नई दिल्लीः पश्चिम एशिया में जारी संकट के बीच अब तक तीन भारतीय नाविक मारे गए हैं और एक लापता है। सरकार ने बृहस्पतिवार को यह जानकारी दी। पत्तन, पोत परिवहन और जलमार्ग मंत्रालय के विशेष सचिव राजेश कुमार सिन्हा ने कहा कि पिछले कुछ दिनों में विदेशी जहाजों पर हुए हमलों में चार भारतीय नाविक घायल हुए हैं, लेकिन उनकी हालत स्थिर है। उन्होंने पश्चिम एशिया संकट पर मीडिया को जानकारी देते हुए कहा कि विदेशी ध्वज वाले जहाजों पर 78 भारतीय नाविक थे। इनमें से 70 लोग बाल-बाल बच गए, जबकि चार घायल हुए थे, लेकिन उनकी हालत स्थिर है।
तीन लोगों की मौत हो चुकी है और एक नाविक लापता है।, उन्होंने कहा कि मंत्रालय फारस की खाड़ी की मौजूदा समुद्री स्थिति पर लगातार नजर रख रहा है। उद्योग जगत और हितधारकों के साथ नियमित रूप से बातचीत जारी है ताकि सभी प्रकार की सहायता प्रदान की जा सके।
सरकार भारतीय नाविकों की सुरक्षा और कल्याण सुनिश्चित करने के लिए प्रतिबद्ध है। सिन्हा ने यह भी कहा कि सभी प्रमुख बंदरगाहों को सीमा शुल्क और ‘डीजीएफटी’ जैसी एजेंसियों के साथ समन्वय करने और बंदरगाह शुल्क में राहत देने पर विचार करने की सलाह दी गई है।
भारत होर्मुज जलडमरूमध्य के रणनीतिक जहाजरानी मार्ग से भारतीय ध्वज वाले लगभग 28 व्यापारिक जहाजों के लिए सुरक्षित मार्ग सुनिश्चित करने को लेकर ईरान के साथ संपर्क में है। सूत्रों ने यह जानकारी दी। अमेरिका और इजराइल के साथ संघर्ष के बीच ईरान ने इस मार्ग को आंशिक रूप से अवरुद्ध कर दिया है।
ईंधन संकट की आशंका से देशभर में अफरा-तफरी, पेट्रोल पंपों और गैस एजेंसियों पर लंबी कतारें
ईंधन की कथित कमी की खबरों के बीच बृहस्पतिवार को देशभर में लोग पेट्रोल पंपों और एलपीजी वितरण केंद्रों के बाहर लंबी कतारों में खड़े नजर आए, जिससे आम उपभोक्ताओं के साथ-साथ रेस्तरां, स्कूलों और खानपान सेवाओं का कामकाज भी प्रभावित होने लगा है। सरकार ने संसद में कहा कि संकट के बावजूद पेट्रोल, डीजल और केरोसिन की कोई कमी नहीं है और यह अफवाहें फैलाने का समय नहीं है।