पटना: ऐतिहासिक राजगीर की पहचान रहे गर्म जल के कुंड और धाराओं पर खतरा मंडराने लगा है। दरअसल, राजगीर की पहचान 22 कुंड और 52 धाराएं रही हैं। लेकिन अभी जनवरी माह में भीषण ठंड के मौसम में गंगा-यमुना कुंड की दो गर्म जल धाराओं के सूखने से लोग हैरान और चिंतित है। सर्द मौसम में पहली बार कुंड की धाराओं से पानी नहीं आ रहा है। कुछ साल पहले गर्मी में इन कुंडों की धाराएं कुंद पड़ी थीं। जबकि 18 मई से राजगीर में एक माह का मलमास मेला शुरू होने वाला है और स्थानीय लोग चिंतित हैं कि कुंड में पानी नहीं होने पर श्रद्धालु स्नान व पूजा-पाठ कैसे करेंगे?
बताया जाता है कि कई धाराओं से पानी निकलना बंद हो चुका है और कुंड सूख चुके हैं। इसी कड़ी में गर्म कुंड की चार धाराएं बंद हो गईं। गंगा-यमुना कुंड की दो, व्यास कुंड की एक और मार्कण्डेय कुंड की एक धारा से पानी निकलना बंद है। अहिल्या कुंड, सीता कुंड, गणेश कुंड, गौरी कुंड, राम लक्ष्मण कुंड पहले से ही बंद हैं। सप्तधारा की दो धाराएं बंद हैं। एक से पानी निकल रहा है। लोग बमुश्किल स्नान कर पाते हैं।
बाकी चार धाराओं से पानी बूंद-बूंद टपकता है। तेज चलने वाली धारा की रफ्तार कम हुई है। ब्रह्म कुंड का जलस्तर भी घटा है। ऐसे में कुंड के सूख जाने से यहां बाहर से आने वाले लोग भी निराश होकर लौट रहे हैं। राजगीर आने वाले लोगों की प्राथमिकता होती है कि वे यहां गर्म पानी के कुंड और धाराओं का आनंद लें।
आधा दर्जन धाराएं पहले ही बंद हो चुकी हैं। गर्म पानी की चार धाराएं बंद होते ही प्रशासन हरकत में आ गया है। पंडा कमेटी के अध्यक्ष ब्रह्मदेव उपाध्याय सहित अन्य लोगों ने एसडीओ से शिकायत की कि देखरेख के अभाव में कुंड और धाराएं दम तोड़ रही हैं। ध्यान नहीं दिया गया तो राजगीर की पहचान ही समाप्त हो जाएगी।
उपाध्याय ने यह भी कहा कि कुंड के पास ही पांडु पोखर पार्क में 7 समरसेबल बोरिंग कराई गई है। इससे धारा का गर्म पानी निकल रहा है। शिकायत के बाद एसडीओ लाल ज्योति नाथ साहदेव ने पांडु पार्क जाकर बोरिंग चला कर देखा। उन्होंने सातों बोरिंग के पानी की जांच की तो पाया कि सभी से कुंड की तरह ही गर्म पानी निकल रहा है।
उन्होंने तत्काल बोरिंग बंद रखने का निर्देश दिया। एसडीओ ने बताया कि वैभार गिरी पर्वत से सटे यह कुंड है और इससे सटी जमीन पर पार्क होने से बोरिंग से गर्म पानी निकल रहा है। वहीं, नालंदा के जिलाधिकारी कुंदन कुमार ने कहा कि धाराओं के बंद होने व जलस्तर घटने के कारणों की जांच होगी। फिलहाल जिस समरसेबल बोरिंग से गर्म पानी निकल रहा था उसे सील कर दिया गया है। गर्म पानी गिरना बोरिंग के चलते बंद हुआ है या इसके पीछे कोई और कारण है, इसकी जांच होगी। एसडीओ को जांच का निर्देश दे दिया गया है। राजगीर की पहचान गर्म पानी के कुंड और धाराओं से है। इसे हर हाल में संरक्षित किया जाएगा।
उल्लेखनीय है कि पौराणिक मान्यता है कि ब्रह्मा ने यहीं यज्ञ किया था। उसी वक्त उनके मानस पुत्र राजा वसु ने 22 कुंडों, 52 धाराओं का निर्माण करवाया था। वैभार गिरी से आने वाली जलधारा (ब्रह्मकुंड) का तापमान 45 से 50 डिग्री होता है। माना जाता है कि कुंड में स्नान से त्वचा रोग, जोड़ों में दर्द सहित अन्य व्याधियां दूर होती हैं। यहां मकर संक्रांति और मलमास में स्नान का विशेष महत्व है।सिंचाई विभाग की टीम ने गंगा-जमुना कुंड का अध्ययन किया है। रिपोर्ट आने के बाद जरूरी कार्य होंगे। वहीं, कुंड क्षेत्र के निट उच्च प्रवाही बोरिंग कराने वालों पर कार्रवाई होगी।