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''माफ कीजिए आप ऐन मौके पर आए हैं'', पटाखों पर प्रतिबंध के लिए आई याचिका तो सुप्रीम कोर्ट ने कहा- आपको दो महीने पहले आना चाहिए था

By भाषा | Updated: October 14, 2022 17:04 IST

पीठ ने कहा, ‘‘माफ कीजिए। यह दिवाली के बाद किया जाएगा।’’ शीर्ष अदालत ने गुरुवार को राष्ट्रीय राजधानी में एक जनवरी, 2023 तक सभी प्रकार के पटाखों के भंडारण, बिक्री और इस्तेमाल पर प्रतिबंध लगाने के आदेश के खिलाफ एक याचिका पर तत्काल सुनवाई करने से इनकार कर दिया था।

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ठळक मुद्देयाचिका पर सुनवाई को लेकर पीठ ने कहा- हम इस मामले से निपट नहीं पाएंगेपीठ ने आगे कहा कि लोगों ने पटाखों के कारोबार में पैसा लगाया होगा। पीठ ने कहा कि माफ कीजिए, यह दिवाली के बाद किया जाएगा।

नयी दिल्लीः उच्चतम न्यायालय ने पटाखों पर प्रतिबंध से संबंधित एक याचिका पर तत्काल सुनवाई करने से शुक्रवार को इनकार कर दिया। न्यायालय ने कहा कि दिवाली नजदीक है और लोगों ने पटाखों के कारोबार में पैसा लगाया होगा। प्रधान न्यायाधीश यू यू ललित और न्यायमूर्ति हेमंत गुप्ता की पीठ ने कहा, ‘‘माफ कीजिए। हम अभी उस मामले को सूचीबद्ध नहीं करेंगे। दिवाली नजदीक है। आप ऐन मौके पर आए हैं।'' पीठ ने आगे कहा कि लोगों ने पटाखों के कारोबार में पैसा लगाया होगा। आपको दो महीने पहले आना चाहिए था।’’

याचिका पर सुनवाई को लेकर पीठ ने कहा- हम इस मामले से निपट नहीं पाएंगे

पीठ ने मामले की त्वरित सुनवाई के लिए अनुरोध करने वाले वकील से कहा, ‘‘हम इस मामले से निपट नहीं पाएंगे। इसके नतीजों को भी देखें। इस समय कोई भी प्रतिबंध आदेश...वे लोग काम से बाहर निकले हैं।’’ वकील ने पीठ को बताया कि मामला इस साल दिल्ली और कुछ अन्य राज्यों में पटाखों पर प्रतिबंध से संबंधित है। पीठ ने कहा, ‘‘माफ कीजिए। यह दिवाली के बाद किया जाएगा।’’ शीर्ष अदालत ने गुरुवार को राष्ट्रीय राजधानी में एक जनवरी, 2023 तक सभी प्रकार के पटाखों के भंडारण, बिक्री और इस्तेमाल पर प्रतिबंध लगाने के आदेश के खिलाफ एक याचिका पर तत्काल सुनवाई करने से इनकार कर दिया था।

शीर्ष अदालत ने गुरुवार को मामले का उल्लेख करने वाले और तत्काल सुनवाई का आग्रह करने वाले वकील से दिल्ली उच्च न्यायालय का रुख करने को कहा था। दिल्ली उच्च न्यायालय ने पूर्व में पटाखों पर पूर्ण प्रतिबंध के खिलाफ हरित पटाखा के व्यापारियों की याचिका पर सुनवाई एक जनवरी तक के लिए टाल दी थी। दस अक्टूबर को, शीर्ष अदालत ने राष्ट्रीय राजधानी में प्रदूषण के स्तर की जांच के लिए एक जनवरी तक सभी प्रकार के पटाखों के भंडारण, बिक्री और उपयोग पर प्रतिबंध लगाने वाले दिल्ली सरकार के आदेश पर रोक लगाने से इनकार करते हुए कहा था कि वह वायु प्रदूषण में वृद्धि नहीं करना चाहता है। शीर्ष अदालत ने पिछले साल स्पष्ट किया था कि पटाखों के इस्तेमाल पर कोई पूर्ण प्रतिबंध नहीं है और केवल वे पटाखे प्रतिबंधित हैं जिनमें बेरियम साल्ट होते हैं। 

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