2026 में मानवरहित गगनयान मिशन और निजी रॉकेट लांचर, अंतरिक्ष क्षेत्र की प्रमुख बातें

By लोकमत न्यूज़ डेस्क | Updated: January 1, 2026 18:04 IST2026-01-01T18:03:59+5:302026-01-01T18:04:48+5:30

नए साल में ऐसे ध्रुवीय उपग्रह प्रक्षेपण यान (पीएसएलवी) का प्रक्षेपण भी होगा, जिसे 2023 में इसरो से अनुबंध हासिल कर पूरी तरह हिंदुस्तान एरोनॉटिक्स लिमिटेड और लार्सन एंड टुब्रो ने बनाया है।

Unmanned Gaganyaan mission in 2026 and private rocket launchers, key highlights space sector Gaganyaan Mission Likely To Be Launched By 2026-End ISRO Chairman | 2026 में मानवरहित गगनयान मिशन और निजी रॉकेट लांचर, अंतरिक्ष क्षेत्र की प्रमुख बातें

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Highlightsछोटे उपग्रहों के बढ़ते प्रक्षेपण बाजार में अपनी पकड़ मजबूत करना चाहती हैं। गगनयान उर्फ जी-1 का पहला कक्षीय परीक्षण इस साल मार्च तक होने की उम्मीद है।यान में मानवाकार रोबोट व्योममित्र सवार होगा।

नई दिल्लीः शुभांशु शुक्ला की अंतरराष्ट्रीय अंतरिक्ष स्टेशन (आईएसएस) की पहली यात्रा की सफलता के आधार पर भारत इस साल के आखिर तक मानवरहित गगनयान मिशन के उड़ान भरने के साथ ही अपनी पहली मानव अंतरिक्ष उड़ान की दिशा में प्रथम कदम उठाने के लिए तैयार है। अंतरिक्ष क्षेत्र की निजी कंपनियां ‘स्काईरूट एयरोस्पेस’ और ‘अग्निकुल कॉसमॉस’ भी स्वदेशी ‘रॉकेट विक्रम-1’ और अग्निबान से उपग्रहों को भेजने की तैयारी कर रही हैं, क्योंकि वे छोटे उपग्रहों के बढ़ते प्रक्षेपण बाजार में अपनी पकड़ मजबूत करना चाहती हैं।

नए साल में ऐसे ध्रुवीय उपग्रह प्रक्षेपण यान (पीएसएलवी) का प्रक्षेपण भी होगा, जिसे 2023 में इसरो से अनुबंध हासिल कर पूरी तरह हिंदुस्तान एरोनॉटिक्स लिमिटेड और लार्सन एंड टुब्रो ने बनाया है। विज्ञान और प्रौद्योगिकी मंत्री जितेंद्र सिंह ने पिछले महीने संसद को बताया था कि गगनयान उर्फ जी-1 का पहला कक्षीय परीक्षण इस साल मार्च तक होने की उम्मीद है।

इस यान में मानवाकार रोबोट व्योममित्र सवार होगा। यह मानवाकार रोबोट एक अंतरिक्ष यात्री के कार्यों का अनुकरण करेगा। भारत की 2027 में मानव अंतरिक्ष उड़ान की योजना है, उससे पहले यह अंतरिक्ष यान पृथ्वी की निचली कक्षा में महत्वपूर्ण चालक दल प्रणालियों का सत्यापन करेगा।

भारतीय अंतरिक्ष संघ (आईएसपीए) के महानिदेशक लेफ्टिनेंट जनरल ए के भट्ट ने कहा, ‘‘2026 में पीएसएलवी-एन1, अग्निकुल के 3डी प्रिंटेड इंजन और पिक्सल के हाइपरस्पेक्ट्रल नक्षत्रों के माध्यम से क्वांटम प्रौद्योगिकियों में सफलताओं के जरिए भारत की वैश्विक स्थिति मजबूत होगी। हम समर्पित निजी प्रक्षेपण पैड जैसी बुनियादी ढांचागत जरूरतों को भी पूरा करेंगे।’’

पिछले साल, शुक्ला एक्सिओम-4 वाणिज्यिक मिशन के तहत अंतरराष्ट्रीय अंतरिक्ष स्टेशन की यात्रा करने वाले पहले भारतीय बने थे और उन्होंने इतिहास रचा था। शुक्ला ने कक्षीय प्रयोगशाला में 18 दिन बिताए, जहां उन्होंने सूक्ष्म गुरुत्वाकर्षण प्रयोग किए। यह अनुभव भारत की मानव अंतरिक्ष उड़ान के लिए अत्यंत मूल्यवान साबित होगा।

आईआईटी-मद्रास में विकसित अंतरिक्ष स्टार्टअप ‘अग्निकुल कॉसमॉस’ की योजना पुन: प्रयोज्य रॉकेट लॉन्च करने और अपने रॉकेट के ऊपरी चरणों को कार्यात्मक उपग्रहों में परिवर्तित करने की भी है ताकि लागत कम की जा सके। ‘स्काईरूट एयरोस्पेस’ ने पिछले महीने प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी की डिजिटल उपस्थिति में विक्रम-1 रॉकेट का अनावरण किया था। कंपनी का लक्ष्य इस रॉकेट को इस साल की शुरुआत में व्यावसायिक पेलोड के साथ लॉन्च करना है। 

Web Title: Unmanned Gaganyaan mission in 2026 and private rocket launchers, key highlights space sector Gaganyaan Mission Likely To Be Launched By 2026-End ISRO Chairman

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