पटनाः बिहार के मोकामा से बाहुबली विधायक अनंत सिंह ने बेऊर जेल से मंगलवार को विधानसभा पहुंचकर विधायक पद की शपथ ले ली है। उन्होंने बिना पढ़े ही शपथ ली। विधायक पद की शपथ लेने के बाद अनंत सिंह विधानसभा अध्यक्ष प्रेम कुमार के पास पहुंचे और उनका अभिनंदन किया। इस दौरान अध्यक्ष ने अनंत सिंह से हाथ मिलाकर उनका अभिवादन स्वीकार किया। अनंत सिंह सदन में लंबा टीका लगाकर पहुंचे थे। जिस पर मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने उन्हें टोक दिया। इस दौरान अनंत सिंह ने मुख्यमंत्री नीतीश कुमार के पांव भी छुए। बताया जा रहा है कि अनंत सिंह की तबीयत ठीक नहीं होने की वजह से उन्हें शपथ लेने में देरी हुई। वहीं, अनंत सिंह के लंबे समय के बाद विधानसभा पहुंचते ही मीडियाकर्मियों ने उन्हें घेर लिया। मीडिया ने उनसे पूछा कि वे जनता के बीच आखिर कब तक आएंगे?
इस पर अनंत सिंह ने जवाब दिया कि जब जज साहेब चाहेंगे तभी बाहर आ पायेंगे। उन्होंने यह भी जानकारी दी कि बेल के लिए अप्लाई कर दिया गया है। तेजस्वी यादव से जुड़े सवाल पर अनंत सिंह ने कहा कि अगली बार उन्हें दूसरी पार्टी से टिकट लेकर चुनाव लड़ना पड़ेगा। उन्होंने कहा कि हम निर्दोष हैं... हमें पूरा विश्वास है कि हमारे साथ न्याय होगा।
विपक्ष के आरोपों पर प्रतिक्रिया देते हुए उन्होंने कहा कि विपक्ष के पास बोलने के लिए कुछ नहीं है। जब उनसे विपक्ष द्वारा बिहार में कानून-व्यवस्था खराब होने और महिलाओं व लड़कियों की सुरक्षा को लेकर लगाए जा रहे आरोपों के बारे में सवाल किया गया, तो अनंत सिंह ने कहा कि बिहार में सब सुरक्षित है और यहां निश्चित प्रशासन की सरकार है।
उन्होंने दोहराया कि विपक्ष बेवजह आरोप लगा रहा है और उसके पास कोई ठोस मुद्दा नहीं है। अनंत सिंह ने कहा कि जेल में रहकर निर्दलीय चुनाव जीत गए थे। जेल में रहने से कोई फर्क नहीं पड़ने वाला है, जनता के सभी काम हो रहे हैं और कहीं कोई रुकावट नहीं है। वहीं, शपथ ग्रहण के बाद अनंत सिंह वापस बेऊर जेल के लिए रवाना हो गए।
दरअसल, पटना सिविल कोर्ट से अनुमति मिलने के बाद उनके शपथ ग्रहण का रास्ता साफ हुआ था। कोर्ट के आदेश के तहत उन्हें कड़ी सुरक्षा व्यवस्था के बीच एंबुलेंस से बिहार विधानसभा लाया गया था। बता दें कि बाहुबली नेता अनंत सिंह दुलारचंद हत्याकांड के मामले में जेल में बंद हैं।
सिविल कोर्ट से जमानत याचिका खारिज होने के बाद अनंत सिंह ने 24 दिसंबर को हाईकोर्ट का रुख किया था। इस मामले में जल्द सुनवाई हो सकती है। उल्लेखनीय है कि अनंत सिंह ने मोकामा विधानसभा सीट से बड़ी जीत दर्ज की थी। उन्होंने 28,206 वोटों के अंतर से चुनाव जीता।
उन्हें कुल 91,416 वोट मिले। दूसरे नंबर पर राजद की प्रत्याशी वीणा देवी रहीं, जिन्हें 63,210 वोट मिले। जीत के बाद अनंत सिंह के पुराने बंगले में भव्य भोज का आयोजन हुआ था। बताया जाता है कि करीब 50 हजार लोगों के खाने की व्यवस्था की गई थी। यह आयोजन भी खूब चर्चा में रहा था।
मंत्री ने कहा-अवैध बालू खनन को रोकने के लिए एक विशेष प्लान तैयार किया जा चुका
बिहार विधानसभा के बजट सत्र के दौरान आज अवैध बालू खनन के मुद्दे पर विपक्ष ने सरकार को जमकर घेरा। विपक्षी विधायकों ने इस संवेदनशील मुद्दे को उठाते हुए सरकार की नीतियों और उनके अमल पर सवाल खड़े किए। सत्र के दौरान विपक्षी विधायक संदीप सौरभ और उनके भाई वीरेंद्र ने इस मुद्दे को लेकर जोरदार सवाल किए।
उन्होंने अवैध बालू खनन के बढ़ते मामलों पर चिंता जताई और कहा कि राज्य के कई क्षेत्रों में इस कुप्रथा ने स्थानीय जीवन और पर्यावरण को प्रभावित किया है। उन्होंने यह भी पूछा कि क्या सरकार ने इसे रोकने के लिए ठोस कदम उठाए हैं? इस पर जवाब देते हुए विभागीय मंत्री सह उपमुख्यमंत्री विजय कुमार सिन्हा ने सदन को आश्वस्त किया कि सरकार इस मामले में पूरी तरह से सक्रिय है।
उन्होंने बताया कि अवैध बालू खनन को रोकने के लिए एक विशेष प्लान तैयार किया जा चुका है। उन्होंने कहा कि हमने इसके लिए राज्य स्तर पर रणनीति बनाई है। योजना तैयार है और इसे लागू किया जा रहा है। अगर कहीं भी अवैध खनन की सूचना आती है, तो हम तुरंत कार्रवाई करेंगे। मंत्री विजय सिन्हा ने कहा कि अब राज्य में बालू खनन के लिए बड़े ट्रकों का उपयोग नहीं हो रहा है।
इसके बजाय खनन में ट्रैक्टर का इस्तेमाल किया जा रहा है। इस बदलाव से नियंत्रण में मदद मिलने की उम्मीद जताई जा रही है क्योंकि ट्रैक्टर से होने वाला खनन अधिक नियंत्रित और निगरानी योग्य है। विपक्षी विधायकों ने मंत्री से यह भी पूछा कि क्या सरकार आम जनता से सहयोग लेने को तैयार है ताकि अवैध खनन की रोकथाम की जा सके।
इस पर मंत्री ने स्पष्ट किया कि यदि कोई व्यक्ति अवैध बालू खनन की जानकारी देता है तो उसके सहयोग को प्रोत्साहित करने के लिए सरकार ने इनाम देने का निर्णय लिया है। विजय सिन्हा ने कहा कि यदि कोई नागरिक हमें सटीक सूचना देगा, तो उसके प्रयास की सराहना की जाएगी और इसके लिए इनाम भी दिया जाएगा। इससे न केवल अवैध खनन पर अंकुश लगेगा, बल्कि जनता भी इस अभियान का हिस्सा बनेगी।
लेकिन विपक्ष ने सरकार से समय-समय पर रिपोर्ट प्रस्तुत करने की मांग की, ताकि यह सुनिश्चित किया जा सके कि अवैध खनन पर न केवल निगरानी हो, बल्कि समय पर कार्रवाई भी हो। हालांकि मंत्री ने स्पष्ट किया कि राज्य सरकार इस पर सख्त कदम उठा रही है और जनता से सहयोग अपेक्षित है। विपक्ष ने भी सरकार को जवाबदेह बनाने का प्रयास किया, जिससे यह सुनिश्चित हो सके कि अवैध खनन पूरी तरह से नियंत्रित किया जा सके।