लखनऊः उत्तर प्रदेश में संगठन की धार से सत्ता का द्वार खोलने वाली भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के प्रदेश अध्यक्ष पंकज चौधरी इस महीने मानसून सत्र खत्म होने के बाद पार्टी संगठन को नया रूप देंगे. वह पार्टी संगठन में ऊपर से लेकर नीचे तक फेरबदल करेंगे. वह पार्टी संगठन में आधे से अधिक नए चेहरों को मिलेगा मौका देंगे. ऐसे लोगों को महत्व दिया जाएगा जो गांव और कस्बों में लोगों के बीच में मोदी और योगी सरकार की नीतियों को उत्साह के साथ प्रचारित करें. और समाजवादी पार्टी (सपा) के पिछड़े-दलित और अल्पसंख्यक (पीडीए) फार्मूले और जीरामजी जैसे फैक्टरों पर विरोधियों का चक्रव्यूह भेद सके.
बताया यह भी जा रहा है कि पार्टी संगठन में पश्चिम यूपी, बुंदेलखंड और रूहेलखंड और मध्य क्षेत्र को महत्व दिया जाएगा. रक्षामंत्री राजनाथ सिंह के छोटे पुत्र नीरज सिंह को भी पार्टी संगठन में ज़िम्मेदारी दिए जाने की चर्चा है. नीरज सिंह बीते दो वर्षों से लखनऊ में सक्रिय हैं.
पंकज चौधरी की तैयारी
भाजपा नेताओं के अनुसार, पार्टी के नए प्रदेश पंकज चौधरी के सामने सत्ता से संगठन तक जातीय समीकरण छेड़े बिना नए चेहरों के साथ क्षेत्रीय संतुलन साधने की चुनौती है. इसकी पहली वजह यह है कि मुख्यमंत्री और प्रदेश अध्यक्ष दोनों गोरखपुर क्षेत्र से हैं. जबकि क्षेत्र ब्रज से योगी सरकार में छह कैबिनेट मंत्री और संगठन में एक महामंत्री है.
पश्चिम क्षेत्र से भाजपा कोटे से महज एक कैबिनेट मंत्री को स्थान मिला है, लेकिन पार्टी के प्रदेश संगठन में कोई महामंत्री नहीं है. पार्टी संगठन में उपाध्यक्ष बनाने के लिए कई नेता उत्साहित हैं. इन लोगों का कहना है कि अगले वर्ष विधानसभा चुनाव होने हैं, ऐसे में पार्टी संगठन की नई टीम में शामिल होने का सबसे बेहतर अवसर यहीं है. इसलिए पार्टी के जिन सीनियर नेताओं में योगी मंत्रिमंडल में शामिल होने की उम्मीद छोड़ दी है, वह सब अब पार्टी संगठन में शामिल होने की दौड़ में शामिल हो गए है.
इस कारण से अब काशी, अवध, कानपुर-बुंदेलखंड, ब्रज, पश्चिम क्षेत्र और गोरखपुर जोन के नेताओं की परिक्रमा पार्टी मुख्यालय में बढ़ गई है. पार्टी ने प्रदेश को काशी, गोरखपुर, अवध, कानपुर-बुंदेलखंड, ब्रज एवं पश्चिम क्षेत्र के रूप में छह जोन में बांटा है, जिसमें प्रतिनिधित्व को लेकर संतुलन साधने के लिए अब पंकज चौधरी व्यस्त है.
इनमें से तमाम लोगों की जिम्मेदारी बदलेगी
बताया जा रहा है कि पंकज चौधरी नई टीम का गठन करने के लिए इस साल होने वाले पंचायत चुनाव को लेकर भी सोच रहे हैं. वह चाहते हैं कि उनकी टीम में गांव और शहर दोनों ही जगह काम करने वाले ऑलराउंडर युवा रहे. ताकि इन लोगों को लंबे समय तक पार्टी संगठन में काम करने के लिए मौका मिले.
भाजपा नेताओं का कहना है कि वर्ष 2022 में पश्चिम क्षेत्र के जाट चेहरा भूपेंद्र चौधरी को प्रदेश अध्यक्ष बनाकर संगठन और सरकार तक पूरब और पश्चिम का समीकरण साधा गया, लेकिन प्रदेश इकाई में ज्यादा बदलाव नहीं किया गया. तब क्षेत्रीय अध्यक्ष बदले गए, लेकिन बाकी इकाई लगभग वही रखी गई. जिलों में भी यही हाल रहा.
पश्चिम क्षेत्र से कांता कर्दम, सुनीता दयाल, सतपाल सैनी, सुरेंद्र नागर, पंकज सिंह एवं मोहित बेनीवाल को प्रदेश उपाध्यक्ष बनाया गया, जिसमें नागर अब राष्ट्रीय मंत्री और सुनीता दयाल महापौर हैं. ब्रज क्षेत्र से पूर्व विधायक रामप्रताप सिंह वर्तमान में महामंत्री हैं, लेकिन पश्चिम से कोई नहीं. 65 विस सीटों वाले ब्रज क्षेत्र से सुरेश खन्ना, बेबी रानी मौर्य, लक्ष्मी नारायण चौधरी, योगेंद्र उपाध्याय, धर्मपाल सिंह एवं जयवीर सिंह के रूप में छह कैबिनेट मंत्री हैं, वहीं 71 विस सीटों वाले पश्चिम क्षेत्र से भाजपा के कोटे से सुनील शर्मा के रूप में सिर्फ एक कैबिनेट मंत्री बनाया गया.
लेकिन अब इनमें से तमाम लोगों की जिम्मेदारी बदलेगी. यह काम आसान नहीं होगा पर पंकज चौधरी ने तय किया है कि पार्टी संगठन में अब नए लोगों को ज्यादा जगह मिलेगी. मंत्री सरकार के काम देखेंगे और पार्टी के बड़े-छोटे पदाधिकारी जनता के बीच काम करेंगे.