पटनाः बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह की उपस्थिति में राज्यसभा चुनाव के लिए नामांकन पत्र दाखिल किया। इससे पहले केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने पटना में बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार से मुलाकात की। जनता दल यूनाइटेड (जदयू) के अध्यक्ष और बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने बृहस्पतिवार को घोषणा की कि वह राज्यसभा चुनाव लड़ेंगे। इसके साथ ही सबसे लंबे समय तक बिहार के मुख्यमंत्री के रूप में उनके कार्यकाल का अंत हो जाएगा। मुख्यमंत्री पद की चर्चाओं के बीच नीतीश कुमार ने नितिन नबीन के साथ राज्यसभा के लिए अपना नामांकन दाखिल किया।
एनडीए के बिहार से राज्यसभा उम्मीदवार, जिनमें नीतीश कुमार, नितिन नबीन, उपेंद्र कुशवाहा और शिवेश कुमार शामिल हैं, ने पटना में केंद्रीय मंत्री अमित शाह की उपस्थिति में अपना नामांकन दाखिल किया। बिहार सहित देश भर में 37 सीट पर चुनाव हो रहा है।
बिहार में 5 सीट पर राज्यसभा चुनाव हो रहा है। 2 सीट पर भाजपा और 2 सीट पर जदयू और एक सीट पर सहयोगी रालोमो चुनाव लड़ रही है। बता दें कि बिहार में 10 बार मुख्यमंत्री पद की शपथ लेकर 19 साल से भी अधिक समय से मुख्यमंत्री पद पर टिके नीतीश कुमार का “दिल्ली प्लान” लगभग तैयार हो चुका है।
बिहार में भाजपा का पहला मुख्यमंत्री बनने का रास्ता साफ हो गया। भाजपा और जदयू के अलावा सहयोगी दल चिराग पासवान की लोक जनशक्ति पार्टी( रामविलास), जीतनराम मांझी की हिन्दुस्तानी आवाम मोर्चा (हम) और उपेंद्र कुशवाहा के राष्ट्रीय लोक मोर्चा (रालोमो) के विधायकों की निगाह भी बदल रहे राजनीतिक समीकरण और मौसम पर है।
बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने गुरुवार को आगामी राज्यसभा चुनाव लड़ने की घोषणा की, जिससे राज्य के सबसे लंबे समय तक मुख्यमंत्री रहे उनके कार्यकाल का अंत हो गया और एनडीए की हालिया विधानसभा चुनाव जीत के बाद नेतृत्व परिवर्तन का मार्ग प्रशस्त हुआ था। फैसले की घोषणा करते हुए कहा कि नई सरकार का मार्गदर्शन करते हुए संसद के उच्च सदन में प्रवेश करना चाहते हैं।
बिहार सरकार में मंत्री सुरेंद्र मेहता ने मुख्यमंत्री नीतीश कुमार के ट्वीट पर कहा, " उन्होंने खुद ही पोस्ट की है कि वे वहां(राज्यसभा में) जाना चाहते हैं, नई सरकार बनेगी... निशांत कुमार को बहुत पहले ही राजनीति में आना चाहिए था। आ रहे हैं ये अच्छी बात है..."
RJD नेता शक्ति सिंह यादव ने बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार के ट्वीट पर कहा, "एक मुख्यमंत्री जो 202 की संख्या पर जीतकर आया हो और उस मुख्यमंत्री को धक्का देकर राज्यसभा में जाने के लिए मजबूर किया जा रहा है कि आप मुख्यमंत्री पद छोड़ दीजिए, आपका काम समाप्त हो चुका है।
जनता दल में कई खंड हैं... इस खंड के खिलाफ कई लोग हैं, उनके कार्यकर्ता आक्रोशित हैं... नीतीश कुमार के लिए राज्यसभा क्या था? वे जब चाहते चले जाते... जो नीतीश कुमार के साथ हुआ, ये 'महाराष्ट्र मॉडल' का नया वर्जन है। वे बजट सत्र तक पार नहीं कर पाए..."