नई दिल्ली: हरियाणा के गुरुद्वारों में अब निशान साहिब के पारंपरिक भगवा रंग में बदलाव देखने को मिलेगा। शिरोमणि गुरुद्वारा प्रबंधक कमेटी (एसजीपीसी) ने एक महत्वपूर्ण कदम उठाते हुए निशान साहिब के पारंपरिक रंग में बदलाव की घोषणा की है। निशान साहिब, जिसे ऐतिहासिक रूप से भगवा रंग से सजाया जाता रहा है, अब तुरंत प्रभाव से ‘बसंती’ (नारंगी रंग) या ‘सुरमई’ (नीला) रंग में लिपटा जाएगा।
श्री अकाल तख्त साहिब के निर्देशों के बाद लिए गए इस निर्णय के अनुसार हरियाणा के सभी गुरुद्वारा साहिबों को नया रंग अपनाना होगा। अंबाला के ऐतिहासिक श्री बादशाही बाग गुरुद्वारा साहिब में भगवा से ‘बसंती’ रंग में बदलाव पहले ही लागू किया जा चुका है।
श्री बादशाही बाग गुरुद्वारा साहिब के ग्रंथी ने लोकल मीडिया को बताया कि निशान साहिब का रंग 1936 में अकाल तख्त साहिब द्वारा निर्धारित किया गया था, लेकिन हाल ही में जारी निर्देशों में इसे अपडेट करने की बात कही गई है। यह बदलाव सिख धार्मिक प्रथाओं के चल रहे विकास और अकाल तख्त साहिब के नवीनतम निर्देशों के पालन को दर्शाता है।
श्री बादशाही बाग गुरुद्वारा साहिब न केवल अपने आध्यात्मिक महत्व के लिए प्रसिद्ध है, बल्कि गुरु साहिब के साथ अपने ऐतिहासिक जुड़ाव और चिढ़ियों और बाज के बीच महाकाव्य टकराव के लिए भी प्रसिद्ध है।