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जम्मू-कश्मीर में स्कूल एक फरवरी से खुलेंगे; 25 हजार तीर्थयात्रियों को वैष्णो देवी जाने की अनुमति

By भाषा | Updated: January 31, 2021 21:39 IST

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जम्मू, 31 जनवरी जम्मू-कश्मीर प्रशासन ने रविवार को कहा कि केंद्रशासित प्रदेश में एक फरवरी से सभी शैक्षणिक संस्थान फिर से खुलेंगे और प्रति दिन 25,000 तीर्थयात्रियों को प्रसिद्ध माता वैष्णो देवी मंदिर जाने की अनुमति दी जाएगी।

कोविड-19 रोकथाम उपायों को लेकर जारी संशोधित दिशानिर्देशों के अनुसार, केंद्रशासित प्रदेश के सभी 20 जिलों को ग्रीन श्रेणी में डाल दिया है और रेस्तरां और सिनेमाघरों को पूरी क्षमता से संचालित करने की अनुमति दी गई है, लेकिन उपायुक्तों को साप्ताहिक संक्रमण दर पर ध्यान देने के लिए कहा गया है।

राज्य कार्यकारी समिति के सदस्य सचिव सिमरनदीप सिंह ने कहा कि रियासी जिले के कटरा में माता वैष्णो देवी मंदिर जाने वाले तीर्थयात्रियों की संख्या में संशोधन किया गया है। अब प्रतिदिन 25,000 तीर्थयात्री मंदिर का दर्शन कर सकेंगे।

कोरोना वायरस संक्रमण के प्रसार को रोकने के लिए मार्च 2020 में लगाए गए लॉकडाउन के बाद यात्रा निलंबित होने के बाद 16 अगस्त को तीर्थयात्रा फिर से शुरू हुई। तब से प्रतिदिन 2,000 तीर्थयात्रियों को यात्रा करने की अनुमति थी।

एक अलग आदेश में, सिंह ने कहा कि केंद्र शासित प्रदेश के सभी 20 जिलों को ग्रीन जोन की श्रेणी में डाल दिया गया है, लेकिन जम्मू-श्रीनगर राष्ट्रीय राजमार्ग के साथ ही जम्मू-पठानकोट राजमार्ग पर 500 मीटर के दायरे के साथ लखनपुर और जवाहर सुरंग रेड जोन में बने रहेंगे।

हालांकि, आदेश में कहा गया है कि सड़क, रेल या हवाई मार्ग से जम्मू-कश्मीर आने वाले यात्रियों के प्रवेश पर कोई प्रतिबंध नहीं होगा।

उसमें कहा गया, ‘‘उन्हें अनिवार्य रूप से जम्मू-कश्मीर सरकार के प्रोटोकॉल के अनुसार निर्धारित विधि से कोविड-19 एंटीजन जांच कराना होगा।’’

उसमें कहा गया कि केंद्रीय शिक्षा मंत्रालय के साथ-साथ जम्मू-कश्मीर के स्कूल शिक्षा, उच्चतर शिक्षा और कौशल विकास विभाग द्वारा जारी एसओपी के अनुसार स्कूलों, कॉलेजों, उच्च शिक्षण संस्थानों, तकनीकी या कौशल संस्थानों को एक फरवरी से खोलने की अनुमति है।

आदेश में कहा गया है, ‘‘एक फरवरी से शैक्षणिक संस्थानों के खुलने के साथ, उपायुक्तों को विभिन्न स्कूलों में रैंडम तरीके से नमूने लेने की सलाह दी जाती है ताकि संक्रमण का पता चल सके।’’

इसमें कहा गया है कि सभी जिला मजिस्ट्रेट सार्वजनिक या निजी कार्यालयों, मॉल और बाजारों जैसे भीड़भाड़ वाले स्थानों की संक्रमण दर पर ध्यान देंगे।

आदेश में कहा गया है, "कोई भी उपायुक्त या अधीनस्थ मजिस्ट्रेट राज्य कार्यकारिणी समिति के पूर्व परामर्श के बिना अधिसूचित निरूद्ध क्षेत्र के बाहर किसी भी क्षेत्र में लॉकडाउन नहीं लगाएंगे, यदि आवश्यक हो तो गृह मंत्रालय से सलाह लेने के बाद ही कोई निर्णय पर पहुंचे।

Disclaimer: लोकमत हिन्दी ने इस ख़बर को संपादित नहीं किया है। यह ख़बर पीटीआई-भाषा की फीड से प्रकाशित की गयी है।

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