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सारदा चिट फंड घोटालाः पूर्व पुलिस आयुक्त राजीव कुमार ने अग्रिम जमानत के लिए बारासात सत्र न्यायालय का दरवाजा खटखटाया

By भाषा | Updated: September 17, 2019 17:46 IST

जिला सत्र न्यायाधीश एस रशीदी लंच के बाद कुमार की याचिका पर सुनवाई कर सकते हैं। अदालत में मौजूद केंद्रीय जांच ब्यूरो (सीबीआई) के वकीलों में से एक ने कहा कि एजेंसी कुमार की अग्रिम जमानत याचिका का विरोध करेगी।

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ठळक मुद्देकुमार वर्तमान में पश्चिम बंगाल सीआईडी के अतिरिक्त महानिदेशक हैं। वह घोटाले की जांच के लिए राज्य सरकार द्वारा गठित एक विशेष जांच दल में शामिल थे।

विशेष अदालत द्वारा मंगलवार को याचिका पर सुनवाई करने से इनकार किये जाने के बाद कोलकाता के पूर्व पुलिस आयुक्त राजीव कुमार ने करोड़ों रुपये के सारदा चिट फंड घोटाला मामले में अपनी अग्रिम जमानत के लिए बारासात जिला सत्र न्यायालय का दरवाजा खटखटाया है।

जिला सत्र न्यायाधीश एस रशीदी लंच के बाद कुमार की याचिका पर सुनवाई कर सकते हैं। अदालत में मौजूद केंद्रीय जांच ब्यूरो (सीबीआई) के वकीलों में से एक ने कहा कि एजेंसी कुमार की अग्रिम जमानत याचिका का विरोध करेगी। जिले में विशेष अदालत द्वारा उनकी याचिका पर सुनवाई करने से इनकार किये जाने के बाद कुमार के वकील सत्र न्यायाधीश के पास उनकी याचिका लेकर गए।

गौरतलब है कि सांसदों और विधायकों के खिलाफ आपराधिक मामलों की सुनवाई के प्रभारी विशेष अदालज ने आज सुबह यह कहते हुये याचिका पर सुनवाई से इनकार कर दिया कि अग्रिम जमानत याचिका पर सुनवाई करना उनके अधिकार क्षेत्र में नहीं आता है।

अदालत ने यह भी कहा था कि कुमार अपनी अर्जी को लेकर बारासात के जिला सत्र न्यायालय जा सकते हैं। साल्ट लेक में सीजीओ कॉम्प्लेक्स स्थित सीबीआई कार्यालय उत्तर 24 परगना जिले में बारासात की अदालत के अधिकार क्षेत्र में आता है।

मंगलवार को मामले के सिलसिले में सीबीआई के सामने पूछताछ के लिए कुमार पेश नहीं हुए। सूत्रों ने बताया कि एजेंसी ने उन्हें सुबह 10 बजे पेश होने का नोटिस दिया था, लेकिन वह पेश होने में विफल रहे। उन्होंने कहा कि कलकत्ता उच्च न्यायालय द्वारा पिछले सप्ताह गिरफ्तारी से उन्हें दिए गए संरक्षण वापस लेने के बाद सीबीआई के नोटिसों के बावजूद कुमार दो बार पूछताछ के लिए उपस्थित नहीं हुए।

गौरतलब है कि 13 सितंबर को, कलकत्ता उच्च न्यायालय ने कोलकाता के पूर्व पुलिस आयुक्त को सारदा चिट-फंड घोटाला मामले में गिरफ्तारी से संरक्षण का अपना अंतरिम आदेश वापस ले लिया था। उच्च न्यायालय ने सीबीआई के नोटिस को रद्द करने संबंधी कुमार की याचिका को भी खारिज कर दिया था।

कुमार वर्तमान में पश्चिम बंगाल सीआईडी के अतिरिक्त महानिदेशक हैं। वह घोटाले की जांच के लिए राज्य सरकार द्वारा गठित एक विशेष जांच दल में शामिल थे। उच्चतम न्यायालय ने 2014 में चिटफंड के अन्य मामलों के साथ इस मामले की जांच सीबीआई को सौंपी थी। 

टॅग्स :ममता बनर्जीपश्चिम बंगालसीबीआईकोर्ट
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