लाइव न्यूज़ :

'अच्छा फिजियोथेरेपिस्ट वही जिसकी जरूरत बार-बार मरीज को न हो', बोले पीएम मोदी- आप मुश्किल समय में 'सिम्बल ऑफ होप' हैं

By लोकमत न्यूज़ डेस्क | Updated: February 11, 2023 12:10 IST

प्रधानमंत्री ने कहा- कोई चोट,दर्द, युवा,खिलाड़ी,बुर्जुग हो या फिर फिटनेस के मुरीद हो फिजियोथेरेपिस्ट हर परिस्थिति हर उर्म के लोगों के सहयोगी बनकर उनकी तकलीफ दूर करते हैं।

Open in App
ठळक मुद्दे60वां राष्ट्रीय आईएपी सम्मेलन में पीएम ने कहा कि फिजियोथेरेपी की तरह देश के विकास के लिए भी निरंतरता और दृढ़ संकल्प जरूरी हैदो दिवसीय 60वां राष्ट्रीय आईएपी सम्मेलन 16 वर्ष के अंतराल के बाद गुजरात में आयोजित किया जा रहा है।सम्मेलन का एक आकर्षण चिकित्सकों के लिए पहली बार ‘वैज्ञानिक प्रस्तुतियां’ (पत्र और पोस्टर प्रस्तुतियां) हैं। 

अहमदाबादः प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने शनिवार को कहा कि फिजियोथेरेपी की तरह देश के विकास के लिए भी निरंतरता और दृढ़ संकल्प जरूरी है। मोदी ने यहां ‘इंडियन एसोसिएशन ऑफ फिजियोथेरेपिस्ट’ (आईएपी) के 60वें राष्ट्रीय सम्मेलन को डिजिटल तरीके से संबोधित करते हुए कहा, ‘‘फिजियोथेरेपी की तरह देश के विकास के लिए भी निरंतरता और दृढ़ संकल्प जरूरी है। फिजियोथेरेपिस्ट को लोगों को सही व्यायाम, सही मुद्रा और स्वयं को स्वस्थ रखने के लिए सही चीजों के बारे में जानकारी देनी चाहिए।’’

प्रधानमंत्री ने कहा- कोई चोट, दर्द, युवा, खिलाड़ी, बुर्जुग हो या फिर फिटनेस के मुरीद हो फिजियोथेरेपिस्ट हर परिस्थिति हर उर्म के लोगों के सहयोगी बनकर उनकी तकलीफ दूर करते हैं। आप मुश्किम समय में सिम्बल ऑफ हॉप बनते हैं। उन्होंने कहा कि अच्छा फिजियोथेरेपिस्ट वही है जिसकी जरूरत बार-बार मरीज को न हो। हम कह सकते हैं कि लोगों को सेल्फ रेजिलियन बनाना यही अपना गोल है।

प्रधानमंत्री ने कहा कि उन्हें भी कभी-कभी फिजियोथेरेपिस्ट की मदद की जरूरत पड़ती है, लेकिन उन्होंने इसे योग के साथ जोड़ने का सुझाव दिया। यह भी कहा कि आज जब भारत आत्मनिर्भरता की ओर बढ़ रहा है तो आपके प्रोफेशन के लोग आसानी से यह समझ सकते हैं कि यह हमारे देश के भविष्य के लिए महत्वपूर्ण क्यों है।

दो दिवसीय 60वां राष्ट्रीय आईएपी सम्मेलन 16 वर्ष के अंतराल के बाद गुजरात में आयोजित किया जा रहा है। इस दौरान भारत और विदेशों के विशेषज्ञ इस क्षेत्र में प्रगति पर विचार-विमर्श करेंगे। सम्मेलन का एक आकर्षण चिकित्सकों के लिए पहली बार ‘वैज्ञानिक प्रस्तुतियां’ (पत्र और पोस्टर प्रस्तुतियां) हैं। 

टॅग्स :नरेंद्र मोदीगुजरात
Open in App

संबंधित खबरें

ज़रा हटकेबनारस में सीएम यादव श्री राम भंडार में रुके और कचौड़ी, पूरी राम भाजी और जलेबी का स्वाद लिया?, वीडियो

कारोबार‘युवा आबादी’ के लाभ को भुनाने की चुनौती?, 20 से 29 वर्ष के 6.3 करोड़ स्नातकों में से 1.1 करोड़ बेरोजगार?

भारतVIDEO: चाय बागान से चुनावी हुंकार! पीएम मोदी ने श्रमिकों संग तोड़ी पत्तियां, बोले- असम में NDA हैट्रिक को तैयार

भारतएक शांत दिखने वाली विदाई से हुई भारी क्षति!

कारोबारMP-UP Sahyog Sammelan: मप्र-उप्र मिलकर लिखेंगे विकास की नई इबारत?, बाबा विश्वनाथ की शरण में सीएम डॉ. मोहन

भारत अधिक खबरें

भारतMadhya Pradesh: अनूपपुर ज़िले में चार-मंज़िला होटल गिरने से मलबे में कई लोगों के फँसे होने की आशंका, एक की मौत

भारततमिलनाडु चुनावों के लिए BJP का टिकट न मिलने के बाद अन्नामलाई ने दिया अपना स्पष्टीकरण

भारतलखनऊ सहित यूपी के 17 शहरों में कूड़े का अंबार?, मतदान करने असम गए हजारों सफाईकर्मी, 12 अप्रैल को लौंटेगे?

भारतबारामती विधानसभा सीटः सुनेत्रा पवार के खिलाफ प्रत्याशी ना उतारें?, सीएम देवेंद्र फडणवीस ने कहा- निर्विरोध जिताएं, सभी दलों से की अपील

भारत'एकनाथ शिंदे और बलात्कार के आरोपी अशोक खरात के बीच 17 बार फोन पर बातचीत हुई', अंजलि दमानिया का आरोप