। अधिकारियों ने शुक्रवार को यह जानकारी दी। अधिकारियों ने बताया कि केंद्रीय अन्वेषण ब्यूरो (सीबीआई) का मानना है कि अपील आवश्यक है।
क्योंकि जांच के कई पहलुओं को अधीनस्थ अदालत द्वारा या तो ‘‘नजरअंदाज किया गया है या उन पर विचार नहीं किया गया है’’। दिल्ली की एक अदालत ने कथित आबकारी नीति घोटाले से जुड़े भ्रष्टाचार के मामले में शुक्रवार को केंद्रीय अन्वेषण ब्यूरो (सीबीआई) द्वारा दाखिल आरोपपत्र का संज्ञान लेने से इनकार कर दिया। विशेष न्यायाधीश जितेंद्र सिंह ने दिल्ली के पूर्व मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल, पूर्व उपमुख्यमंत्री मनीष सिसोदिया और 21 अन्य लोगों को बरी कर दिया।