लाइव न्यूज़ :

ठाकरे के खिलाफ टिप्पणी के लिए राणे की गिरफ्तारी गलत : आठवले

By भाषा | Updated: August 24, 2021 21:47 IST

Open in App

केंद्रीय मंत्री रामदास आठवले ने मंगलवार को कहा कि महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री उद्धव ठाकरे के खिलाफ कथित अपमानजनक टिप्पणी के लिए मंत्रिमंडल में सहयोगी और भाजपा नेता नारायण राणे की गिरफ्तारी गलत है। उन्होंने कहा कि इसी तरह के बयान शिवसेना ने दूसरे के खिलाफ दिए हैं लेकिन उसके खिलाफ ऐसी कार्रवाई नहीं हुई है। राणे ने दावा किया था कि स्वतंत्रता दिवस के मौके पर अपने संबोधन में ठाकरे यह भूल गए कि देश की आजादी को कितने साल हुए हैं। इसी संदर्भ में उन्होंने कथित विवादित बयान दिया था। इसको लेकर राणे को मंगलवार दोपहर गिरफ्तार किया गया, जिससे महाराष्ट्र की राजनीति में भूचाल आ गया है। केंद्रीय सामाजिक न्याय एवं अधिकारिता राज्य मंत्री आठवले ने नागपुर में पत्रकारों से बातचीत में कहा कि राणे ने उसी तरह की भाषा का इस्तेमाल किया है, जिसका इस्तेमाल ठाकरे नीत शिवसेना करती हैं। आरपीआई (आठवले) के अध्यक्ष केंद्रीय मंत्री से जब पुलिस कार्रवाई के बारे में पूछा गया तो उन्होंने कहा, ‘‘ शिवसेना ने भी कई बार इस तरह की भाषा का इस्तेमाल किया है लेकिन किसी की गिरफ्तारी नहीं हुई है। अगर शिवसेना ऐसी भाषा से गुस्सा होती है तो उसे भी उसका जवाब देना चाहिए। लेकिन राज्य सरकार का केंद्रीय मंत्री को गिरफ्तार करने का फैसला गलत है।’’ आठवले ने यह भी कहा कि राणे ने अपना गुस्सा सिर्फ इसलिए निकाला क्योंकि मुख्यमंत्री लोगों की उम्मीदों पर खरे नहीं उतर रहे हैं।उन्होंने कहा‘‘ राणे का मतलब केवल इतना था कि ठाकरे महाराष्ट्र के विकास के लिए कुछ नहीं कर रहे हैं और लोगों की समस्याओं को समझने के लिए वह मुंबई में अपने आवास ‘मातोश्री’ से कभी-कभार ही बाहर निकलते हैं। राणे का मतलब था कि ऐसे मुख्यमंत्री को पद पर बने रहने का अधिकार नहीं है। वह यही कहना चाहते थे।’’ उन्होंने कहा, ‘‘ मुख्यमंत्री को सभी के लिए न्याय सुनिश्चित करना चाहिए। उनसे रोजगार के अवसर पैदा करने की भी उम्मीद थी, लेकिन महाराष्ट्र में इन मोर्चों पर पिछले दो साल में कुछ नहीं हुआ है। राणे के गुस्से का असली कारण महाराष्ट्र में विकास का अभाव था।’’ आठवले से जब मराठा समुदाय को आरक्षण देने के मुद्दे पर सवाल किया गया तो उन्होंने कहा कि तमिलनाडु जाति के आधार पर सरकारी नौकरियों और शिक्षा में 69 प्रतिशत (उच्चतम न्यायालय द्वारा तय 50 प्रतिशत सीमा के बावजूद) आरक्षण दे रहा है। उन्होंने कहा, ‘‘राज्य सरकार को तमिलनाडु की तरह सोचना चाहिए। जिन लोगों की सालाना आय आठ लाख रुपये से कम है, उन्हें आरक्षण का लाभ मिलना चाहिए।’’ गौरतलब है कि मई महीने में उच्चतम न्यायालय ने महाराष्ट्र द्वारा वर्ष 2018 में पारित उस कानून को रद्द कर दिया था, जिसमें मराठा समुदाय के लोगों को सरकारी नौकरी और शिक्षा में आरक्षण देने का प्रावधान था। अदालत ने इसे ‘असंवैधानिक’ करार देते हुए कहा था कि वर्ष 1992 में मंडल आयोग मामले में दिये गए फैसले के तहत आरक्षण के लिए तय की गई 50 प्रतिशत की सीमा का उल्लंघन करने के लिए कोई विशेष परिस्थिति नहीं है।

Disclaimer: लोकमत हिन्दी ने इस ख़बर को संपादित नहीं किया है। यह ख़बर पीटीआई-भाषा की फीड से प्रकाशित की गयी है।

Open in App

संबंधित खबरें

कारोबारकेरलम विधानसभा चुनावः वृद्ध आबादी 16.5 प्रतिशत?, पेंशन, स्वास्थ्य सुविधाएं और सुरक्षा सबसे बड़े चुनावी मुद्दे?, देखिए किस दल ने क्या दिया तोहफा?

भारतराघव चड्ढा पर आतिशी का बड़ा आरोप, 'BJP से डरते हैं, अगला कदम क्या होगा?'

ज़रा हटकेVIDEO: असम में योगी का बड़ा बयान, 'घुसपैठियों को बाहर करना ही होगा'

भारतTamil Nadu Polls: बीजेपी कैंडिडेट्स की लिस्ट में अन्नामलाई का नाम नहीं, 'सिंघम' किए गए साइडलाइन या नई जिम्मेदारी की तैयारी

भारतश्रीपेरंबुदूर से उम्मीदवार तमिलनाडु कांग्रेस अध्यक्ष सेल्वापेरुन्थगई, 27 उम्मीदवार घोषित, देखिए

भारत अधिक खबरें

भारत'एकनाथ शिंदे और बलात्कार के आरोपी अशोक खरात के बीच 17 बार फोन पर बातचीत हुई', अंजलि दमानिया का आरोप

भारतमोथाबाड़ी में न्यायिक अधिकारी को किया अगवा और असली आरोपी फरार?, सीएम ममता बनर्जी ने कहा- निर्दोष लोगों को परेशान कर रही एनआईए

भारतघायल हूं इसलिए घातक हूं?, राघव ने एक्स पर किया पोस्ट, मैं बोलना नहीं चाहता था, मगर चुप रहता तो बार-बार दोहराया गया झूठ भी सच लगने लगता, वीडियो

भारत‘फ्यूचर सीएम ऑफ बिहार’?, निशांत कुमार को मुख्यमंत्री बनाओ, जदयू कार्यकर्ताओं ने पटना में लगाए पोस्टर

भारतअल्पसंख्यकों पर हमला करने वाले लोगों के साथ सीएम विजयन?, राहुल गांधी ने कहा- 140 में से 100 सीट जीतकर बनाएंगे सरकार?, भाजपा 0 पर आउट?