नई दिल्लीः प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी शुक्रवार को मुख्यमंत्रियों के साथ बैठक की अध्यक्षता करेंगे। प्रधानमंत्री मोदी लोकसभा और राज्यसभा को संबोधित कर चुके हैं। मध्य पूर्व में चल रहे संघर्ष के मद्देनजर राज्यों की तैयारियों की समीक्षा की जाएगी। सूत्रों के अनुसार ईरान द्वारा महत्वपूर्ण होर्मुज जलडमरूमध्य पर अपना नियंत्रण बनाए रखने और ऊर्जा आपूर्ति को प्रभावित करने के मद्देनजर बैठक में 'टीम इंडिया' की भावना से प्रेरित प्रयासों में तालमेल सुनिश्चित करने पर ध्यान केंद्रित किया जाएगा। प्रधानमंत्री ने मंगलवार को राज्यसभा में अपने भाषण के दौरान इस दृष्टिकोण का आह्वान किया था, जिसमें उन्होंने कहा था कि युद्ध के प्रभाव लंबे समय तक बने रहने की संभावना है।
सभी से मिलकर काम करने का आग्रह किया था। राज्य सरकारों को भारत की मजबूत विकास गति को बनाए रखने के लिए प्रोत्साहित करते हुए पीएम मोदी ने कोविड-19 महामारी के दौरान प्रदर्शित अनुकरणीय 'टीम इंडिया' की भावना को याद किया, जब केंद्र और राज्यों ने परीक्षण, टीकाकरण और आवश्यक वस्तुओं की आपूर्ति में सहयोग किया था।
सरकार ने बृहस्पतिवार को कहा कि देश के पास लगभग 60 दिनों का ईंधन भंडार है और पेट्रोल, डीजल या रसोई गैस (एलपीजी) की कोई कमी नहीं है। सरकार ने ईंधन की कमी की खबरों को ‘जानबूझकर फैलाया गया गलत सूचना अभियान’ बताया, जिसका उद्देश्य लोगों में दहशत पैदा करना है।
ईरान ने भारत समेत पांच देशों को होर्मुज जलडमरूमध्य से गुजरने की अनुमति दी
ईरान ने भारत, चीन, रूस, पाकिस्तान एवं इराक जैसे ‘‘मित्र देशों’’ को वाणिज्यिक नौवहन के लिए होर्मुज जलडमरूमध्य का इस्तेमाल करने की अनुमति दी है। ईरान के विदेश मंत्री सैयद अब्बास अराघची ने यह जानकारी दी।
ईरान द्वारा होर्मुज जलडमरूमध्य को अवरुद्ध कर दिए जाने के बाद से वैश्विक स्तर पर तेल और गैस की कीमतों में उछाल आया है। होर्मुज जलडमरूमध्य फारस की खाड़ी और ओमान की खाड़ी के बीच एक संकरा नौवहन मार्ग है जिससे दुनिया के लगभग 20 प्रतिशत तेल और एलएनजी (द्रवीकृत प्राकृतिक गैस) का परिवहन होता है।