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सुप्रीम कोर्ट ने जारी किया नया रोस्टर, पीआईएल पर CJI और तीन सबसे वरिष्ठ जज करेंगे सुनवाई

By भाषा | Updated: November 30, 2019 04:57 IST

Supreme Court: सुप्रीम कोर्ट ने नया रोस्टर जारी कर दिया है, इसके मुताबिक जनहित याचिकाओं पर सुनवाई तीन वरिष्ठतम जज करेंगे

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ठळक मुद्देसुप्रीम कोर्ट ने जारी किया काम का नया रोस्टरसीजेआई बोबडे ने जनहित के अलावा मानहानि मामले भी अपने पास रखे

नई दिल्ली: उच्चतम न्यायालय ने काम का नया रोस्टर जारी किया है और कहा है कि जनहित याचिकाओं पर सुनवाई भारत के प्रधान न्यायाधीश एस. ए. बोबडे और उच्चतम न्यायालय के तीन सर्वाधिक वरिष्ठ न्यायाधीश करेंगे। काम आवंटन का रोस्टर 26 नवम्बर से लागू हुआ है जिसमें सीजेआई बोबडे ने जनहित याचिकाओं और पत्र याचिकाओं को अपने पास रखा है। इसमें न्यायाधीश एन. वी. रमन, न्यायमूर्ति अरूण मिश्रा और न्यायमूर्ति आर. एफ. नरीमन भी उनके साथ होंगे।

नया रोस्टर पुराने से थोड़ा अलग है, जब निवर्तमान सीजेआई रंजन गोगोई ने जनहित याचिकाओं को सीजेआई सहित उच्चतम न्यायालय के शीर्ष पांच न्यायाधीशों के लिए रखा था। सीजेआई बोबडे ने जनहित याचिकाओं के अलावा अपने पास मानहानि, चुनाव, बंदी प्रत्यक्षीकरण याचिका, सामाजिक न्याय, प्रत्यक्ष एवं परोक्ष कर आदि रखे हैं। सीजेआई आपराधिक मामलों को भी देखेंगे।

जांच आयोग, कंपनी कानून, व्यापार में एकाधिकारवादी एवं अवरोधात्मक व्यवहार, भारतीय दूरसंचार नियामक प्राधिकरण, भारतीय प्रतिभूति एवं विनिमय बोर्ड (सेबी), भारतीय रिजर्व बैंक आदि मामलों की सुनवाई भी उनके पास होगी।

नये रोस्टर के मुताबिक न्यायमूर्ति रमन की अध्यक्षता वाली पीठ सशस्त्र बलों, अर्द्धसैनिक बलों, क्षतिपूर्ति, आपराधिक एवं सामान्य नागरिक मामले और न्यायिक अधिकारियों से जुड़े मामले, उच्चतम न्यायालय, उच्च न्यायालय, जिला न्यायालयों और अधिकरणों के कर्मचारियों से जुड़े मामले आदि की सुनवाई करेगी।

न्यायमूर्ति रमन सार्वजनिक परिसर कानून के तहत जगह खाली कराने से जुड़े मामले, मध्यस्थता के मामलों को चुनौती देने वाली विशेष अनुमति याचिका, समुद्री कानून और व्यावसायिक लेन देन से जड़े मुद्दे भी देखेंगे। इसी तरह से न्यायमूर्ति अरूण मिश्रा की अध्यक्षता वाली पीठ भूमि अधिग्रहण मामलों, मेडिकल कॉलेजों में आरक्षण, वैधानिक निकायों के आदेशों के खिलाफ अपील और शैक्षणिक संस्थानों की स्थापना एवं गठन के मुद्दों आदि पर सुनवाई करेगी। न्या

यमूर्ति मिश्रा अप्रत्यक्ष कर मामलों, अदालत की अवमानना, सामान्य नागरिक मुद्दों और इंजीनियरिंग एवं मेडिकल कॉलेजों में नामांकन एवं स्थानांतरण के मुद्दे भी देखेंगे। जनहित याचिकाओं के अलावा न्यायमूर्ति आर एफ नरीमन परिवार कानून से जुड़े मुद्दे भी देखेंगे और सशस्त्र एवं अर्द्धसैनिक बलों के मामलों, लीज केस, सरकार एवं स्थानीय निकाय द्वारा दिए गए ठेके आदि की भी सुनवाई करेंगे।

न्यायमूर्ति आर. भानुमति की अध्यक्षता वाली पीठ श्रम, किराया कानून, भूमि कानून, कृषि पट्टा आदि मामलों की सुनवाई करेगी। सीजेआई के अलावा न्यायमूर्ति रमन, न्यायमूर्ति मिश्रा, न्यायमूर्ति नरीमन और न्यायमूर्ति भानुमति उच्चतम न्यायालय कॉलेजियम में शामिल हैं। भाषा नीरज नीरज उमा उमा

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