लाइव न्यूज़ :

राजस्थान की CM की कुर्सी के लिए अड़े सचिन पायलट, दोबारा राहुल से उनके घर पर की मुलाकात

By रामदीप मिश्रा | Updated: December 13, 2018 23:50 IST

सीएम की कुर्सी को लेकर चल रही रस्साकशी के बीच सचिन पायलट दोबारा फिर पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष राहुल गांधी के आवास पर बातचीत करने पहुंचे हैं और कुछ ही देर में अशोक गहलोत भी पहुंचने वाले हैं।

Open in App

राजस्थान विधानसभा चुनाव में कांग्रेस की बड़ी जीत हुई है, लेकिन सूबे का मुख्यमंत्री कौन होगा इसको लेकर अभी तक तस्वीर क्लियर नहीं हो पाई है। कांग्रेस के प्रदेशाध्यक्ष सचिन पायलट मुख्यमंत्री की कुर्सी लेने के लिए अड़े हैं, जबकि बताया जा रहा है दो बार प्रदेश के मुख्यमंत्री रहे अशोक गहलोत को तीसरी बार राजस्थान की कुर्सी पर बिठाया जा सकता है। 

मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, सीएम की कुर्सी को लेकर चल रही रस्साकशी के साथ सचिन पायलट दोबारा फिर पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष राहुल गांधी के आवास पर बातचीत करने पहुंचे। हालांकि मुलाकात करने के बाद वे नाखुश दिखाई दे रहे थे। इसके कुछ ही देर बाद अशोक गहलोत भी राहुल के घर पर पहुंच हैं। सबसे बड़ी बात यह है कि राहुल गांधी भी दोनों नेताओं के बीच में सामंजस्य नहीं बैठा पा रहे हैं। 

इससे पहले अशोक गहलोत और सचिन पायलट ने गुरुवार को ही राहुल गांधी से मुलाकात की थी और कहा था पार्टी नेतृत्व जो फैसला करेगा उसे स्वीकार्य किया जाएगा।  

उधर, दोनों नेताओं के समर्थकों के बीच गुस्सा बढ़ने के बाद अशोक गहलोत और सचिन पायलट ने बृहस्पतिवार को कार्यकर्ताओं से शांति बनाए रखने की अपील की। साथ ही साथ दोनों नेताओं ने कहा था कि राज्य में मुख्यमंत्री पद को लेकर पार्टी नेतृत्व जो भी फैसला करेगा वह उन्हें शिरोधार्य होगा।

गहलोत एवं पायलट का यह बयान ऐसे समय में आया था जब कांग्रेस राज्य में मुख्यमंत्री के नाम को लेकर विचार विमर्श कर रही है। गहलोत एवं पायलट मुख्यमंत्री पद की दौड़ में शामिल हैं। दोनों नेताओं के समर्थक जयपुर में पार्टी के प्रदेश मुख्यालय के बाहर अपने अपने नेता के पक्ष में लगातार नारेबाजी कर रहे थे। 

इस बीच राज्य के कुछ जिलों में गुर्जर समुदाय के कुछ लोगों के कथित तौर पर इकट्ठा होने व तोड़फोड़ की थी। ये लोग पायलट को मुख्यमंत्री बनाने की मांग कर रहे थे। हालांकि पुलिस के अनुसार छिटपुट घटनाओं के बावजूद हालात पूरी तरह नियंत्रण में है।

पूर्व मुख्यमंत्री गहलोत ने देर शाम नयी दिल्ली में संवाददाताओं से कहा, ‘‘मुख्यमंत्री के बारे में फैसला कभी भी हो सकता है। राहुल गांधी सभी लोगों से बात कर रहे हैं और यह अच्छी बात है कि सबकी राय ली जा रही है। जो भी फैसला होगा वह सभी को मान्य होगा।’’ 

उन्होंने कहा, ‘‘मैं कार्यकर्ताओं से अपील करता हूं कि वे शांति बनाए रखें। इस चुनाव में कार्यकर्ताओं ने बहुत अच्छा काम किया है और राहुल गांधीजी ने उनकी मेहनत की सराहना की है।’’ इससे पहले पायलट ने टृवीटर के जरिए अपने समर्थकों से शांति बनाए रखने की अपील की। पायलट ने इसके साथ ही मीडिया से भी अपील की कि वह 'अफवाह नहीं फैलाए।' हालांकि पुलिस के अनुसार इस तरह की कोई बड़ी घटना राज्य में नहीं हुई है। 

पायलट ने ट्वीट किया है, 'सभी कार्यकर्ताओं से शांति व अनुशासन बनाए रखने का आग्रह करता हूँ । मुझे पार्टी के शीर्ष नेतृत्व पर पूरा विश्वास है, राहुल गाँधी जी श्रीमती सोनिया गाँधी जो फ़ैसला लेंगे उसका हम स्वागत करेंगे।’’ (समाचार एजेंसी भाषा के इनपुट के साथ)

टॅग्स :विधानसभा चुनावराजस्‍थान चुनावकांग्रेससचिन पायलटराहुल गांधीअशोक गहलोत
Open in App

संबंधित खबरें

भारतअसम की जनता ने इस बार दो काम पक्के किए?, पीएम मोदी बोले- एनडीए की हैट्रिक और कांग्रेस के शाही परिवार के नामदार की हार की सेंचुरी का रिकॉर्ड?

भारतपाकिस्तानी सोशल मीडिया की झूठी जानकारी का इस्तेमाल कर पत्नी पर आरोप, सीएम सरमा ने कहा-फर्जी डॉक्यूमेंट्स के साथ जनता के सामने बात?

भारतबारामती विधानसभा उपचुनावः सीएम फडणवीस की बात नहीं मानी?, कांग्रेस ने उपमुख्यमंत्री सुनेत्रा पवार के खिलाफ आकाश मोरे को चुनाव मैदान में उतारा

कारोबारवायनाड पुनर्वासः 200 से अधिक लोगों की मौत और 5.38 करोड़ रुपये खर्च?, कांग्रेस ने धनराशि का हिसाब किया सार्वजनिक

भारतलखनऊ सहित यूपी के 17 शहरों में कूड़े का अंबार?, मतदान करने असम गए हजारों सफाईकर्मी, 12 अप्रैल को लौंटेगे?

भारत अधिक खबरें

भारतमुंबई में IIMCAA कनेक्शन्स मीट, फिल्म निर्माता मनोज मौर्य की सिल्वर जुबली सम्मान से सम्मानित

भारतकौन थे डॉ. मणि छेत्री?, 106 वर्ष की आयु में निधन

भारतपश्चिम एशिया युद्धः ओमान तट के निकट ड्रोन बोट हमले में जान गंवाने वाले 25 वर्षीय नाविक दीक्षित सोलंकी का शव मुंबई लाया

भारतगोदामों से सीधे एलपीजी सिलेंडर की बिक्री पर सख्त प्रतिबंध, सीएम रेखा गुप्ता ने कहा-भंडारण केंद्रों पर न जाएं और न ही भीड़ में इकट्ठा हों

भारतउच्च शिक्षा और अनुसंधान की चुनौतियां