शरजील और उमर को जमानत नहीं मिली तो सबकी क़ब्र खोद दो?, कपिल मिश्रा बोले-सांपों के फन कुचले जा रहे हैं, संपोले बिलबिला रहे हैं?

By लोकमत न्यूज़ डेस्क | Updated: January 6, 2026 17:48 IST2026-01-06T17:42:54+5:302026-01-06T17:48:54+5:30

पर्यावरण मंत्री मनजिंदर सिंह सिरसा ने कहा कि उच्चतम न्यायालय के आदेश के खिलाफ प्रदर्शन करना अस्वीकार्य है।

watch delhi jnu Sharjeel Umar don't get bail everyone grave be dug Kapil Mishra said snakes' hoods being crushed puppies are crying out see video | शरजील और उमर को जमानत नहीं मिली तो सबकी क़ब्र खोद दो?, कपिल मिश्रा बोले-सांपों के फन कुचले जा रहे हैं, संपोले बिलबिला रहे हैं?

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Highlightsसांपों के फन कुचले जा रहे हैं, संपोले बिलबिला रहे हैं।नक्सलियों, आतंकियों, दंगाइयों के समर्थन में नारे लगाने वाले हताश हैं।नापाक मंसूबे एक-एक करके ध्वस्त हो रहे हैं।

नई दिल्लीः दिल्ली के मंत्रियों कपिल मिश्रा, मनजिंदर सिंह सिरसा और आशीष सूद ने जवाहरलाल नेहरू विश्वविद्यालय (जेएनयू) में प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के खिलाफ आपत्तिजनक नारे लगाने की मंगलवार को आलोचना की। उच्चतम न्यायालय द्वारा 2020 के दिल्ली दंगों की साजिश के मामले में उमर खालिद और शरजील इमाम को जमानत देने से इनकार करने के बाद नारेबाजी की यह घटना हुई। विरोध प्रदर्शन के एक कथित वीडियो से पता चला कि अदालत द्वारा जमानत याचिकाएं खारिज किए जाने के बाद सोमवार रात को जेएनयू के छात्रों के एक समूह ने विश्वविद्यालय परिसर के अंदर प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी और केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह के खिलाफ नारे लगाए। दिल्ली के कानून मंत्री कपिल मिश्रा ने कहा, ‘‘सांपों के फन कुचले जा रहे हैं, संपोले बिलबिला रहे हैं।

नक्सलियों, आतंकियों, दंगाइयों के समर्थन में नारे लगाने वाले हताश हैं क्योंकि उनके नापाक मंसूबे एक-एक करके ध्वस्त हो रहे हैं। इन अपराधियों का समर्थन करने वालों को कड़ी सजा दी जानी चाहिए।’’ पर्यावरण मंत्री मनजिंदर सिंह सिरसा ने कहा कि उच्चतम न्यायालय के आदेश के खिलाफ प्रदर्शन करना अस्वीकार्य है।

उन्होंने कहा, ‘‘अगर लोग अदालती फैसलों का विरोध करना शुरू कर देंगे तो व्यवस्था ध्वस्त हो जाएगी।’’ उन्होंने आरोप लगाया कि कुछ समूह देश को कमजोर करना चाहते हैं। दिल्ली के शिक्षा मंत्री आशीष सूद ने कहा कि कुछ नेता और पार्टियां गंभीर मामलों में आरोपी व्यक्तियों के साथ खड़े हैं, जिसे उन्होंने शांति भंग करने की एक बड़ी साजिश का हिस्सा बताया।

उन्होंने कहा कि लोगों को शिक्षा, पानी, सुरक्षा या किसानों से संबंधित कार्यक्रमों सहित सरकारी नीतियों के खिलाफ विरोध प्रदर्शन करने की आजादी है, लेकिन राजनीतिक चर्चा में मर्यादा होनी चाहिए एवं कोई भी गतिविधि राष्ट्र के विरुद्ध नहीं होनी चाहिए। सूद ने कहा कि सांसद-विधायक अपनी निजी राय व्यक्त कर सकते हैं, लेकिन विधानसभा और सरकार का एजेंडा संवैधानिक दायरे के भीतर ही रहना चाहिए।

भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के विधायक करनैल सिंह ने ऐसे नारे लगाने वालों पर अराजकता फैलाने का आरोप लगाते हुए कहा कि देश किसी भी चुनौती का सामना करने में सक्षम है। उन्होंने कहा कि भारत विश्व की प्रमुख शक्तियों में से एक है और ऐसे प्रयास सफल नहीं होंगे। भाजपा नेता हरीश खुराना ने कहा कि राष्ट्रविरोधी गतिविधियों में शामिल लोगों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जानी चाहिए।

उन्होंने विपक्षी दलों द्वारा ऐसे व्यक्तियों को कथित तौर पर समर्थन देने पर भी चिंता व्यक्त की। उच्चतम न्यायालय ने 2020 के दिल्ली दंगों के आरोपियों उमर खालिद और शरजील इमाम की जमानत याचिकाएं सोमवार को खारिज कर दीं। केंद्रीय मंत्री गिरिराज सिंह ने जवाहरलाल नेहरू विश्वविद्यालय (जेएनयू) में प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी और गृह मंत्री अमित शाह के खिलाफ लगाए गए कथित विवादास्पद नारों को लेकर मंगलवार को विपक्ष पर आरोप लगाया कि उन्होंने विश्वविद्यालय परिसर को “देश तोड़ने वालों का अड्डा” बना दिया है।

उन्होंने कहा कि 2020 के दिल्ली दंगों की साजिश मामले में उच्चतम न्यायालय द्वारा उमर खालिद और शरजील इमाम को जमानत से इनकार किए जाने के बाद परिसर में ये नारे लगाए गए। इस घटना का एक कथित वीडियो सोशल मीडिया पर प्रसारित हो रहा है। सिंह ने कहा, “वे कहते हैं कि वे प्रधानमंत्री मोदी और अमित शाह की कब्र खोद देंगे। मैं कहना चाहता हूं कि मोदी और शाह देश के दुश्मनों की कब्र खोदेंगे।” उन्होंने आरोप लगाया कि कुछ लोगों ने जेएनयू को ‘टुकड़े-टुकड़े गैंग’ का अड्डा बना दिया है।

केंद्रीय मंत्री ने कहा,“राहुल गांधी जैसे विकृत मानसिकता वाले लोग, तृणमूल कांग्रेस के नेताओं और कम्युनिस्टों ने मिलकर यह गैंग बनाया है। ये लोग उच्चतम न्यायालय का भी सम्मान नहीं करते और उमर खालिद तथा शरजील इमाम के समर्थन में नारे लगाते हैं।” उन्होंने कहा कि ‘‘पाकिस्तानी मानसिकता” रखने वालों को देश में बर्दाश्त नहीं किया जाएगा तथा “दुश्मनों की कब्र पहले भी खोदी गई है और आगे भी खोदी जाएगी।’’ इस बीच, जेएनयू छात्रसंघ की अध्यक्ष अदिति मिश्रा ने कहा कि हर साल विद्यार्थी पांच जनवरी 2020 को परिसर में हुई हिंसा के विरोध में प्रदर्शन करते हैं।

उन्होंने कहा, “प्रदर्शन के दौरान लगाए गए सभी नारे वैचारिक थे । वे किसी के खिलाफ लक्षित नहीं थे।” दिल्ली पुलिस के एक वरिष्ठ अधिकारी ने बताया कि इस मामले में अब तक कोई शिकायत दर्ज नहीं की गई है। इस बीच, गिरिराज सिंह ने उत्तराखंड सरकार के हरिद्वार के 105 घाटों में गैर-हिंदुओं के प्रवेश पर प्रतिबंध लगाने के कथित प्रस्ताव की सराहना की। उन्होंने कहा, “क्या कोई हिंदू काबा जाता है? क्या इसकी अनुमति है? हरिद्वार में बड़ी संख्या में बांग्लादेशी मुसलमान हैं। उनके खिलाफ कार्रवाई होनी चाहिए।”

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