Sonbhadra murder case: CM Yogi attends Congress and SP leader responsible, said - ready to take action | सोनभद्र नरसंहार: सीएम योगी ने कांग्रेस और सपा नेता को ठहराया जिम्मेदार, कहा- कार्रवाई के लिये रहें तैयार
सोनभद्र नरसंहार: सीएम योगी ने कांग्रेस और सपा नेता को ठहराया जिम्मेदार, कहा- कार्रवाई के लिये रहें तैयार

मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने रविवार को सोनभद्र गोलीकांड के लिये कांग्रेस और सपा के नेताओं को जिम्मेदार ठहराते हुए कहा कि उन्हें इसकी सजा के लिये तैयार रहना चाहिये। योगी ने सोनभद्र के उम्भा गांव में बुधवार को जमीन पर कब्जे को लेकर हुई गोलीबारी में मारे गये लोगों के परिजन से मुलाकात के बाद प्रेस कॉन्फ्रेंस में कांग्रेस महासचिव प्रियंका गांधी वाड्रा पर परोक्ष रूप से हमला करते हुए कहा कि उनकी सरकार इस वारदात की तह तक जाएगी और 'घड़ियाली आंसू' बहाने वालों का पर्दाफाश करेगी।

मुख्यमंत्री ने कहा कि हत्याकांड में मारे गये लोगों के परिजन को मुआवजा पांच लाख से बढ़ाकर 18.50 लाख रुपये कर दिया गया है। वहीं, घायलों को अब 50 हजार से बढ़ाकर 2.50 लाख रुपये मुआवजे के तौर पर दिए जाएंगे। उन्होंने समाजवादी पार्टी (सपा) पर भी हमला करते हुए कहा, ''यह बात सामने आयी है कि इस मामले की तह में कांग्रेस के नेताओं का पाप है। जिन लोगों ने यह पाप किया, उनकी समाजवादी पार्टी के साथ आर्थिक साझेदारी रही है। इस घटना का आरोपी यज्ञदत्त समाजवादी पार्टी का सक्रिय कार्यकर्ता है, जबकि उसका भाई बसपा नेता है।''

योगी ने एक सवाल पर कहा कि कांग्रेस और सपा के नेता इस पाप के लिये जिम्मेदार हैं और इसकी सजा के लिये उन्हें तैयार भी रहना चाहिये। मालूम हो कि कांग्रेस महासचिव प्रियंका गांधी वाड्रा ने करीब 30 घंटे तक मिर्जापुर के चुनार गेस्ट हाउस में हिरासत में रहने के दौरान शनिवार को सोनभद्र हत्याकांड के पीड़ित परिवारों से मुलाकात की थी। बुधवार को सामूहिक हत्याकांड में 10 लोगों के मारे जाने की घटना के बाद पहली बार सोनभद्र पहुंचे योगी ने कहा कि सोनभद्र में कांग्रेस के नेताओं ने ही जमीन कब्जा करने का खेल शुरू किया था।

आजादी के तत्काल बाद वर्ष 1955 में कांग्रेस की सरकार ने सोनभद्र में पार्टी के एक वरिष्ठ नेता के नाम पर जनजाति के लोगों की जमीन को एक पब्लिक ट्रस्ट के नाम कर दिया। वर्ष 1989 में उस ट्रस्ट से जुड़े लोगों के नाम पर वह जमीन कर दी गयी। वर्ष 2017 में वह जमीन कुछ लोगों को बेची गयी। मुख्यमंत्री ने कहा कि इस गड़बड़ी की जांच के लिये राजस्व विभाग के प्रमुख सचिव की अध्यक्षता में एक समिति गठित की गयी है, जो 1952 से लेकर अब तक के पूरे घटनाक्रम की जांच करके 10 दिन में रिपोर्ट देगी।

इसके अलावा इस घटना में पुलिस की तरफ से कहां-कहां लापरवाही हुई है, इसकी जांच की जिम्मेदारी वाराणसी जोन के अपर पुलिस महानिदेशक को सौंपी गयी है। योगी ने कहा कि उम्भा समेत दर्जनों गांवों में जनजातीय लोगों की जमीनें हड़पे जाने के प्रकरण सामने आये हैं। सरकार आने वाले समय में इस तरह की घटनाओं को रोकने के लिये भी प्रभावी कार्रवाई करेगी। मुख्यमंत्री ने कहा कि सिर्फ सोनभद्र जिले के लिए एक कमेटी गठित की जा रही है जो एक साल में यहां के सर्वांगीण विकास की ओर ध्यान देगी।

एक साल के अंदर सर्वे कराकर अनुसूचित जाति, आदिवासी और मुसहर जाति के लोगों को आवास दिए जाएंगे। पात्र लोगों को शौचालय, बिजली कनेक्शन, गैस, विधवा, वृद्धा, दिव्यांग पेंशन सुविधा भी उपलब्ध कराई जाएगी। हर किसी को अभियान चलाकर राशन कार्ड उपलब्ध कराया जाएगा। नई तहसील बनाई जाएगी और दो नए विकास खंड बनेंगे। जिले में ओबरा के नाम से एक तहसील तथा कान और कर्मा को ब्लाक बनाने हेतु प्रस्ताव माँगा गया है। 

Web Title: Sonbhadra murder case: CM Yogi attends Congress and SP leader responsible, said - ready to take action
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