लाइव न्यूज़ :

बाबा रामदेव के बाद अब सुप्रीम कोर्ट ने आईएमए को फटकारा, सार्वजनिक माफी मांगने को कहा, जानें मामला

By शिवेन्द्र कुमार राय | Updated: May 14, 2024 14:28 IST

सुप्रीम कोर्ट ने मंगलवार को शीर्ष अदालत की पीठ के खिलाफ मीडिया में अपने बयानों के लिए इंडियन मेडिकल एसोसिएशन (आईएमए) की खिंचाई की। यह मामला पतंजलि आयुर्वेद मामले में कार्यवाही से संबंधित है।

Open in App
ठळक मुद्दे बाबा रामदेव के बाद अब सुप्रीम कोर्ट ने आईएमए को फटकाराकोर्ट की आलोचना करते हुए इंटरव्यू देने का है मामलासार्वजनिक माफी मांगने को कहा

नई दिल्ली: सुप्रीम कोर्ट ने मंगलवार को शीर्ष अदालत की पीठ के खिलाफ मीडिया में अपने बयानों के लिए इंडियन मेडिकल एसोसिएशन (आईएमए) की खिंचाई की। यह मामला पतंजलि आयुर्वेद मामले में कार्यवाही से संबंधित है। जब पतंजलि आयुर्वेद मामले में कार्यवाही विचाराधीन थी तब आईएमए ने मीडिया में बयान दिए थे। शीर्ष अदालत ने आईएमए अध्यक्ष आर वी अशोकन से बिना शर्त माफी मांगने को कहा। सुप्रीम कोर्ट ने इंडियन मेडिकल एसोसिएशन की उस अपील को भी खारिज कर दिया जिसमें सार्वजनिक माफी जारी करने के लिए दिए आदेश को वापस लेने का अनुरोध किया गया था। 

पीठ ने सख्त टिप्पणी की और कहा, "हमें आपसे अधिक जिम्मेदारी की उम्मीद थी। आपने ऐसे बयान क्यों दिए। आपने काफी नुकसान पहुंचाने वाले बयान दिए। आप ही हैं जिन्होंने दूसरे पक्ष को अदालत में घसीटा। लेकिन आपने वही किया.. अदालत के आदेश के बाद आप ऐसा करते हैं।" पीठ ने कहा कि आईएमए ने जो कुछ भी कहा उसे गंभीरता से लेते हुए दूसरे पक्ष के खिलाफ अवमानना ​​की कार्रवाई शुरू की। अदालत ने कहा कि आप सोफे पर बैठकर अदालत की खिल्ली उड़ाते हुए साक्षात्कार नहीं दे सकते। आपने सार्वजनिक माफी क्यों नहीं मांगी। आप कह रहे हैं कि आप अदालत का बहुत सम्मान करते हैं, लेकिन ऐसा नहीं करते। कोई आत्म-संयम नहीं दिखता।''  

बता दें कि सुप्रीम कोर्ट ने मंगलवार को पतंजलि, बाबा रामदेव और आचार्य बालकृष्ण के खिलाफ अवमानना ​​मामले में फैसला सुरक्षित रख लिया। न्यायमूर्ति हिमा कोहली और न्यायमूर्ति अहसानुद्दीन अमानुल्लाह की पीठ ने इस बात का संज्ञान लिया कि पतंजलि की ओर से पैरवी कर रहे वकील ने कंपनी के तीन उत्पादों के विज्ञापन वापस लेने के लिए उठाए जा रहे कदमों की जानकारी देने वाला हलफनामा दाखिल करने के लिए समय मांगा है। इन तीन उत्पादों का लाइसेंस निलंबित कर दिया गया है। पीठ ने कहा कि तीन सप्ताह के अंदर हलफनामा दायर किया जाए। 

सुप्रीम कोर्ट ने इससे पहले पतंजलि आयुर्वेद और इसके संस्थापकों बाबा रामदेव और आचार्य बालकृष्ण के खिलाफ भ्रामक विज्ञापनों के मामले में सुनवाई के दौरान आईएमए और केंद्र सरकार से सवाल किए थे। अदालत आईएमए द्वारा दायर एक याचिका पर सुनवाई कर रही थी, जिसमें पतंजलि आयुर्वेद और उसके संस्थापकों पर कोविड 9 टीकाकरण अभियान और आधुनिक चिकित्सा के खिलाफ बदनामी अभियान चलाने का आरोप लगाया गया है। 

टॅग्स :सुप्रीम कोर्टIndian Medical Associationबाबा रामदेवPatanjali Ayurved
Open in App

संबंधित खबरें

क्राइम अलर्टमालदा में 7 न्यायिक अधिकारी को बनाया बंधक?, बागडोगरा हवाई अड्डे से मुख्य आरोपी अधिवक्ता मोफक्करुल इस्लाम अरेस्ट, अब तक 35 अरेस्ट, वीडियो

भारत7 न्यायिक अधिकारी और 9 घंटे तक बंधक?, मतदाता सूची से नाम हटाने पर बवाल, सीजीआई सूर्यकांत ने कहा-रात 2 बजे से निगरानी कर रहा?

भारतकेरलम चुनावः मेरा फोकस यहां पर, असम, बंगाल, तमिलनाडु में मेरे साथी कर रहे कैंपेन?, कांग्रेस सांसद शशि थरूर ने कहा-BJP को वोट देना बेकार

भारतहिम्मत कैसे हुई ऐसा करने की?, वादी के पिता ने सीजेआई के भाई को फोन किया, नाराज न्यायाधीश ने कहा- क्या वह मुझे आदेश देंगे?

क्राइम अलर्टगुरुग्राम में 3 साल की बच्ची से बलात्कार?, उच्चतम न्यायालय ने कहा- आयुक्त से लेकर सब-इंस्पेक्टर तक नाकाम?, कानून का जरा भी सम्मान तो तबादला करो

भारत अधिक खबरें

भारतदिल्ली और उत्तरी भारत के कुछ हिस्सों में महसूस हुए भूकंप के झटके, अफगानिस्तान में आया भूकंप

भारतकेंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान ने ग्रीनविच मीन टाईम को महाकाल स्टेंडर्ड टाईम में बदलने पर दिया जोर

भारतदलित समुदाय के 22 फीसदी वोट पर जमीन अखिलेश की निगाह , 14 अप्रैल पर अंबेडकर जयंती पर गांव-गांव में करेगी कार्यक्रम

भारतराघव चड्ढा पर आतिशी का बड़ा आरोप, 'BJP से डरते हैं, अगला कदम क्या होगा?'

भारतउत्तर प्रदेश उपचुनाव 2026ः घोसी, फरीदपुर और दुद्धी विधानसभा सीट पर पड़ेंगे वोट?, 2027 विस चुनाव से पहले सेमीफाइनल, सीएम योगी-अखिलेश यादव में टक्कर?