पटनाः नवंबर 2025 में हुए बिहार विधानसभा चुनावों में नीतीश कुमार और प्रधानमंत्री मोदी के नेतृत्व में एनडीए को भारी जीत मिली और रिकॉर्ड दसवीं बार मुख्यमंत्री के रूप में शपथ लेने के चार महीने से भी कम समय में 75 वर्ष के हुए 'सुशासन बाबू' राज्यसभा में जाने वाले हैं। भाजपा को पहली बार राज्य में अपना मुख्यमंत्री मिलने का रास्ता खुल जाएगा और उत्तर एवं मध्य भारत के लगभग सभी हिस्सों में उसका प्रभाव क्षेत्र बढ़ जाएगा। उनके बेटे निशांत भी सरकार में शामिल होकर राजनीति में प्रवेश करने वाले हैं।
बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने ट्वीट किया कि मैं इस बार हो रहे चुनावों में राज्यसभा का सदस्य बनना चाहता हूं। मैं आपको पूरी ईमानदारी से आश्वस्त करना चाहता हूं कि भविष्य में भी आपके साथ मेरा संबंध बना रहेगा और विकसित बिहार के निर्माण के लिए आपके साथ मिलकर काम करने का मेरा संकल्प अटल रहेगा। बनने वाली नई सरकार को मेरा पूरा सहयोग और मार्गदर्शन प्राप्त होगा।
पिछले दो दशक से भी अधिक समय से आपने अपना विश्वास एवं समर्थन मेरे साथ लगातार बनाए रखा है, तथा उसी के बल पर हमने बिहार की और आप सब लोगों की पूरी निष्ठा से सेवा की है। आपके विश्वास और समर्थन की ही ताकत थी कि बिहार आज विकास और सम्मान का नया आयाम प्रस्तुत कर रहा है।
इसके लिए पूर्व में भी मैंने आपके प्रति कई बार आभार व्यक्त किया है। संसदीय जीवन शुरू करने के समय से ही मेरे मन में एक इच्छा थी कि मैं बिहार विधान मंडल के दोनों सदनों के साथ संसद के भी दोनों सदनों का सदस्य बनूँ। इसी क्रम में इस बार हो रहे चुनाव में राज्यसभा का सदस्य बनना चाह रहा हूँ।
मैं आपको पूरी ईमानदारी से विश्वास दिलाना चाहता हूँ कि आपके साथ मेरा यह संबंध भविष्य में भी बना रहेगा एवं आपके साथ मिलकर एक विकसित बिहार बनाने का संकल्प पूर्ववत कायम रहेगा। जो नई सरकार बनेगी उसको मेरा पूरा सहयोग एवं मार्गदर्शन रहेगा।