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उच्चतम न्यायालय ने एनडीटीवी के प्रवर्तकों को शेयरों, उनके मूल्य के बारे में बताने कहा

By भाषा | Updated: January 28, 2021 20:07 IST

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नयी दिल्ली, 28 जनवरी उच्चतम न्यायालय ने बृहस्पतिवार को एनडीटीवी के प्रवर्तकों प्रणय रॉय और राधिका रॉय को शेयरों पर एक बयान सौंपने को कहा है जिसमें मौजूदा बाजार मूल्य का संकेत दिया जाए, जिसे वे प्रतिभूति अपीलीय अधिकरण (सैट) के आदेश के तहत बाजार नियामक ‘सेबी’ के पास ‘सिक्योरिटी’ के तौर पर जमा करना चाहेंगे।

एनडीटीवी के प्रवर्तकों ने प्रतिभूति अपीलीय अधिकरण (सैट) के उस आदेश को चुनौती दी है , जिसके जरिए उन्हें कथित अवैध लाभ का 50 फीसदी हिस्सा जमा करने का निर्देश दिया गया था। दरअसल, बाजार नियामक ‘सेबी’ (भारतीय प्रतिभूति और विनियम बोर्ड) ने पाया था कि उन्हें यह कथित अवैध लाभ हुआ है।

प्रवर्तकों ने शीर्ष न्यायालय से कहा कि वे इस बारे में शपथपत्र देना चाहते हैं कि एनडीटीवी में उनकी हिस्सेदारी (शेयर) हस्तांतरित नहीं की जाएगी।

प्रधान न्यायाधीश एस ए बोबडे की अध्यक्षता वाली उच्चतम न्यायालय की पीठ ने प्रवर्तकों की ओर से पेश हुए वरिष्ठ अधिवक्ता मुकुल रोहतगी की इस दलील पर संज्ञान लिया कि वे (प्रवर्तक) हिस्सेदारी (शेयर) के बारे में एक बयान उपलब्ध कराना चाहते हैं, जो (हिस्सेदारी) उनके द्वारा किसी अन्य व्यक्ति को हस्तांतरित नहीं की जाएगी।

शीर्ष न्यायालय ने अपने आदेश में कहा, ‘‘अपील करने वालों की ओर से पेश हुए मुकुल रोहतगी शेयरों के मौजूदा बाजार मूल्य का संकेत देते हुए एक बयान सौंपने का वादा कर रहे हैं, जिहसे अपील पक्ष सैट के आदेश के द्वारा राशि जमा करने के एवज में सिक्योरिटी के तौर पर पेशकश करने को इच्छुक हैं। अपील करने वालों को कल (शुक्रवार तक) ऐसा करने दिया जाए...इन अपीलों को एक फरवरी के लिए सूचीबद्ध कर दिया जाए।’’

पीठ के सदस्यों में न्यायमूर्ति ए एस बोपन्ना और न्यायमूर्ति वी रामासुब्रमण्यन भी शामिल हैं।

सैट ने एनडीटीवी के प्रवर्तकों के अवैध तरीके से अर्जित लाभ का 50 फीसदी हिस्सा सेबी के पास जमा करने का निर्देश दिया था, जिसने खास रिण समझौतों के बारे में अंश धारकों (शेयर होल्डर) से सूचना छिपाने और विभिन्न प्रतिभूति नियमों का कथित उल्लंघन करने को लेकर उन पर जुर्माना लगाया था।

सेबी के खिलाफ उनकी अपील पर सुनवाई करते हुए अधिकरण ने यह भी कहा था कि यदि एनडीटीवी यह रकम जमा कर देता है, तो उसके समक्ष अपनी अपील लंबित रहने के दौरान शेष राशि नहीं वसूली जाएगी।

वीडियो कांफ्रेंस के जरिए हुई सुनवाई के दौरान पीठ ने प्रणय और राधिका के वकीलों से पूछा कि वे सेबी के पास कितनी रकम जमा करने को इच्छुक हैं।

रोहतगी ने कहा कि प्रवर्तक इस बारे में शपथ पत्र देने को इच्छुक हैं कि एनडीटीवी में जो शेयर उनके पास है उसे हस्तांतरित नहीं करेंगे।

वरिष्ठ अधिवक्ता ने कहा, ‘‘हमारे पास कोई और धन नहीं है। हम एक संघर्षरत न्यूज चैनल हैं। हमें काफी वित्तीय नुकसान का सामना करना पड़ा है। ’’

पीठ ने कहा, ‘‘आपको कुछ प्रतिभूति देनी होगी। शेयर का मूल्य कितना है। ’’

अधिवकता ने जवाब दिया , ‘‘ प्रत्येक शेयर का मूल्य 37 रुपये है और हमारे पास 50 लाख शेयर हैं। ’’उन्होंने कहा कि शुक्रवार तक शपथपत्र दाखिल किया जाएगा।

गौरतलब है कि चार जनवरी को अधिकरण ने दो अलग आदेशों में इस बात का जिक्र किया था कि रॉय दंपती द्वारा दायर अपीलों पर विचार किये जाने की जरूरत है तथा अपीलों को अधिकरण के समक्ष अंतिम निस्तारण के लिए 10 फरवरी 2021 की तारीख तय की गई थी।

Disclaimer: लोकमत हिन्दी ने इस ख़बर को संपादित नहीं किया है। यह ख़बर पीटीआई-भाषा की फीड से प्रकाशित की गयी है।

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