किसान आंदोलन के खिलाफ हिंसा के नये स्तर को रेखांकित करती है लखीमपुर खीरी की घटना: माकपा
By भाषा | Updated: October 7, 2021 21:25 IST2021-10-07T21:25:13+5:302021-10-07T21:25:13+5:30

किसान आंदोलन के खिलाफ हिंसा के नये स्तर को रेखांकित करती है लखीमपुर खीरी की घटना: माकपा
नयी दिल्ली, सात अक्टूबर मार्क्सवादी कम्युनिस्ट पार्टी (माकपा) ने बृहस्पतिवार को कहा कि लखीमपुर खीरी में प्रदर्शनकारियों पर हुआ ‘वीभत्स हमला’ किसानों के आंदोलन के खिलाफ हिंसा के नये स्तर को रेखांकित करता है।
माकपा के मुखपत्र ‘पीपुल्स डेमोक्रेसी’ के संपादकीय में कहा है कि किसानों पर हमला उस वक्त किया गया है जब केंद्र सरकार तीनों कृषि कानूनों के खिलाफ किसानों के आंदोलन को लेकर अपना रुख कड़ा कर रही है।
उसने कहा, ‘‘केंद्रीय मंत्री अजय मिश्रा ने 25 सितंबर को किसानों के खिलाफ भड़काऊ भाषण दिया। इसके कुछ दिनों बाद ही किसानों पर हमला हुआ। भाजपा के नेताओं और मंत्रियों की ओर से जिस भाषा का इस्तेमाल किया जा रहा है, उससे स्पष्ट है कि किसानों के आंदोलन के तेज होने से वे परेशान हैं।’’
वामपंथी दल ने कहा कि इस तरह की हिंसा से आंदोलनकारी किसानों को झुकाया नहीं जा सकता।
गौरतलब है कि लखीमपुर खीरी जिले के तिकोनिया क्षेत्र में गत रविवार को उप मुख्यमंत्री केशव प्रसाद मौर्य द्वारा केंद्रीय गृह राज्य मंत्री अजय मिश्रा के पैतृक गांव के दौरे के विरोध को लेकर भड़की हिंसा में चार किसानों समेत आठ लोगों की मौत हो गई थी। इस मामले में मिश्रा के बेटे आशीष समेत कई लोगों के खिलाफ मुकदमा दर्ज किया गया है।
Disclaimer: लोकमत हिन्दी ने इस ख़बर को संपादित नहीं किया है। यह ख़बर पीटीआई-भाषा की फीड से प्रकाशित की गयी है।