UP: From Sonbhadra Bloody conflict to Priyanka Gandhi arrest, Read whole matter | सोनभद्र खूनी संघर्ष में 10 लोगों की हत्या से लेकर प्रियंका गांधी की हिरासत तक, पढ़ें पूरा घटनाक्रम
कांग्रेस महासचिव प्रियंका गांधी। (Image Source: Twitter/@INCUttarPradesh)

सोनभद्र गोलीकांड में मारे गए लोगों के परिजनों से मिलने जा रहीं कांग्रेस नेता प्रियंका गांधी को राज्य प्रशासन द्वारा बीच रास्ते में ही रोक दिए जाने के बाद हिरासत में ले लिया गया । प्रदेश प्रशासन की इस कार्रवाई के विरोध में उत्तर भारत में जगह जगह कांग्रेस ने प्रदर्शन किया । सोनभद्र जाने से रोके जाने के बाद प्रियंका गांधी बीच सड़क पर ही पाल्थी मारकर बैठ गईं और जोर देने लगीं कि उन्हें आगे जाने की इजाजत दी जाए। वह इस बात पर अड़ी हुयी थीं कि या तो उन्हें आगे जाने की इजाजत दी जाए या जेल भेज दिया जाए।

उनका कहना था कि हत्याकांड के पीड़ितों से मिले बगैर नहीं जाएंगी। प्रशासन से उनकी वार्ता भी बेनतीजा रही। उन्होंने वारदात में मारे गये लोगों के परिजन को 25-25 लाख रुपये का मुआवजा और जमीन पर मालिकाना हक दिए जाने की भी मांग की। इस बीच, प्रियंका को हिरासत में लिये जाने के विरोध में कांग्रेसी नेताओं व कार्यकर्ताओं ने प्रदेश में जगह-जगह प्रदर्शन किया। सोनभद्र गोलीकांड को लेकर सियासी सरगर्मियों में शुक्रवार को आई तेजी के बीच कांग्रेस के पूर्व अध्यक्ष राहुल गांधी समेत पार्टी के दूसरे नेताओं ने आरोप लगाया कि प्रियंका को “अवैध” रूप से गिरफ्तार किया गया और उत्तर प्रदेश सरकार लोकतंत्र को कुचलने की कोशिश कर रही है जबकि स्थानीय पुलिस अधिकारियों ने कहा कि राज्य के मिर्जापुर जिले के नारायणपुर में उन्हें हिरासत में लिया गया।

मामले के सुर्खियों में आने पर मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने न्याय का वादा किया और कहा कि घोरावल में तैनात रहे एसडीएम, क्षेत्राधिकारी और निरीक्षक को जांच समिति की रिपोर्ट के आधार पर निलंबित कर दिया गया है। बीट सब इंस्पेक्टर और कांस्टेबल को भी निलंबित किया गया है। उधर, आदित्यनाथ ने विधानसभा में दिये गए बयान में कहा कि इसके अलावा ग्राम प्रधान यज्ञ दत्त और उसके भाई समेत 29 लोगों को गिरफ्तार किया गया है। अतिरिक्त मुख्य सचिव (राजस्व) के नेतृत्व में एक समिति भी गठित की गई है जो 10 दिनों के अंदर अपनी रिपोर्ट देगी।

गौरतलब है कि सोनभद्र के घोरावल इलाके में बुधवार को ग्राम प्रधान और गोंड आदिवासियों के बीच जमीन के एक टुकड़े को लेकर हुए संघर्ष में 10 लोगों की हत्या हो गई थी जबकि 18 अन्य घायल हो गए थे। दत्त के समर्थकों ने कथित रूप से आदिवासियों पर फायरिंग की थी। प्रियंका सोनभद्र गोलीकांड में घायल हुए लोगों से मिलने के लिए वाराणसी के एक अस्पताल पहुंचीं और इसके बाद यहां से करीब 80 किलोमीटर दूर सोनभद्र के लिये रवाना हुईं। कांग्रेस महासचिव और पूर्वी उत्तर प्रदेश की प्रभारी प्रियंका को वाराणसी-मिर्जापुर सीमा पर रोक दिया गया। इस पर प्रियंका धरने पर बैठ गईं जिसके बाद उन्हें चुनार अतिथि गृह ले जाया गया।

सोनभद्र के उप महानिरीक्षक पीयूष कुमार श्रीवास्तव ने पीटीआई-भाषा को बताया कि प्रियंका गांधी और कांग्रेस के अन्य सदस्यों को नारायणपुर में “रोका और हिरासत” में लिया गया। उस समय वह सोनभद्र जा रहीं थीं। डीआईजी ने कहा कि सोनभद्र जिले के घोरवाल इलाके में निषेधाज्ञा लागू है। जिलाधिकारी अनुराग पटेल प्रियंका से वार्ता करने के लिये अतिथि गृह पहुंचे मगर बातचीत बेनतीजा रही। प्रियंका ने संवाददाताओं से कहा कि वह पीड़ितों से मिले बगैर वापस नहीं जाएंगी।

प्रियंका के साथ गेस्ट हाउस लाये गये प्रदेश कांग्रेस विधानमंडल दल के नेता अजय कुमार सिंह 'लल्लू' ने 'भाषा' को बताया ''जिला प्रशासन से बातचीत निरर्थक रही है। हमें धारा 151 में हिरासत में ले लिया गया है। हमारा स्पष्ट कहना है या तो हमें जेल भेजो या परिजन से मिलवाओ। जब तक हमारी मांग पूरी नहीं होती, तब तक हम यहीं बैठेंगे।''

इस बीच, प्रियंका को हिरासत में लिये जाने के विरोध में प्रदेश के विभिन्न जिलों में भी कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने प्रदर्शन किया। राजधानी लखनऊ में जीपीओ पर पार्टी विधायक आराधना शुक्ला, विधान परिषद सदस्य दीपक सिंह तथा अन्य पार्टी कार्यकर्ताओं ने प्रदर्शन किया। थोड़ी देर बाद उन्हें हिरासत में ले लिया गया। इसके अलावा प्रयागराज, प्रतापगढ़ समेत कई जिलों से ऐसे प्रदर्शन किये जाने की खबर मिली है।

इससे पहले, प्रियंका ने धरने के दौरान कहा कि वह सोनभद्र में हुई वारदात में मारे गए लोगों के परिजनों से मिलने के लिए शांतिपूर्ण तरीके से जा रही थीं लेकिन प्रशासन ने उन्हें रोक लिया। वह चाहती हैं कि उन्हें जाने से रोकने का लिखित आदेश दिखाया जाए। उन्होंने कहा ''सोनभद्र में धारा 144 लागू है, मिर्जापुर में नहीं। मैंने प्रशासन से कहा था कि मैं पीड़ितों से मिलने के लिए सिर्फ 4 लोगों के साथ भी सोनभद्र जाने को तैयार हूं, मगर इसके बावजूद ना जाने क्यों हमें रोक लिया गया।’’

वहीं दिल्ली में पूर्व पार्टी प्रमुख राहुल गांधी ने अपनी बहन के खिलाफ कार्रवाई को “अवैध गिरफ्तारी” करार दिया। राहुल गांधी ने ट्वीट किया, ‘‘सोनभद्र में प्रियंका की गैरकानूनी गिरफ्तारी परेशान करने वाली है। उन्हें रोकने के लिए सत्ता का मनमाने ढंग से इस्तेमाल किया गया है। इससे भाजपा सरकार की बढ़ती असुरक्षा का पता चलता है।’’ कांग्रेस महासचिव और पश्चिमी उत्तर प्रदेश के प्रभारी ज्योतिरादित्य सिंधिया ने इस कार्रवाई को लोकतंत्र का “खुलेआम अपमान” बताया।

कांग्रेस के मुख्य प्रवक्ता रणदीप सुरजेवाला ने भी इस घटना को लेकर सरकार पर निशाना साधा और कहा कि भाजपा सरकार ने उत्तर प्रदेश को “अपराध प्रदेश” बना दिया है। वहीं प्रियंका गांधी के पति रॉबर्ट वाड्रा ने भी गिरफ्तारी की निंदा करते हुए ट्वीट कर कहा, ‘‘मेरी पत्नी और कांग्रेस नेता प्रियंका को जिस तरह से गिरफ्तार किया गया है वह पूरी तरह असंवैधानिक है। गिरफ्तारी के लिए कोई दस्तावेज पेश नहीं किया गया।’’ उन्होंने कहा, ‘‘सरकार को उन्हें तत्काल रिहा करना चाहिए। लोकतंत्र को तानाशाही में नहीं बदला जाए।’’

इस बीच, प्रदेश के उप मुख्यमंत्री दिनेश शर्मा ने प्रियंका के इस कदम को 'ओछी राजनीति' करार देते हुए कहा कि सोनभद्र में हुई घटना की जड़ में तत्कालीन कांग्रेस की लापरवाही है। उन्होंने देर शाम संवाददाताओं से कहा कि वर्ष 1955 से 1985 तक यह जमीन एक ट्रस्ट के नाम पर थी। उसके बाद यह कुछ लोगों के नाम कर दी गयी। इन सभी घटनाक्रमों के दौरान प्रदेश में कांग्रेस की ही सरकार थी। प्रियंका को इसका जवाब देना चाहिये। वहीं तृणमूल कांग्रेस का एक प्रतिनिधिमंडल भी इस मुद्दे पर शनिवार को पीड़ितों से मिलने सोनभद्र जाएगा।


Web Title: UP: From Sonbhadra Bloody conflict to Priyanka Gandhi arrest, Read whole matter
भारत से जुड़ी हिंदी खबरों और देश दुनिया की ताज़ा खबरों के लिए यहाँ क्लिक करे. यूट्यूब चैनल यहाँ सब्सक्राइब करें और देखें हमारा एक्सक्लूसिव वीडियो कंटेंट. सोशल से जुड़ने के लिए हमारा Facebook Page लाइक करे