भुवनेश्वर: राज्यसभा के द्विवार्षिक चुनाव हो रहा है। 37 सीट खाली हुआ था और 26 उम्मीदवार पहले ही निर्विरोध जीत हासिल कर चुके हैं। अब शेष 11 सीटों के लिए मतदान हो रहा है। 11 में से तीन सीटों पर कड़ी टक्कर है। जिनमें बिहार की पांच, ओडिशा की चार और हरियाणा की दो सीटें शामिल हैं। इन 11 सीट में से 1-1 बिहार, ओडिशा और हरियाणा में मतदान हो रहा है। निर्विरोध चुने गए उम्मीदवारों में भाजपा को सात, कांग्रेस को पांच, तृणमूल कांग्रेस को चार, डीएमके को तीन और शिवसेना, आरपीआई (ए), एनसीपी, एनसीपी (एसपी), एआईएडीएमके, पीएमके और यूपीपीएल को एक-एक सीट मिली।
ओडिशा में राज्यसभा की चार सीट के लिए सोमवार को मतदान शुरू हो गया। विपक्षी पार्टी बीजू जनता दल (बीजद) ने सत्तारूढ़ दल भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) पर विधायकों की खरीद-फरोख्त का आरोप लगाया। एक अधिकारी ने बताया कि विधानसभा परिसर में मतदान सुबह नौ बजे शुरू हुआ और शाम चार बजे तक जारी रहेगा।
राज्य में 12 साल के अंतराल के बाद राज्यसभा का चुनाव हो रहा है। इस बार दो अप्रैल को रिक्त होने वाली चार सीट के लिए पांच उम्मीदवार मैदान में हैं। भाजपा ने दो उम्मीदवारों को चुनाव मैदान में उतारा है, जिनमें राज्य इकाई के अध्यक्ष मनमोहन सामल और राज्यसभा के मौजूदा सदस्य सुजीत कुमार शामिल हैं।
पूर्व केंद्रीय मंत्री दिलीप राय भी निर्दलीय उम्मीदवार के रूप में चुनाव लड़ रहे हैं और उन्हें भाजपा का समर्थन प्राप्त है। बीजद के उम्मीदवार पार्टी नेता संतृप्त मिश्रा और प्रख्यात मूत्र रोग विशेषज्ञ डॉ. दत्तेश्वर होता हैं, जिन्हें कांग्रेस और मार्क्सवादी कम्युनिस्ट पार्टी (माकपा) का समर्थन प्राप्त है। चौथी सीट पर जीत के लिए न तो सत्तारूढ़ भाजपा और न ही विपक्षी दल बीजद के पास आवश्यक संख्या बल है।
इसलिए ‘क्रॉस-वोटिंग’ की आशंका है। ओडिशा की 147 सदस्यीय विधानसभा में भाजपा के पास 79 विधायक हैं और उसे तीन निर्दलीय विधायकों का समर्थन प्राप्त है जबकि 15 जनवरी को दो विधायकों को निलंबित किये जाने के बाद बीजद के पास 48 विधायक हैं।
कांग्रेस के सदन में 14 विधायक और माकपा का एक विधायक है। ओडिशा से राज्यसभा के मौजूदा सदस्य निरंजन बिशी व मुन्ना खान (बीजद) और सुजीत कुमार व ममता मोहंता (भाजपा) का कार्यकाल दो अप्रैल को समाप्त हो रहा है, जिस कारण ये सीट रिक्त हो रही हैं।