Toll Tax New Rules: देश में तेजी से नए हाईवे और सड़कें बन रही है। और ऐसे में हजारों गाड़ियां लंबी दूरी तय कर रही है लेकिन लंबी दूरी तय करने के दौरान जगह-जगह टोल टैक्स चुकाने के लिए लंबी लाइन लगानी पड़ती है। इससे टोल प्लाजा पर अक्सर लाइन लग जाती है और लोगों को सफर के दौरान रुकावट महसूस होती है। अब, नई टेक्नोलॉजी इस समस्या का समाधान कर रही है।
देश का पहला बैरियर-फ्री टोल बूथ गुजरात के सूरत में शुरू किया गया है। गाड़ियां बिना रुके गुज़रेंगी, और टोल अपने आप कट जाएगा। यह सिस्टम हाई-रिज़ॉल्यूशन कैमरे, GPS और ऑटोमेटेड नंबर प्लेट रिकग्निशन टेक्नोलॉजी का इस्तेमाल करता है। इसका मतलब है कि अब टोल पेमेंट पूरी तरह से डिजिटल और आसान होने वाला है। पूरी कहानी जानें।
टोल प्लाजा के बिना टोल कलेक्शन
नया टोल प्लाजा सिस्टम टोल प्लाजा पर लगे बैरियर को खत्म कर देगा। सड़क पर लगे हाई-रिज़ॉल्यूशन कैमरे हर गुज़रने वाली गाड़ी की नंबर प्लेट पढ़ेंगे। अगर गाड़ी में Fastag नहीं भी है, तो भी नंबर प्लेट से गाड़ी की पहचान हो जाएगी। सिस्टम इसे टोल उल्लंघन के तौर पर रजिस्टर करेगा और गाड़ी के मालिक को ई-चालान भेजेगा।
हर लेन में रडार और लिडार-आधारित कैमरे 360-डिग्री रिकॉर्डिंग करेंगे। सारा डेटा रियल टाइम में कंट्रोल रूम और NHAI सर्वर पर रिकॉर्ड किया जाएगा। इसका मतलब है कि कोई भी गाड़ी बिना पेमेंट के पास नहीं हो पाएगी। यह टेक्नोलॉजी पहले से ही दुबई, अमेरिका और ऑस्ट्रेलिया जैसे देशों में इस्तेमाल हो रही है।
अगर आपके पास Fastag है लेकिन बैलेंस कम है तो क्या होगा?
अगर आपकी गाड़ी में Fastag है लेकिन उसका बैलेंस कम है या वह ब्लैकलिस्टेड है, तो भी सिस्टम उसे पहचान लेगा। ऐसे मामलों में, गाड़ी को डिफॉल्टर के तौर पर मार्क किया जाएगा। गाड़ी के मालिक को SMS और ऐप के ज़रिए अलर्ट मिलेगा। तय समय में रिचार्ज न करने पर ई-चालान भेजा जाएगा।
यह सिस्टम उन लोगों पर भी नज़र रखेगा जो जानबूझकर टोल से बचने की कोशिश करते हैं। कैमरे हर एंगल से रिकॉर्ड करते हैं, जिससे बचना मुश्किल होगा। भविष्य में, यह बैरियर-फ्री टोल सिस्टम देश भर के दूसरे हाईवे पर भी लागू किया जा सकता है। इससे यात्रा तेज़ और आसान हो जाएगी।