नई दिल्ली। देश में कोरोना संक्रमित मरीजों की बढ़ती संख्या कम होने का नाम नहीं ले रही। महामारी से देश की राजधानी दिल्ली का बुरा हाल है। देश में कोरोना संक्रमितों की संख्या 3 लाख 21 हजार 642 हो गई है। शनिवार को एक दिन में सबसे ज्यादा 12 हजार 31 नए मरीज सामने आए। दिल्ली की बात करें तो यहां कोरोना के मरीजों की बढ़ती संख्या को देखते हुए राज्य सरकार ने 20 हजार बेड जोड़ने की योजना बनाई है। इसके लिए नर्सिंग होम, होटल और बैंक्वेट हॉल का इस्तेमाल किया जाएगा। दिल्ली सरकार ने आदेश दिया है कि राष्ट्रीय राजधानी में 10-49 बेड वाले अस्पताल और नर्सिंग होम कोविड फैसिलिटी में तब्दील होंगे। दिल्ली सरकार के नए आदेश के बाद अब 10-49 बेड वाले उन अस्पतालों और नर्सिंग होम को पूरी तरह से कोविड फैसिलिटी यानी कोरोना इलाज केंद्र में तब्दील कर दिया जाएगा। बता दें कि 11 जून को दिल्ली हाई कोर्ट ने भी सभी प्राइवेट अस्पतालों को 20 फीसदी बेड कोरोना मरीजों के लिए रिजर्व करने के लिए कहा था। कोर्ट ने अस्पतालों को निर्देश दिया है कि सभी मरीजों का कोरोना टेस्ट करें, चाहे उनमें लक्षण हो या ना हो।
एक हजार बिस्तरों वाला अस्थायी अस्पताल बनाने की योजना पर काम कर रही दिल्ली सरकार
नयी दिल्ली, 13 जून (भाषा) कोरोना वायरस संक्रमण के बढ़ते मामलों के मद्देनजर दिल्ली सरकार दक्षिणी दिल्ली में विशाल तंबू में कोरोना वायरस रोगियों के लिये 10 हजार बिस्तरों वाला अस्थायी अस्पताल तैयार करने की योजना बना रही है। यह प्रस्तावित अस्पताल आध्यात्मिक संगठन राधा स्वामी सत्संग ब्यास के दक्षिणी दिल्ली स्थित परिसर में स्थापित किया जाएगा। राधा स्वामी सत्संग, भाटी माइंस के सचिव विकास सेठी ने कहा कि संगठन का हरा-भरा परिसर दिल्ली-हरियाणा सीमा के नजदीक स्थित है। कोविड-19 अस्पताल की लंबाई 1700 फुट जबकि चौड़ाई 700 फुट होगी। जिसमें 50-50 बिस्तर वाले 200 बाड़े होंगे। उन्होंने कहा कि यह इस तरह का दिल्ली का सबसे बड़ा अस्थायी अस्पताल होगा। जून के अंत तक इसका काम पूरा होने की उम्मीद है।
दिल्ली सरकार ने सभी अस्पतालों को कोविड-19 के इलाज पर आने वाला खर्च साझा करने कहा
सोशल मीडिया पर एक निजी अस्पताल में कोरोना वायरस संक्रमण के इलाज में अत्यधिक खर्च आने की चर्चा होने के बीच दिल्ली के स्वास्थ्य मंत्री सत्येंद्र जैन ने शनिवार को कहा कि उन्होंने सभी अस्पतालों से शुल्क का ब्योरा मांगा है। साथ ही, इसका अवलोकन करने के बाद किसी इस पर कदम उठाने के बारे में निर्णय किया जाएगा। मैक्स अस्पताल का दर सूची (रेट कार्ड) शुक्रवार को सोशल मीडिया पर फैल गया। जहां कई लोगों ने इस बात का जिक्र किया कि आम आदमी के लिये ये शुल्क अत्यधिक हैं। दर सूची में यह अंकित है कि अस्पताल वेंटिलेटर के साथ आईसीयू के लिये 72,000 रुपये ले रहा है। वहीं, यह अस्पताल चलाने वाले मैक्स हेल्थकेयर ने कहा कि सोशल मीडिया पर मौजूद इस दर सूची में सभी तथ्य शामिल नहीं हैं, जैसे कि नियमित जांच, नियमित दवाइयां, चिकित्सक और नर्स के शुल्क आदि को शामिल किया जाना। जैन ने कहा, ‘‘सभी अस्पतालों से यह कहा गया है कि वे कोविड-19 के इलाज के लिये जा रही शुल्क दर साझा करें। आगे क्या करना है, इस बारे में हम प्रत्येक अस्पताल का अवलोकन करने के बाद फैसला करेंगे।’’ दिल्ली में शुक्रवार को 2,137 नये मामले सामने आने के साथ शहर में कुल आंकड़ा 36,000 को पार कर गया है जबकि मृतक संख्या बढ़ कर 1,214 पहुंच गई।