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'20 साल से फारूक अब्दुल्ला को मारना चाहता था': जम्मू में शादी में फायरिंग का सनसनीखेज बयान, जानिए हमलावर के बारे में

By रुस्तम राणा | Updated: March 12, 2026 06:44 IST

आरोपी, जिसकी पहचान 63 साल के जम्मू के रहने वाले कमल सिंह जामवाल के तौर पर हुई है, ने पुलिस को बताया कि उसने जिस फायरआर्म का इस्तेमाल किया वह उसकी लाइसेंसी बंदूक थी। उसने कहा, "मैं पिछले 20 सालों से फारूक अब्दुल्ला को मारना चाहता था।"

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ठळक मुद्देआरोपी की पहचान 63 साल के जम्मू के रहने वाले कमल सिंह जामवाल के तौर पर हुईपिछले दो दशकों से NC के प्रेसिडेंट को मारने की प्लानिंग कर रहा था आरोपीउसने कहा, मैं पिछले 20 सालों से फारूक अब्दुल्ला को मारना चाहता था, यह मेरा पर्सनल एजेंडा था

नई दिल्ली: जम्मू-कश्मीर के पूर्व मुख्यमंत्री फारूक अब्दुल्ला को जम्मू में एक शादी में गोली मारने की कोशिश करने के आरोपी आदमी ने दावा किया है कि वह पिछले दो दशकों से नेशनल कॉन्फ्रेंस (NC) के प्रेसिडेंट को मारने की प्लानिंग कर रहा था। पुलिस ने इस दावे को कन्फर्म नहीं किया है, लेकिन कहा है कि इस घटना में कोई टेरर एंगल नहीं है।

हमलावर कौन है?

आरोपी, जिसकी पहचान 63 साल के जम्मू के रहने वाले कमल सिंह जामवाल के तौर पर हुई है, ने पुलिस को बताया कि उसने जिस फायरआर्म का इस्तेमाल किया वह उसकी लाइसेंसी बंदूक थी। उसने कहा, "मैं पिछले 20 सालों से फारूक अब्दुल्ला को मारना चाहता था। यह मेरा पर्सनल एजेंडा था। हथियार मेरा अपना है, जो मुझे दिया गया है।"

वह पुरानी मंडी इलाके का रहने वाला है और जम्मू के पुराने हिस्से में उसकी कुछ दुकानें हैं। जामवाल ने जांच करने वालों को बताया कि वह अपनी दुकानों से किराए पर गुज़ारा करता है। एनसी चीफ की जान लेने की नाकाम कोशिश के बाद उसने पुलिस को बताया, "आज मुझे मौका मिला, लेकिन वह (फारूक अब्दुल्ला) खुशकिस्मत था कि बच गया।"

अधिकारियों ने बताया कि जामवाल नशे की हालत में मिला। अधिकारियों ने कहा कि घटना के समय आरोपी नशे में लग रहा था। अब्दुल्ला की हत्या की कोशिश के बाद मौके पर मौजूद कुछ लोगों ने, जिसमें नेशनल कॉन्फ्रेंस के कुछ कार्यकर्ता भी शामिल थे, उसे पीटा भी।

उमर अब्दुल्ला का रिएक्शन

इस घटना पर दुख जताते हुए, जम्मू-कश्मीर के मुख्यमंत्री और फारूक अब्दुल्ला के बेटे, उमर अब्दुल्ला ने कहा कि उनके पिता की जान लेने की कोशिश को उनकी 'Z+' सिक्योरिटी टीम की क्लोज प्रोटेक्शन टीम ने ही रोका था।

उन्होंने X पर लिखा, "अल्लाह मेहरबान है। मेरे पिता बाल-बाल बचे थे। अभी डिटेल्स साफ़ नहीं हैं, लेकिन जो पता चला है वह यह है कि लोडेड पिस्टल वाला एक आदमी पॉइंट ब्लैंक रेंज में आकर गोली चलाने में कामयाब रहा। सिर्फ़ क्लोज़ प्रोटेक्शन टीम ने ही गोली को डिफ्लेक्ट किया और यह पक्का किया कि हत्या की कोशिश नाकाम हो जाए। इस समय जवाबों से ज़्यादा सवाल हैं, जिसमें यह भी शामिल है कि कोई Z+ NSG प्रोटेक्टेड पूर्व सीएम के इतने करीब कैसे पहुँच गया।" 

टॅग्स :फारूक अब्दुल्लाजम्मू कश्मीर
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