जयपुर:राजस्थान के मुख्यमंत्री अशोक गहलोत ने कोटा में छात्रों के बीच आत्महत्या के बढ़ते मामलों को देखते हुए एक समिति का गठन किया, जो उन कारणों की पड़ताल करेगी। जिसके कारण छात्रों में आत्महत्या की प्रवृत्ति बढ़ती जा रही है। मुख्यमंत्री गहलोत ने बीते मंगलवार को मिशन-2030 के लॉन्च के मौके पर कहा, "मैंने एक बैठक बुलाई है और एक समिति बनाई है जो कोटा में छात्रों के बढ़ते आत्महत्या पर हमें रिपोर्ट सौंपेगी।"
सीएम अशोक गहलोत ने इस जांच कमेटी को बनाने से एक दिन पहले पत्रकारों से कहा, "कोटा में लगभग 18-19 छात्र आत्महत्या कर चुके हैं। यह बेहद गंभीर मामला है। इसलिए छात्रों की समस्याओं को समझना हमारे लिए बहुत महत्वपूर्ण है। कोचिंग प्रबंधन प्रमुखों को एक बैठक के लिए बुलाया गया है और आत्महत्या को रोकने के लिए क्या किया जाना चाहिए इस पर चर्चा की जाएगी।"
इससे पहले राजस्थान के मुख्यमंत्री ने इस विषय पर चर्चा के लिए कोचिंग प्रबंधन के साथ आज शाम अपने आवास पर बैठक भी करेंगे। इन सारी कवायद से पहले इस महीने की शुरुआत में मुख्यमंत्री गहलोत ने जयपुर में राज्य स्तरीय 'युवा महापंचायत' के उद्घाटन समारोह में बोलते हुए कहा था कि पिछले आठ महीनों में 20 छात्रों की मौत आत्महत्या से हुई, जो हमारे लिए चिंता का विषय है। राजस्थान सरकार बच्चों के माता-पिता से आग्रह करती है कि वो अपने बच्चों पर किसी विशेष स्ट्रीम या कॉलेज के चयन के लिए दबाव न डालें।
उन्होंने आगे कहा, "यह चिंता का विषय है कि कोटा में पिछले आठ महीनों में 20 छात्रों ने आत्महत्या कर ली। मैं खुद बचपन में डॉक्टर बनना चाहता था। रात में 2-3 बजे तक पढ़ाई करता था लेकिन सफल नहीं हुआ। हालांकि, मैंने हिम्मत नहीं हारी। मैंने अपना रास्ता बदला और सामाजिक कार्यकर्ता बना। उसके बाद मैं राजनीति में आया और आज आपके सामने हूं।''