नई दिल्ली: प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी मुख्यमंत्रियों के साथ एक वर्चुअल बैठक कर रहे हैं, ताकि तैयारियों की समीक्षा की जा सके और यह सुनिश्चित किया जा सके कि पश्चिम एशिया में जारी संघर्ष और होर्मुज जलडमरूमध्य के अवरुद्ध होने से उत्पन्न वैश्विक संकट के बावजूद भारत की ईंधन और ऊर्जा आपूर्ति अनुकूल बनी रहे।
इस पहल का उद्देश्य 'टीम इंडिया' के प्रयासों में तालमेल सुनिश्चित करना है। सरकार की ओर से अभी तक इस बैठक का विवरण साझा नहीं किया गया है। केंद्र सरकार ने देश की ऊर्जा ज़रूरतों को पूरा करने के लिए कई कदम उठाए हैं, और ज़मीनी स्तर पर इनके क्रियान्वयन में राज्यों की भूमिका अहम बनी हुई है।
'टीम इंडिया' का नज़रिया
यह बैठक नरेंद्र मोदी की उस चेतावनी के कुछ दिनों बाद हुई है, जिसमें उन्होंने कहा था कि पश्चिम एशिया में चल रहे संकट के भारत पर लंबे समय तक असर पड़ सकते हैं। उन्होंने छह साल पहले आई COVID-19 महामारी का भी ज़िक्र किया और इस बात पर ज़ोर दिया कि केंद्र और राज्यों को मिलकर काम करना चाहिए, ठीक वैसे ही जैसे उन्होंने उस समय किया था।
महामारी के दौरान दिखाई गई 'टीम इंडिया' की भावना को याद करते हुए उन्होंने कहा, "मैं सभी राज्य सरकारों से अपील करता हूँ कि वे ज़रूरी चीज़ों की लगातार सप्लाई सुनिश्चित करने के लिए खास इंतज़ाम करें, ताकि उसमें कोई रुकावट न आए।" उन्होंने आगे कहा, "अब इसी भावना से देश का मार्गदर्शन होना चाहिए।"
चुनाव वाले राज्यों के मुख्यमंत्रियों को बैठक से छूट
जिन राज्यों में चुनाव होने वाले हैं, वहाँ के मुख्यमंत्री इस बैठक में शामिल नहीं हो रहे हैं। इसकी वजह यह है कि अप्रैल में होने वाले विधानसभा चुनावों से पहले वहाँ 'आचार संहिता' (MCC) लागू है।
यह पहली बार है जब नरेंद्र मोदी ने मुख्यमंत्रियों के साथ खास तौर पर पश्चिम एशिया संघर्ष पर बैठक बुलाई है। यह संघर्ष 28 फरवरी को तब शुरू हुआ था, जब अमेरिका और इज़रायल ने मिलकर ईरान पर हमले किए थे। तब से लेकर अब तक, ईरान ने भी मिसाइल और ड्रोन हमलों से पलटवार किया है, जिनमें इज़रायल के साथ-साथ कई खाड़ी देशों को भी निशाना बनाया गया है।
गुरुवार को पेट्रोलियम और प्राकृतिक गैस मंत्रालय ने बताया कि भारत में पेट्रोलियम और LPG की सप्लाई पूरी तरह से सुरक्षित और नियंत्रण में है, और सभी रिटेल फ्यूल आउटलेट्स पर पर्याप्त स्टॉक मौजूद है। मंत्रालय ने यह भी कहा कि देश में कहीं भी पेट्रोल, डीज़ल या LPG की कोई कमी नहीं है।
मंत्रालय ने नागरिकों से यह भी अपील की कि वे "जान-बूझकर फैलाई जा रही गलत जानकारियों के एक सुनियोजित और शरारती अभियान" से गुमराह न हों, जिसका मकसद बेवजह घबराहट फैलाना है।