लखनऊः उत्तर प्रदेश विधानसभा के बजट सत्र के आज आखिरी दिन मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने बजट को लेकर कई बड़ी घोषणा की. उन्होने ऐलान किया कि अप्रैल महीने से शिक्षामित्रों को हर 18,000 रुपए और अनुदेशकों को 17 हजार मानदेय मिलेगा. राज्य में अभी सवा लाख शिक्षामित्रों को दस हजार रुपए मानदेय मिल रहा था. सुप्रीम कोर्ट ने शिक्षामित्रों के मानदेय को 17,000 रुपए तक किए जाने पर विचार करने का सुझाव प्रदेश सरकार को दिया था. जिसे मानते हुए मुख्यमंत्री ने शिक्षामित्रों का मानदेय 18,000 रुपए किए जाने का फैसला किया और इसका जानकारी सदन में दी.
अगले पांच साल में 100 नई टाउनशिप बनाएंगे
शुक्रवार को सदन की कार्यवाही काफी हंगामेदार रही. सदन में विभिन्न मुद्दों पर चर्चा हुई. विपक्ष ने अपने सवाल दागे, जिसका सरकार की तरफ से जवाब दिया गया. कुछ तल्खी भी हुई. ऐसे माहौल में मुख्यमंत्री योगी ने शिक्षामित्रों के मानदेय में इजाफा जाने और शिक्षकों के लिए पांच लाख कैशलेस इलाज की सुविधा देने का ऐलान किया.
उन्होंने यह भी कहा कि राज्य में जहां कस्तूरबा गांधी आवासीय विद्यालय नहीं हैं, वहां विद्यालय बनेंगे. इसके लिए 580 करोड़ रुपये की व्यवस्था की है. इसके बाद सीएम योगी के कहा कि हमने हर एक जनपद में सरदार पटेल के नाम पर एक इंप्लॉयमेंट जोन स्थापित करने की बात बजट में कही है. इस योजना के तहत एक छत के नीचे सारे कार्य होंगे.
यहां पर युवाओं का कौशल विकास होगा और उन्हें जॉब देने तक का काम एक जोन में होगा. इसी तरह हमने एक जिला एक व्यंजन योजना के लिए बजट का प्रावधान किया है. सीएम योगी ने कहा कि हमने तय किया है कि अगले पांच साल में 100 नई टाउनशिप बनाएंगे. इसके लिए हर जिले में एक लैंड बैंक बनाएंगे.
ये प्रदेश के 25 करोड़ लोगों की जरूरत को पूरा करने के लिए जरूरी है. सीएम ने डिजिटल एन्टरप्रेन्योर योजना की घोषणा भी सदन में की. उन्होंने कहा कि इसके तहत गांवों में आठ हजार डिजिटल उद्योग स्थापित करेंगे. इसमें 50 फीसदी महिला आरक्षण होगा. यूनियन बजट में कई गई सीमार्ट की घोषणा के तर्ज पर प्रदेश में महिला उद्यमी विपणन उद्योग केंद्र स्थापित किए जाएंगे.
अवकाश घोषित करने पर सरकार लेगी फैसला
समाजवादी पार्टी के विधायक कमाल अख्तर ने विधानसभा में परशुराम जयंती पर 19 अप्रैल को सार्वजनिक अवकाश घोषित किए जाने की मांग की. उन्होंने कहा कि भगवान श्री विष्णु के अवतार भगवान श्री परशुराम जी को न केवल ब्राह्मण समाज, बल्कि सभी समाज के लोग पूजते हैं. सपा सरकार में अखिलेश यादव ने परशुराम जयंती पर राज्य के अवकाश घोषित कर रखा था,
लेकिन वर्तमान सरकार ने उसे निरस्त कर दिया. योगी सरकार के इस फैसले से परशुराम को पूजने वाले लोगों को परेशानी हो रही है. सरकारी अवकाश न होने के कारण उनको मानने वाले लोग अपना व्यक्तिगत अवकाश लेते हैं. व्यापारी अपना व्यापार बंद रखते हैं.
भगवान परशुराम जी की जयंती को राजकीय अवकाश घोषित किया जाना अति आवश्यक है. सरकार इस दिशा में आदेश जारी करें. इस पर विधानसभा अध्यक्ष सतीश महाना ने कहा कि आपने मामला उठाया है. सरकार इस दिशा में निर्णय लेगी.