लखनऊः उत्तर प्रदेश में अगले साल होने वाले विधानसभा चुनावों के पहले राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (आरएसएस) युवाओं के बीच अपनी पैठ को पहले से अधिक मजबूत करेगा. इसके लिए इसी वर्ष सितंबर में बड़े पैमाने पर खेल और वाद विवाद प्रतियोगिताओं समेत युवाओं से जुड़े आयोजन करवाए जाएगे. स्कूल, कालेज यूनिवर्सिटी, शोध संस्थान और स्पोर्ट्स क्लबों में होने वाले इन आयोजनों के जरिए युवाओं को आरएसएस (संघ) की विचारधारा के बारे में जागरूक किया जाएगा. इनमें से उत्साही युवकों को चुनकर उन्हे डिग्री कालेज और यूनिवर्सिटी में चलने वाले संघ के अभियानों से जोड़ा जाएगा. ताकि राज्य की योगी सरकार के पक्ष में माहौल बनाने के लिए युवाओं की एक बड़े फौज मदद के लिए खड़ी की जा सके.
समाज के हर वर्ग को जोड़ेगा संघ
आरएसएस के प्रांत संघचालक संजय सिंह ने लखनऊ के जियामऊ स्थित विश्व संवाद केंद्र में एक मुलाक़ात के दौरान यह जानकारी दी. उन्होने बीते दिनों हरियाणा के समालखा में हुई अखिल भारतीय प्रतिनिधि सभा की बैठक में लिए गए तमाम निर्णयों की भी जानकारी साझा की. संजय सिंह के मुताबिक अभी 10 हजार की आबादी में संगठन के लिहाज से एक बस्ती तय होती है.
इसके नीचे ढाई-ढाई हजार की आबादी पर उप बस्तियां बनाने के काम तेज होगा, ताकि संगठन को ज्यादा लोगों तक पहुंचाया जा सके. इसके बाद ग्राम पंचायत स्तर पर संगठन का विस्तार किया जाएगा और विजयदशमी तक क्षेत्र प्रचार में तेजी लाई जाएगी. संघ की शाखाओं में युवाओं की कम होती सहभागिता को दूर करने लिए अवध क्षेत्र में जल्दी ही सामाजिक सद्भाव बैठकों का आयोजन किया जाएगा.
संजय सिंह के अनुसार, संघ में विद्यार्थी, बाल और तरुण शाखाएं अलग-अलग होती है. बाहर से देखने पर यह कम दिख सकती हैं, लेकिन हर श्रेणी की शाखाओं में युवाओ की संख्या लगातार बढ़ रही है.सितंबर से शुरू होने वाले आयोजनों के बाद इनकी संख्या में और इजाफा ही होगा. उन्होने अवध प्रांत में हुए संगठन के विस्तार को लेकर कहा कि अवध प्रांत की कुल 2888 मंडल-बस्तियों में से 2860 में नियमित शाखाएं संचालित हो रही हैं. प्रांत के 18,993 गांवों में से 15,864 गांवों में सीधे तौर पर घर-घर संपर्क किया जा चुका है.
यहीं नहीं अवध प्रांत में 2728 स्थानों पर हिंदू सम्मेलन और सैकड़ों सामाजिक सद्भाव बैठकों का आयोजन किया गया. शताब्दी वर्ष के ये विशेष कार्यक्रम आगामी विजयादशमी तक निरंतर जारी रहेंगे ताकि समाज के हर वर्ग को जोड़ा जा सके.
रविदास के विचारों का किया जाएगा प्रचार
संजय सिंह के अनुसार, सरकार्यवाह दत्तात्रेय होसबाले ने संत रविदास के 650वें प्राकट्य वर्ष के अवसर पर एक विशेष संदेश जारी किया है. इस संदेश में यह कहा गया कि संघ का मानना है कि संत रविदास के विचारों को अपनाकर ही समाज की एकता को मजबूत किया जा सकता है.
महापुरुषों के योगदान को किसी एक जाति या पंथ तक सीमित न रखकर उन्हे राष्ट्र की साझा विरासत के रूप में स्वीकार करना चाहिए. संजय सिंह के मुताबिक वर्तनाम में देश के भीतर कुछ ताक़तें समाज और जाति और वर्ग में बांटने की साजिश कर रही हैं.
ऐसी ताकतों का मुक़ाबला करने और सामाजिक एकता को बढ़ाने के लिए संत रविदास के विचार काफी कारगर हैं और संघ इनके विचारों का प्रचार प्रदेश में करेगी ताकि समाज की एकता को मजबूत किया जा सके. बताया जा रहा है दलित समाज की भाजपा से दूरी को कम करने के लिए ही संघ ने रविदास के विचारों को प्रचारित करने की योजना तैयार की है.