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'पाकिस्तानी कर्नल ने 30 हजार देकर भारतीय सेना पर हमले के लिए भेजा था', पकड़े गए फिदायीन आतंकी ने किया खुलासा

By शिवेंद्र राय | Updated: August 24, 2022 21:47 IST

जम्मू-कश्मीर के नौशेरा सेक्टर में भारतीय सेना ने पाकिस्तान के कब्जे वाले कश्मीर के निवासी तबारक हुसैन को मुठभेड़ के बाद पकड़ा था। तबारक हुसैन ने खुलासा किया है कि उसे पाकिस्तानी सेना की तरफ से पैसे देकर भारतीय सेना पर हमले के लिए भेजा गया था।

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ठळक मुद्दे21 अगस्त को तबारक हुसैन को पकड़ा गया थातबारक हुसैन एक आत्मघाती हमलावर हैगोली लगने के बाद राजौरी में चल रहा है तबारक का इलाज

श्रीनगर: जम्मू-कश्मीर में भारतीय सेना ने नौशेरा सेक्टर में 21 अगस्त को एक आतंकी को गिरफ्तार किया था। पाक अधिकृत कश्मीर का आतंकी तबारक हुसैन एक आत्मघाती हमलावर है। गिरफ्तारी के दौरान तबारक को गोली लगी थी जिसके कारण उसे सेना के अस्पताल में भर्ती कराया गया था। अब तबारक हुसैन ने कुछ चौंकाने वाले खुलासे किए हैं। तबारक ने बताया है कि पाकिस्तानी सेना के कर्नल यूनुस ने पैसे देकर उसे अन्य आतंकियों के साथ भारतीय सेना पर हमला करने के लिए भेजा था। तबारक ने बताया, "हम 4-5 लोग थे। पाकिस्तानी सेना के कर्नल यूनुस ने हमें भेजा था। उन्होंने हमें पैसे दिए थे। हमें भारतीय सेना की 1-2 पोस्ट पर हमला करने को कहा गया था।" गिरफ्तार आतंकी ने बताया कि भारतीय सेना पर हमला करने के लिए उसे पाकिस्तानी कर्नल की तरफ से तीस हजार रूपये भी मिले थे। तबारक ने यह भी बताया कि वह एक आत्मघाती अभियान पर था।

भारतीय सेना के ब्रिगेडियर कपिल राणा ने तबारक के बारे में बताया, "तबारक हुसैन पाकिस्तान के कब्जे वाले कश्मीर का निवासी है। वह पूरी तरह से सशस्त्र आतंकवादियों का नेतृत्व कर रहा था जो उसके पीछे इंतजार कर रहे थे लेकिन भागने में कामयाब रहे। तबारक हुसैन एक अनुभवी आतंकवादी गाइड है। तबारक हुसैन को 2016 में उसके भाई के साथ भी गिरफ्तार किया गया था, जिसे नवंबर 2017 में रिहा किया गया था। तबारक हुसैन का वर्तमान में रजौरी में इलाज हो रहा है, उसे गोली लगी है।"

राजौरी में भारतीय सेना के  ब्रिगेडियर राजीव नायर ने बताया, "21 अगस्त को तबारक हुसैन को लाया गया था। उसके पैर और कंधे पर गोली लगी थी। उसकी हालत नाजुक थी। अब उसकी हालत स्थिर है। इसे रिकवर होने में अभी भी कई हफ्ते लग सकते हैं। हमारे पास जो भी आता है, वो मरीज है, हमारा काम मरीज की जान बचाना है हमने वही किया है।"

ब्रिगेडियर राजीव नायर ने कहा कि हमने तबारक को आतंकवादी मान कर उसका इलाज नहीं किया। हमने उसकी जान बचाने के लिए किसी अन्य मरीज की तरह उसका इलाज किया। यह भारतीय सेना के अधिकारियों की महानता है जिन्होंने उसे अपना खून दिया। भले ही वह उनका खून बहाने आया था। ब्रिगेडियर राजीव नायर ने बताया कि तबारक का ब्लड ग्रुप ओ नेगेटिव था जो बहुत ही दुर्लभ है।

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