लाइव न्यूज़ :

राजस्थान विधानसभाः जब तक शरीर में सांस है, तब तक गांधी-नेहरू परिवार की गुलामी करूंगा, निर्दलीय विधायक संयम लोढ़ा बोले

By भाषा | Updated: March 23, 2022 07:57 IST

Rajasthan Assembly: भाजपा विधायक के टिप्पणी की ओर इशारा करते हुए संयम लोढ़ा ने कहा,‘‘ सदन में अभी भाजपा के विधायक विचार व्यक्त कर रहे थे, तो यह कहा कि ये तो गांधी-नेहरू परिवार के गुलाम हैं। हां, हम हैं गुलाम।’’

Open in App
ठळक मुद्दे नाराज भाजपा विधायकों ने हंगामा करते हुए सदन से बहिर्गमन किया।विश्वविद्यालय के कुलपति बनने की योग्यता में संशोधन किया गया है।राजस्थान प्रशासनिक सेवा के अधिकारियों में से करने के उपबंध के लिए लाया गया है। 

जयपुरः राजस्थान विधानसभा में मंगलवार को निर्दलीय विधायक संयम लोढ़ा ने कहा कि इस देश का निर्माण गांधी-नेहरू परिवार ने किया है और वह गांधी-नेहरू परिवार के गुलाम हैं।

सिरोही से निर्दलीय विधायक व मुख्यमंत्री अशोक गहलोत के सलाहकार लोढ़ा ने सदन में हरिदेव जोशी पत्रकारिता और जनसंचार यूनिवर्सिटी संशोधन विधेयक पर बहस के दौरान यह बात कही। भाजपा के एक विधायक के टिप्पणी की ओर इशारा करते हुए लोढ़ा ने कहा,‘‘ सदन में अभी भाजपा के विधायक विचार व्यक्त कर रहे थे, तो यह कहा कि ये तो गांधी-नेहरू परिवार के गुलाम हैं। हां, हम हैं गुलाम।’’

उन्होंने आगे कहा कि जब तक उनके शरीर में सांस है, तब तक गांधी नेहरू परिवार की गुलामी करेंगे क्योंकि इस देश का निर्माण गांधी-नेहरू परिवार ने किया है। उनके इस कथन पर सदन में हंगामा हो गया। भाजपा विधायक व उपनेता प्रतिपक्ष राजेंद्र राठौड़ ने कहा,‘‘यह नई संस्कृति आई है। आपको बधाई हो। गुलामी के लिए। ये गुलाम हैं, आप क्या समाज में संदेश देंगे।’’

सभापति जेपी चंदेलिया ने वक्ता को ‘तय बिंदु’ पर ही अपनी बात रखने को कहा। विधेयक पारित होने से पहले इसे जनमत जानने के लिए भेजने वाले प्रस्ताव पर वोटिंग के दौरान भाजपा विधायकों ने हंगामा किया। भाजपा ने इस पर मत विभाजन की मांग की। सभापति ने ध्वनिमत से ही जनमत जानने के प्रस्ताव को खारिज कर दिया। नाराज भाजपा विधायकों ने हंगामा करते हुए सदन से बहिर्गमन किया।

सदन में आज हरिदेव जोशी पत्रकारिता और जनसंचार यूनिवर्सिटी संशोधन विधेयक तथा राष्ट्रीय विधि विश्वविद्यालय संशोधन विधेयक 2022 को पारित कर दिया गया। हरिदेव जोशी पत्रकारिता और जनसंचार यूनिवर्सिटी संशोधन विधेयक के तहत इस विश्वविद्यालय के कुलपति बनने की योग्यता में संशोधन किया गया है।

संशोधन विधेयक के अनुसार चूंकि उक्त विश्वविद्यालय पूरी तरह से पत्रकारिता और जनसंचार के क्षेत्र से संबंधित है, इसलिए राज्य सरकार ने यह आवश्यक समझा है कि खोजबीन समिति पत्रकारिता और जनसंचार की किसी भी शाखा में न्यूनतम 20 साल के अनुभव वाले वृत्तिक की सिफारिश कर सकती है।'

वहीं राष्ट्रीय विधि विश्वविद्यालय संशोधन विधेयक 2022 विश्वविद्यालय के कुलपति की पदावधि की अधिकतम सीमा तय करने तथा विश्वविद्यालय के कुल सचिव की नियुक्ति् भारतीय प्रशासनिक सेवा या राजस्थान प्रशासनिक सेवा के अधिकारियों में से करने के उपबंध के लिए लाया गया है। 

टॅग्स :राजस्थानअशोक गहलोतBJPकांग्रेस
Open in App

संबंधित खबरें

भारततमिलनाडु चुनावों के लिए BJP का टिकट न मिलने के बाद अन्नामलाई ने दिया अपना स्पष्टीकरण

क्राइम अलर्टपत्नी की गला रेतकर हत्या और पति ने खुद को चाकू से वार कर आत्महत्या का किया प्रयास

क्राइम अलर्टराजस्थान सड़क हादसाः पुलिस उपनिरीक्षक सहित 4 लोगों की मौत, भरतपुर में तेज रफ्तार कार ने 3 को कुचला

कारोबारकेरलम विधानसभा चुनावः वृद्ध आबादी 16.5 प्रतिशत?, पेंशन, स्वास्थ्य सुविधाएं और सुरक्षा सबसे बड़े चुनावी मुद्दे?, देखिए किस दल ने क्या दिया तोहफा?

भारतराघव चड्ढा पर आतिशी का बड़ा आरोप, 'BJP से डरते हैं, अगला कदम क्या होगा?'

भारत अधिक खबरें

भारतMadhya Pradesh: अनूपपुर ज़िले में चार-मंज़िला होटल गिरने से मलबे में कई लोगों के फँसे होने की आशंका, एक की मौत

भारतलखनऊ सहित यूपी के 17 शहरों में कूड़े का अंबार?, मतदान करने असम गए हजारों सफाईकर्मी, 12 अप्रैल को लौंटेगे?

भारतबारामती विधानसभा सीटः सुनेत्रा पवार के खिलाफ प्रत्याशी ना उतारें?, सीएम देवेंद्र फडणवीस ने कहा- निर्विरोध जिताएं, सभी दलों से की अपील

भारत'एकनाथ शिंदे और बलात्कार के आरोपी अशोक खरात के बीच 17 बार फोन पर बातचीत हुई', अंजलि दमानिया का आरोप

भारतमोथाबाड़ी में न्यायिक अधिकारी को किया अगवा और असली आरोपी फरार?, सीएम ममता बनर्जी ने कहा- निर्दोष लोगों को परेशान कर रही एनआईए