लाइव न्यूज़ :

सारदा चिट फंड घोटालाः पूर्व पुलिस आयुक्त राजीव कुमार की मुसीबत बढ़ीं, गिरफ्तारी से मिली राहत हटी

By भाषा | Updated: September 13, 2019 19:23 IST

फिलहाल अतिरिक्त पुलिस महानिदेशक (सीआईडी) के पद पर कार्यरत कुमार उस विशेष जांच दल (एसआईटी) का हिस्सा थे जिसे राज्य सरकार ने अन्य चिटफंड मामलों के साथ ही इस घोटाले की जांच के लिए बनाया था।

Open in App
ठळक मुद्देउच्चतम न्यायालय ने 2014 में इस मामले को सीबीआई को सौंप दिया। सारदा ग्रुप ऑफ कंपनीज ने लाखों लोगों को कथित तौर पर निवेश पर ऊंचे रिटर्न का वादा कर उन्हें 2500 करोड़ रुपये का चूना लगाया था।

कलकत्ता उच्च न्यायालय ने सारदा चिट फंड घोटाला मामले में कोलकाता के पूर्व पुलिस आयुक्त राजीव कुमार को गिरफ्तारी से संरक्षण संबंधी अपने अंतरिम आदेश को शुक्रवार को हटा लिया।

अदालत ने केंद्रीय जांच ब्यूरो (सीबीआई) के एक नोटिस को रद्द करने के उनके अनुरोध को भी खारिज कर दिया। इस नोटिस में कुमार से मामले में पूछताछ के लिए पेश होने को कहा गया था। फिलहाल अतिरिक्त पुलिस महानिदेशक (सीआईडी) के पद पर कार्यरत कुमार उस विशेष जांच दल (एसआईटी) का हिस्सा थे जिसे राज्य सरकार ने अन्य चिटफंड मामलों के साथ ही इस घोटाले की जांच के लिए बनाया था।

लेकिन उच्चतम न्यायालय ने 2014 में इस मामले को सीबीआई को सौंप दिया। सारदा ग्रुप ऑफ कंपनीज ने लाखों लोगों को कथित तौर पर निवेश पर ऊंचे रिटर्न का वादा कर उन्हें 2500 करोड़ रुपये का चूना लगाया था। कुमार के वकील ने सुनवाई के दौरान कहा कि जब एसआईटी बनायी गयी थी तब कुमार विधाननगर पुलिस के आयुक्त थे और वह उसके रोजाना के कामकाज को देखते थे।

न्यायमूर्ति मित्र ने अपने आदेश में कहा कि कुमार का यह आरोप कि सीबीआई ने उन्हें निशाना बनाया, स्वीकार नहीं किया जा सकता क्योंकि एसआईटी में उनसे वरिष्ठ अधिकारियों से भी पूछताछ की गयी। अदालत ने कहा कि जांच अधिकारी द्वारा जारी नोटिस को दुर्भावनापूर्ण नहीं कहा जा सकता जैसा कि आईपीएस अधिकारी ने आरोप लगाया है।

अदालत ने कहा कि कुमार यह सिद्ध करने में असफल हुए कि सीबीआई उनकी प्रतिष्ठा धूमिल करने के मकसद से पूछताछ करने के लिए उन्हें तलब कर रही है। जांच में सहयोग करना किसी भी जिम्मेदार अधिकारी का दायित्व है।

सीबीआई ने 27 मई को सारदा पोंजी स्कीम मामले में कुमार को पूछताछ के लिए तलब किया था। उसे चुनौती देते हुए कुमार उच्च न्यायालय पहुंच गये थे और उन्हें गिरफ्तारी से राहत मिल गयी थी। इस राहत को नोटिस को रद्द करने के अनुरोध वाली उनकी याचिका पर सुनवाई के दौरान समय समय पर हिरासत से छूट देने की अविध को बढ़ाया गया। 

टॅग्स :पश्चिम बंगालममता बनर्जीसीबीआईसुप्रीम कोर्ट
Open in App

संबंधित खबरें

भारत'वे बंगाल को खत्म करना चाहते हैं': ममता बनर्जी ने BJP पर साधा निशाना, चुनावों से पहले किसानों के लिए अलग से बजट का वादा किया

कारोबारहम घुसपैठियों के खिलाफ हैं, मुसलमानों के नहीं?, नितिन गडकरी ने कहा- असम और पश्चिम बंगाल जीत रहे?

भारतमोथाबाड़ी में न्यायिक अधिकारी को किया अगवा और असली आरोपी फरार?, सीएम ममता बनर्जी ने कहा- निर्दोष लोगों को परेशान कर रही एनआईए

भारतअल्केमिस्ट एसेट रिकंस्ट्रक्शन कंपनी प्राइवेट लिमिटेड केस से अलग हुए सुप्रीम कोर्ट के न्यायाधीश न्यायमूर्ति केवी विश्वनाथन, आखिर कारण

क्राइम अलर्ट3,50,000 रुपये दो काम हो जाएगा?, सीबीआई ने जंतर-मंतर स्थित एएसआई के उप-सर्किल में तैनात स्मारक परिचारक और संरक्षण सहायक को ऐसे धर दबोचा?

भारत अधिक खबरें

भारतबारामती विधानसभा उपचुनावः सीएम फडणवीस की बात नहीं मानी?, कांग्रेस ने उपमुख्यमंत्री सुनेत्रा पवार के खिलाफ आकाश मोरे को चुनाव मैदान में उतारा

भारतUP की महिला ने रचा इतिहास! 14 दिनों में साइकिल से एवरेस्ट बेस कैंप पहुंचने वाली पहली भारतीय महिला बनीं

भारतLadki Bahin Yojana Row: महाराष्ट्र में 71 लाख महिलाएं अयोग्य घोषित, विपक्ष ने किया दावा, सरकार की जवाबदेही पर उठाए सवाल

भारतयूपी बोर्ड ने 2026-27 के लिए कक्षा 9 से 12 तक NCERT और अधिकृत पुस्तकें अनिवार्य कीं

भारतपाकिस्तान के रक्षामंत्री ख्वाजा आसिफ के कोलकाता पर हमले की धमकी वाले बयान पर सोशल मीडिया पर 'धुरंधर' अंदाज़ में आई प्रतिक्रिया