पटना: तेजस्वी यादव को राजद के कार्यकारी राष्ट्रीय अध्यक्ष घोषित किए जाने पर जदयू के मुख्य प्रवक्ता एवं विधान पार्षद नीरज कुमार ने राजद पर परिवारवाद का आरोप लगाते हुए कहा कि पार्टी में दलित, मुस्लिम, ओबीसी और ईबीसी वर्ग के कई वरिष्ठ और सक्षम नेता मौजूद हैं। लेकिन सभी को दरकिनार कर 22 मामलों के आरोपी तेजस्वी यादव को पिता की कुर्सी सौंप दी गई। उन्होंने तंज कसते हुए कहा कि “ई कोठी का धान ऊ कोठी में डाल दिया गया है।
नीरज कुमार ने यह भी कहा कि घर की बेटी ने भी इस फैसले पर आपत्ति जताई है। नीरज कुमार ने बैठक के आयोजन स्थल पर भी सवाल उठारे हुए कहा कि राजद के पास महुआबाग और कौटिल्य नगर में आलीशान मकान हैं, वहां बैठक होती तो बेहतर वातावरण मिलता। इसके बजाय बीमार लालू प्रसाद यादव को होटल की सीढ़ियां चढ़ने के लिए मजबूर किया गया। उन्होंने कहा कि पार्टी में उदय नारायण चौधरी, शिवचंद्र राम, आलोक मेहता, रामचंद्र पूर्वे और अब्दुल बारी सिद्दीकी जैसे अनुभवी नेता मौजूद हैं, लेकिन लालू यादव ने तेजस्वी यादव को कार्यकारी राष्ट्रीय अध्यक्ष बनाया।
नीरज कुमार ने व्यंग्य करते हुए कहा कि “राजद में अध्यक्ष बनने के लिए सजायाफ्ता होना या मुकदमों का आरोपी होना जरूरी हो गया है। संघर्ष करने वाले साथियों को कोई पद नहीं मिलता, बल्कि चापलूसी और धन देने वालों को ही मौका मिलता है। उन्होंने तेजस्वी यादव से सवाल करते हुए पूछा कि रमीज खान और देवा गुप्ता कहां हैं, यह स्पष्ट करें। नीरज कुमार ने कहा कि यदि इसका जवाब नहीं दिया गया तो यह माना जाएगा कि राजद अपराधियों को संरक्षण दे रही है।
उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि नेता प्रतिपक्ष होने के बावजूद तेजस्वी यादव मीडिया के सवालों से बचते हैं। नीरज कुमार ने तेजस्वी यादव की बहन रोहिणी आचार्य के बयान का हवाला देते हुए कहा कि जब खुद उन्होंने पार्टी में घुसपैठियों और साजिशकर्ताओं की बात कही है, तो तेजस्वी यादव बताएं कि वह घुसपैठिया कौन है और लालू प्रसाद यादव को किसने नजरबंद कर रखा है?